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शोएब मलिक के बयान से उठा विवाद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के कप्तान शोएब मलिक के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. शोएब ने समर्थन के लिए दुनिया भर के मुसलमानों का शुक्रिया अदा किया था. उनके इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है. हालाँकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहता है. ट्वेंटी-20 विश्व कप में भारत के ख़िलाफ़ फ़ाइनल मुक़ाबले के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में शोएब मलिक ने कहा, " सबसे पहले मैं पाकिस्तान और दुनियाभर में रह रहे मुसलमानों का शुक्रिया अदा करना चाहूँगा, मुझे दुख है कि हम जीत नहीं सके." हालाँकि पीसीबी ने शोएब के इस बयान से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि बेहतर होगा कि इस मसले पर शोएब मलिक से ही सवाल किए जाएँ. पीसीबी ने पल्ला झाड़ा पीसीबी के मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) सफ़क़त नजमी ने बीबीसी से कहा, " इस बयान के क्या मायने हैं, इसका जवाब तो शोएब मलिक ही दे सकते हैं. मेरे ख़्याल से वो दुनियाभर में पाकिस्तान टीम के प्रशंसकों की बात कर रहे होंगे." खेल पत्रकार प्रदीप मैगज़ीन नहीं मानते कि यह मामला ज्यादा तूल पकड़ेगा. उनका कहना था, "मेरे ख़्याल से उनका मक़सद इस बयान से किसी तरह की राजनीति करना नहीं था. उनके जेहन में तो शायद ये बात भी नहीं रही होगी कि जिस मैच के लिए वह यह बात कह रहे हैं, उसके लिए एक मुसलमान (भारत के इरफ़ान पठान) को मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार दिया गया." भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सैयद किरमानी का कहना था,'' शोएब को ऐसा नहीं कहना चाहिए था. खेल में मज़हब की दखलंदाज़ी नहीं होनी चाहिए. मेरे ख्याल में कोई मज़हब का सहारा लेकर आगे बढ़ने की सोच रहा है, तो वह अनपढ़ है.'' उल्लेखनीय है कि सोमवार को हुए रोमांचकारी फ़ाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पाँच रन से हराकर ख़िताब पर कब्जा कर लिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें जीत का जोश भरा जश्न25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारतीय क्रिकेट सुरक्षित हाथों में है: सचिन25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया माही के शहर में जश्न का माहौल24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'इससे बड़ी जीत और क्या हो सकती है'24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया युवा ब्रिगेड के क़दमों में दुनिया24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'विश्व कप में मेहनत काम आई'24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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