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टी-20 सफल लेकिन वनडे महत्वपूर्ण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का कहना है कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट की ज़बर्दस्त सफलता के बावजूद एकदिवसीय मैचों की संख्या में कोई कमी नहीं होगी. आईसीसी के प्रमुख कार्यकारी मैल्कम स्पीड ने कहा कि ट्वेंटी-20 को लोगों से मीडिया से और खिलाड़ियों से जैसी प्रतिक्रिया मिली है वो उनकी उम्मीदों से बढ़कर है. ट्वेंटी-20 की सफलता और भारत की जीत के बाद ऐसी मांगें उठी हैं कि चैंपियंस ट्रॉफी प्रतियोगिता रद्द कर दी जाए. लेकिन मैल्कम स्पीड ने बीबीसी से कहा ' हम 2008 औऱ 2010 में चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है.' उनका कहना था ' अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में ट्वेंटी-20 को फिट कर पाना हमारी सबसे बड़ी समस्या है. ' अगला ट्वेंटी-20
अगला ट्वेंटी-20 विश्व कप 2009 में इंग्लैंड में आयोजित किया जाएगा. स्पीड का कहना था कि ट्वेंटी-20 काफी सफल रहा है लेकिन इसके कारण चार साल पर होने वाला विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और विभिन्न देशों के बीच होने वाले एकदिवसीय मैच कम नहीं होंगे. उन्होंने कहा ' मैं पिछले दो विश्व कप प्रतियोगिताओं की आलोचनाओं से सहमत नहीं हूं लेकिन इसमें से कुछ सही ज़रुर हैं.लेकिन इसके बावजूद मैं ये कह सकता हूं कि ट्वेंटी-20 की सफलता से बहुत खुशी मिली है. ' वेस्टइंडीज़ में इस साल हुए विश्व कप की ख़ासी आलोचना हुई थी और कई मैचों में मैदान पर लोग ही नहीं थे क्योंकि टिकटों की क़ीमतें अधिक थी. इसके उलट दक्षिण अफ़्रीका में टिकटों की क़ीमतें कम थीं, दर्शकों को गाने बजाने का सामान और झंडे लाने की अनुमति थी, नतीजा भीड़-भाड़ औऱ टूर्नामेंट सफल. स्पीड का कहना था ' मैदान पर इतने झंडे एक बार में कभी नहीं देखे गए. हमें पुराने अनुभवों से सीखना चाहिए. ' पाकिस्तान में अगले साल होने वाली चैपियंस ट्रॉफ़ी के बारे में उनका कहना था कि इसमे आठ टीमें होंगी और दो पूल. कम मैच लेकिन रोमांचक मैच होंगे. स्पीड ने बार बार एकदिवसीय मैचों के महत्व का बखान किया और कहा कि हर टीम के लिए सीमित ट्वेंटी-20 मैच खेलने की नीति है. कोई भी टीम एक साल में तीन घरेलू और विदेश में चार टी-20 मैच खेल सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इससे बड़ी जीत और क्या हो सकती है'24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया माही के शहर में जश्न का माहौल24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'बल्ले से जवाब दे सकता हूँ'25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'जब भी मौक़ा मिलेगा जान लगाकर खेलूँगा'25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया शोएब मलिक के बयान से उठा विवाद25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारतीय क्रिकेट सुरक्षित हाथों में है: सचिन25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया ज़ोरदार स्वागत की तैयारियाँ25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया बदली क्रिकेट की दिशा..25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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