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सानिया और भूपति ने ख़िताब जीते | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सानिया मिर्ज़ा और महेश भूपति ने अपने-अपने जोड़ीदारों के साथ पायलट पेन टूर्नामेंट के पुरूषों और महिलाओं के डबल्स ख़िताब जीत लिए हैं. यूएस ओपन शुरू होने से ठीक पहले के महत्वपूर्ण पायलट पेन टूर्नामेंट में महेश भूपति और सर्बिया के निनाद ज़िमोनिच ने पोलेंड के मैरियस फ़्रिस्टनबर्ग और मार्सिन मैटकौस्की की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-3 , 6-3 से हराकर ख़िताब जीत लिया. वहीं महिलाओं के डबल्स फ़ाइनल में तीसरी वरीयता प्राप्त सानिया मिर्ज़ा और इटली की मारा संतांजेलो की जोड़ी ने पहली वरीयता वाली जोड़ी ज़िंबाब्वे की कारा ब्लैक और अमरीका की लिज़ेल ह्यूबर को सीधे सेटों में 6-1, 6-2 से करारी मात देकर खिताब हथिया लिया. एक घंटे के करीब चले मैच के पहले ही सेट में सानिया और उनकी जोड़ीदार ने अपने फ़न का प्रदर्शन करते हुए अच्छा तालमेल दिखाया औऱ सिर्फ़ एक गेम ही गँवाया. दूसरे सेट में भी कहानी कुछ ऐसी ही रही कि सानिया और मारा की जोड़ी ने अच्छी सर्विस और बेहतरीन वॉली गेम के सहारे सिर्फ़ दो ही गेम गंवाए और सेट जीतकर ख़िताब अपने नाम किया. 'मनोबल बढ़ा है' सानिया ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि यूएस ओपन से पहले उन्हें एक ख़िताब और मिल गया. उनका कहना था, “मुझे खुशी है कि मैं यूएस ओपन शुरू होने से पहले कई टूर्नामेंट में अच्छे खेल का प्रदर्शन कर सकी. इसके कारण मुझे ग्रैंड स्लैम से पहले बहुत अच्छा अहसास हो रहा है और मेरा मनोबल भी काफ़ी बढ़ा है.” सानिया की जोड़ीदार इटली की मारा सेंतेंजेलो ने तो भारतीय जोड़ीदार के साथ साथ भारत की संस्कृति का हिस्सा भी अपने साथ रखा है. उन्होंने अपनी गर्दन के पीछे हिंदी भाषा में जीत शब्द का गोदना करवाया है. इस गोदने के बारे में उनका कहना था, “मैं जब बंगलौर में एक ख़िताब जीती थी तभी से मैंने यह हिंदी का शब्द अपने शरीर पर गोदवा लिया था. और यह मेरे साथ भारत में मिली जीत की निशानी के तौर पर हमेशा रहेगा.” सानिया और मारा को इस ख़िताबी जीत के लिए करीब 28 हज़ार डॉलर और महेश भूपति-निनाद ज़िमोनिच की जोड़ी को करीब 34 हज़ार डॉलर की ईनामी राशि मिली. इस साल अमरीका में सानिया मिर्ज़ा अपने बेहतरीन फ़ॉर्म में नज़र आ रही हैं. इसी अच्छे खेल के चलते सानिया की रैंकिंग भी सुधरी है. उन्हें अभी विश्व रैंकिंग करियर की सबसे बेहतरीन 26वीं वरीयता मिली हुई है. मशहूर येल विश्वविद्यालय के टेनिस सेंटर स्टेडियम में दोंनों भारतीय खिलाड़ियों के डबल्स के ख़िताबी मैच के दौरान स्टेडियम में बैठे बहुत से भारतीय मूल के दर्शक उनका काफ़ी मनोबल बढ़ा रहे थे. |
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