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गुरुवार, 12 जुलाई, 2007 को 11:25 GMT तक के समाचार
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'वेसल्स भारत का कोच बनने के इच्छुक'
केप्लर वेसल्स
केप्लर वेसल्स दो देशों ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ़्रीका से क्रिकेट खेल चुके हैं
दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कप्तान कैपलर वेसल्स भी भारतीय टीम के कोच बनने की दौड़ में शामिल हो गए हैं. इसके साथ ही अटकलों का दौर फिर शुरू हो गया है.

वेसल्स फिलहाल दक्षिण अफ़्रीका की 'ए' टीम के कोच हैं. मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार उन्होंने सीधे-सीधे तो नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय टीम का कोच बनने की इच्छा जताई है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार वेसल्स ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया है और वेसल्स के एजेंट भारतीय क्रिकेट टीम के एक वरिष्ठ खिलाड़ी के माध्यम से बोर्ड से बात कर रहे हैं.

इससे पूर्व, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कोच ग्राहम फ़ोर्ड को टीम के कोच का प्रस्ताव दे चुका था, लेकिन शुरुआती रज़ामंदी के बाद फ़ोर्ड ने इसे ठुकरा दिया था.

इस घटना से आहत बीसीसीआई अब हर क़दम फूँक-फूँक कर रख रहा है और कोच की नियुक्ति को लेकर किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाना चाहता.

दावेदार

फिलहाल वेसल्स के अलावा, तीन और दावेदार ऑस्ट्रेलिया के जॉन डायसन, क्वींसलैंड के कोच टैरी ओलिवर और न्यूज़ीलैंड ए टीम के कोच डेव नोसवर्दी कोच पद की होड़ में शामिल हैं.

 अभी वह दक्षिण अफ़्रीका की ‘ए’ टीम के कोच हैं तो उन्हें कोचिंग का भी अनुभव है. अगर वेसल्स कोच पद को लेकर गंभीर हैं तो मुझे लगता है कि वह प्रबल दावेदार होंगे
अरुण लाल, पूर्व क्रिकेटर

विश्व कप में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल ने कोच पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और इसके बाद से यह पद रिक्त है.

ख़बरों के अनुसार वेसल्स ने लंदन स्थित अपने एजेंट के माध्यम से बीसीसीआई से संपर्क साधा है और बोर्ड को अपनी इच्छा से अवगत कराया है.

अहमियत

भारत के पूर्व क्रिकेटर और खेल समीक्षक अरुण लाल ने वेसल्स के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं पर बीबीसी से कहा, “बीसीसीआई के नज़रिए से वेसल्स का नाम बहुत अहम है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट सीखी और खेली. इसके बाद उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका का नेतृत्व किया. वे बहुत अनुभवी हैं."

उन्होंने आगे कहा, "अभी वे दक्षिण अफ़्रीका की ‘ए’ टीम के कोच हैं तो उन्हें कोचिंग का भी अनुभव है. अगर वेसल्स कोच पद को लेकर गंभीर हैं तो मुझे लगता है कि वह प्रबल दावेदार होंगे.”

 भारतीय टीम के पास रॉबिन और वेंकटेश के रूप में दो अच्छे कोच हैं. टीम को हाई प्रोफाइल कोच की कोई ज़रूरत नहीं है
कपिल देव, पूर्व कप्तान, भारत

लेकिन 1983 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव का मानना है कि जब रॉबिन सिंह और वेंकटेश प्रसाद फील्डिंग और गेंदबाजी कोच की भूमिका निभा ही रहे हैं, तो फिर एक बड़े नाम वाले विदेशी कोच की क्या ज़रूरत है.

उनका कहना है कि प्रदर्शन तो खिलाड़ियों को ही करना है, कोच कोई हो, इससे क्या फ़र्क पड़ता है.

कपिल देव कहते हैं, “भारतीय टीम के पास रॉबिन और वेंकटेश के रूप में दो अच्छे कोच हैं. टीम को हाई प्रोफ़ाइल कोच की कोई ज़रूरत नहीं है.”

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