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'ऑस्ट्रेलिया है सबसे प्रबल दावेदार' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ का कहना है कि मुख्य ड्रा में आने वाली कोई भी टीम चैम्पियंस ट्रॉफ़ी जीत सकती है लेकिन ऑस्ट्रेलिया इसका प्रबल दावेदार है. उनका मानना है कि पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलियाई टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है, इसलिए वो एक मुख्य दावेदार हैं. भारतीय कप्तान ने बीबीसी हिंदी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव के साथ बातचीत में यह भी माना कि क्रिकेट अनिश्चतताओं का खेल है और मुख्य दौर में आने वाली कोई भी टीम चैम्पियंस ट्रॉफ़ी अपने नाम कर सकती है. पेश है बातचीत के मुख्य अंश... चैम्पियंस ट्रॉफ़ी में भारत की क्या संभावनाएँ हैं? हमारी कोशिश है कि हम अच्छा प्रदर्शन करें. यह एक बड़ा टूर्नामेंट है और वो भी घरेलू स्थितियों में. लड़के उत्साहित हैं. अग़र अच्छी शुरुआत मिली तो हम आगे जा सकते हैं. लेकिन ये भी याद रखना होगा कि बाक़ी टीमें भी अच्छी हैं और वे अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं. क्या इससे विश्व कप की तैयारी में मदद मिलेगी? हाँ, आप कह सकते हैं. विश्व कप पाँच-छह माह दूर है. लेकिन ये अच्छा मौका है यह देखने का कि टीम के प्रदर्शन का स्तर क्या है. बाकी टीमें भी ये जाँचेंगी कि उनकी मुख्य ताक़त क्या है और रणनीति कैसी है. वैसे तो कोई भी टीम कभी भी किसी को हरा सकती है लेकिन आपकी नज़र में चैम्पियंस ट्रॉफ़ी का मुख्य दावेदार कौन है? स्वाभाविक रुप से ऑस्ट्रेलिया. वो एक बड़े दावेदार हैं. पिछले दो-तीन सालों में ऑस्ट्रेलिया ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. पर मैं ये मानता हूँ कि मुख्य दौर में जो भी आठ टीमें पहुँचेंगी उनमें से कोई भी टूर्नामेंट जीत सकती है. जैसे पिछली बार वेस्टइंडीज़ ने जीता था. वनडे क्रिकेट में और ख़ास कर ऐसे टूर्नामेंट में जहाँ ज़्यादा मैच नहीं हैं, अग़र आप शुरू के दो तीन मैच जीत गए तो सेमीफ़ाइनल या फ़ाइनल तक पहुँच सकते हैं. ऐसी हालत में सब टीमों के पास इतनी क्षमता है कि वो टूर्नामेंट जीत जाएँ. भारतीय रणनीति में मुख्य खिलाड़ी कौन होंगे. बैटिंग में बॉलिंग में? देखिए हमारे लिए टीम एकजुट होकर खेले इसकी ज़रूरत है. सचिन काफ़ी दिनों बाद वापस आए हैं. अच्छी फॉर्म में हैं. यह उनके लिए और टीम के लिए अच्छी बात है. लेकिन युवराज और धोनी जैसे कुछ खिलाड़ी हाल के दिनों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं? हम लोग इतना क्रिकेट खेलते हैं कि हमेशा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते. उतार-चढ़ाव होता रहता है. आप पूरे साल लगातार खेलते जाओगे तो लगातार बढ़िया नहीं खेल सकते. ये लगभग नामुमकिन है. साल के शुरू में इंग्लैंड और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भी कुछ खिलाड़ी फॉर्म में नहीं थे लेकिन दो-तीन और ख़िलाड़ियों ने उनकी कमी पूरी की. इसीलिए सामूहिक प्रयास की ज़रूरत है. राहुल, आपका खुद का कोई लक्ष्य? नहीं ऐसा कोई निजी लक्ष्य नहीं है. अच्छी कप्तानी करनी है. बढ़िया टीम बनाना है. अग़र टीम बढ़िया बन जाए तो हम ज़्यादा से ज़्यादा टूर्नामेंट जीतेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मेरे वज़न से खेल पर फ़र्क़ नहीं पड़ता'13 अक्तूबर, 2006 | खेल बांग्लादेश की ज़िम्बाब्वे पर आसान जीत13 अक्तूबर, 2006 | खेल अज़हर को सम्मानित करने का फ़ैसला12 अक्तूबर, 2006 | खेल श्रीलंका ज़िम्बाब्वे को हराकर अगले दौर में10 अक्तूबर, 2006 | खेल 'टीम में ज़्यादा बदलाव न हो'08 अक्तूबर, 2006 | खेल नाटकीय अंदाज़ में यूनिस को फिर कप्तानी07 अक्तूबर, 2006 | खेल शहरयार ख़ान ने इस्तीफ़ा दिया06 अक्तूबर, 2006 | खेल चैम्पियंस ट्रॉफ़ी: मोहाली में कड़ी सुरक्षा05 अक्तूबर, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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