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अज़हर को सम्मानित करने का फ़ैसला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पूर्व कप्तान और मैच फ़िक्सिंग मामले में पाबंदी झेल रहे मोहम्मद अज़हरुद्दीन को अगले महीने एक विशेष आयोजन के दौरान सम्मानित करने के अपने फ़ैसले को सही ठहराया है. बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "हम भारतीय क्रिकेट टीम के सभी कप्तानों को उनके योगदान के लिए सम्मानित कर रहे हैं. अज़हरुद्दीन का नाम भी सूची में है और ये उनके भारतीय क्रिकेट को योगदान के लिए हैं. बोर्ड को नहीं लगता कि इसमें कोई ग़लत बात है." भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान 43 वर्ष के हैं. मैच फ़िक्सिंग मामले के कारण बोर्ड ने उन पर वर्ष 2000 में क्रिकेट से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने पर पाबंदी लगा दी थी. इनमें खेलना, कोच करना या आधिकारिक पद संभालना शामिल है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पूर्व क्रिकेटरों को मिलने वाली पेंशन भी उन्हें न देने का फ़ैसला किया था. अज़हरुद्दीन के साथ-साथ अजय शर्मा पर भी पाबंदी लगाई गई थी जबकि अजय जडेजा और मनोज प्रभाकर को पाँच साल के लिए निलंबित किया गया था. ये भी दिलचस्प है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया भी मौजूद होंगे. उनके ख़िलाफ़ 1998 में आईसीसी के दूरदर्शन को दिए गए टीवी प्रसारण के अधिकार के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) जाँच कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें अज़हरुद्दीन ने की अपील10 जून, 2003 | खेल अजय जडेजा की जीत01 जनवरी, 1970 | खेल पाकिस्तानी टीम आरोपों से बरी18 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना बदनामी का दाग़ लेकर गए क्रोन्ये01 जून, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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