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गुरुवार, 28 सितंबर, 2006 को 04:25 GMT तक के समाचार
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बीसीसीआई और आईसीसी में ठनी
चैपल-पवार
कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर बीसीसीआई और आईसीसी के बीच सहमति नहीं है
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के 'सदस्यता भागीदारी समझौते' को मौजूदा स्वरुप में ख़ारिज कर दिया है.

बीसीसीआई बोर्ड की बैठक के बाद इसके कोषाध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा कि आईसीसी ने सदस्य देशों की भागीदारी से संबंधित जो समझौता तैयार किया है वह स्वीकार करने लायक नहीं है.

इस समझौते में कहा गया है कि वर्ष 2007-08 के सीजन से शुरु होकर वर्ष 2015 तक होने वाले सभी टूर्नामेंट आईसीसी के मातहत खेले जाएँगे.

विरोध

श्रीनिवासन ने कहा, "हमने इस समझौते के मौजूदा स्वरुप को ख़ारिज कर दिया है और इस मामले पर एक समिति का गठन किया है जो यह सुझाव देगी कि किन न्यूनतम मानकों पर हम सहमत हो सकते हैं."

उनके मुताबिक आईसीसी का मसौदा दस्तावेज़ भारी भरकम है और इसके कई पहलुओं पर बोर्ड की बैठक में आपत्ति जाहिर की गई.

समझौते के किन प्रावधानों पर आपत्ति जताई गई, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, " इसमें टूर्नामेंट के मार्केटिंग अधिकार और खिलाड़ियों के निजी विज्ञापन करार का मामला शामिल है. इसी तरह कई ऐसे प्रावधानों पर हमें आपत्ति है."

श्रीनिवासन ने बताया कि इस मामले पर गठित समिति की अगुआई बीसीसीआई उपाध्यक्ष और मार्केटिंग कमेटी के सदस्य ललित मोदी करेंगे. वो अध्यक्ष के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे.

उन्होंने यह भी माना कि भारत शायद पहला ऐसा देश है जिसने आईसीसी के इस समझौते को मानने से इनकार कर दिया है.

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