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क्रिकेट कम खेली जानी चाहिए: सहवाग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के उपकप्तान वीरेंदर सहवाग का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कम खेली जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि कप्तान राहुल द्रविड़ और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों ने यह बात भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सामने उठाई है. उनका मानना है, '' बहुत अधिक क्रिकेट हो रही है. खिलाड़ियों को विश्राम चाहिए अन्यथा उनकी क्षमता चुक जाएगी.'' सहवाग मानते हैं कि खिलाड़ियों को फिट रहने के लिए वक्त चाहिए और अपने खेल पर ध्यान देने के लिए भी समय चाहिए. समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि मौजूदा क्रिकेट कार्यक्रम काफ़ी पहले तय हो गया था इसलिए इसमें परिवर्तन संभव नहीं है. लेकिन उसने आश्वासन दिया गया है कि खिलाड़ियों को विश्राम मिले, इस बात का ध्यान रखा जाएगा. सहवाग का कहना था, '' हर सिरीज़ के बाद खिलाड़ियों को 20 से 25 दिनों का विश्राम मिलना चाहिए. यदि साल में खिलाड़ियों को 3 से 4 महीने का विश्राम मिलता है तो यह खिलाड़ियों और बीसीसीआई दोनों के लिए अच्छा है.'' सहवाग पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं. उन्होंने पिछली 9 टेस्ट पारियों में 15 रन बनाए हैं और 15 एकदिवसीय मैचों में 31 रनों का योगदान दिया. काफ़ी समय बाद अबू धाबी में उन्होंने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 73 रनों की लंबी पारी खेली थी. सहवाग कहते हैं,'' मैं इसके लिए तैयार था और प्रार्थना कर रहा था कि ये दौर जल्द निकल जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ. लेकिन अब मेरा आत्मविश्वास वापस आ गया है क्योंकि मैंने सबक सीख लिया है.'' |
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