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वीरेन्दर सहवाग से ख़ास बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सलामी बल्लेबाज़ वीरेन्दर सहवाग से कानपुर में मलय नीरव ने ख़ास बातचीत की. सवाल - अपने खेल को लेकर कैसा महसूस कर रहे हैं? वीरेन्दर - मैं सोचता हूँ कि अभी तक क्रिकेट का अच्छा समय चल रहा है. काफी ख़ुश हूँ और उस समय को याद कर डर लग रहा है जब रन नहीं बना पाउंगा तो मुझे इस समय को याद करके ख़ुशी होगी. सवाल - पिछले दो मैचों में जब आपने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था तो पाकिस्तान का टीम, उनके कोच और उनके रणनीतिकार भी सोचने लगे कि आपको कैसे आउट किया जाए? तो क्या इसको कवर करने के लिए आगे की कुछ रणनीति बनाई है. वीरेन्दर - देखिए, वह उनकी योजना थी और उसमें मैं आउट हुआ तो उनकी योजना सफल हुई और अगर मैं आउट नहीं होता तो उनकी यह योजना ख़राब होती. हर दिन की बात अलग-अलग होती है. 320 रन का लक्ष्य था तो हमारे लिए था कि 15 ओवर में जितने ज़्यादा रन बना लें उतना अच्छा है, जिसके कारण मैं आउट भी हो गया लेकिन उसके अगले मैच में उनकी उस रणनीति पर आउट नहीं हुआ. मैं इसे सीख रहा हूँ कि जल्दी कैसे रन बनाए जा सकते हैं, मुझे कौन सा शॉर्ट नहीं खेलना है, मेरे लिए किस तरह की फील्ड लगाई गई है और जब क्रिकेट में हर एक मैच के बाद कुछ अनुभव तो होता ही है. उम्मीद यही है कि आगे दो मैचों में अच्छा खेलूँ और अपनी टीम को जिताऊँ. सवाल - 2-0 से बढ़त लेने के बाद सीरीज़ में, अब 2-2 की बराबरी हो गई है, यह तो आपको अच्छा नहीं लग रहा होगा. वीरेन्दर - बिल्कुल अच्छा नहीं लगा है, पहले दो मैचों में हमने अच्छा प्रदर्शन किया उसके बाद के दो मैंचो में अच्छा नहीं खेले और इसमें कहीं न कहीं कमी हुई है. कोशिश यह होगी कि पिछले दो मैच में जो ग़लतियां हुई हैं वह दोबारा न हो. और इसी योजना के साथ कानपुर में उतरेंगे कि ग़लतियाँ न करें और मैच जीतें. सवाल – मझधार में नाविक बदल जाने पर नाव थोड़ी डगमगा जाती है, आपके कप्तान बदले हैं चाहे किसी कारण से, तो क्या इसका असर पड़ेगा? वीरेन्दर – टीम में तालमेल जो बना हुआ था और सौरभ गांगुली बेहतरीन कप्तान हैं उनके नहीं होने तो थोड़ा तो फ़र्क पड़ेगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सब खिलाड़ी ख़ुद ज़िम्मेदार होते हैं, और एक खिलाड़ी निकल जाता है तो थोड़ा असर तो पड़ा ही है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय खेलों में काफ़ी कड़ा संघर्ष होता है तो यह नहीं लगता कि सौरभ गांगुली को उतना मिस करेंगे. सौरभ के होने या न होने के बगैर सोचकर, जो टीम है उसी के साथ मैच खेलना पड़ेगा और मैच जीतना पड़ेगा. सवाल – आप पाकिस्तान में भी राहुल द्रविड़ की कप्तानी में खेल चुके हैं जब सौरभ गांगुली घायल हुए थे. तो आपको क्या लगता है कि राहुल भारत के लिए कैसे कप्तान हो सकते है? वीरेन्दर - बहुत अच्छी कप्तानी की है. मुल्तान में टेस्ट मैच भी जीते हैं. मुल्तान की पारी कभी नहीं भूल सकते, उनकी कप्तानी नहीं भूल सकते. आख़िरी दो मैच हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. वो अच्छे कप्तान हैं और अच्छी कप्तानी करें. वे 250 एक दिवसीय मैच खेल चुके हैं, जो अपने आपमें एक अच्छा अनुभव है. सवाल - कैसा मनोबल है टीम में, आपके साथी क्या कह रहे हैं? वीरेन्दर – सबका मनोबल काफी अच्छा है. सभी लोग तैयार हैं. पिछला प्रदर्शन भूल जाते हैं कि दो मैच हम हारे हैं लेकिन आने वाले मैच पर हमारा ध्यान है. कानपुर में जीतेंगे तो पलड़ा भारी रहेगा और यही हमारी कोशिश रहेगी. मेरा मानना है कि सभी लोग अच्छी तैयारी में हैं. |
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