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'कानपुर में भी अहमदाबाद दोहराना चाहेंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी टीम के मैनेजर सलीम अल्ताफ़ ने बीबीसी हिंदी से एक विशेष बातचीत में कहा कि जमशेदपुर और अहमदाबाद के बाद उनकी टीम कानपुर में भी जीतने के लिए खेलेगी. मलय नीरव ने उनसे कानपुर में बात की. सलीम अल्ताफ़ साहब, पहले 2-0 से पिछड़ रही थी आपकी टीम, और अब 2-2 से बराबर हो गई है श्रृंखला, अब तो आप काफी ख़ुश होंगे? क्या लगता है आपको, अब कानपुर में क्या होने वाला है? जी हाँ, अहमदाबाद में तो लक्ष्य बड़ा कठिन था, 300 से ज़्यादा रन बनाने थे मैच जीतने के लिए और फिर अंतिम गेंद पर मैच जीतना, ये एक बड़ी स्पेशल जीत थी. अब कानपुर की तैयारी है और हम समझते हैं कि इस वक़्त हमारी टीम अच्छा खेल रही है. अहमदाबाद से पहले जो टीम टॉस जीत रही थी, वही मैच भी जीत रही थी लेकिन, बाद में खेलते हुए 316 रन बनाकर जीत हासिल करना, एक बेहतरीन कामयाबी है और हम कानपुर में भी इसे दोहराना चाहेंगे. अहमदाबाद में आपको एक ऐतिहासिक सफलता मिली क्योंकि 300 से ज़्यादा रनों का पीछा करते हुए, इससे पहले पाकिस्तान ने कभी जीत हासिल नहीं की थी. तो किसी नई रणनीति के तहत आप जमशेदपुर और अहमदाबाद में खेले? बिल्कुल ऐतिहासिक जीत है. पाकिस्तानी टीम को कई बार ऐसे 300 रनों से ज़्यादा के लक्ष्य मिले लेकिन कामयाबी नहीं मिली. दरअसल विकेट अच्छी थी और शुरूआत भी अच्छी रही. और सबने अच्छी बैटिंग भी की. इंज़माम ने बड़े ही ठंडे दिमाग़ से काम लिया जबकि दबाव बहुत ज़्यादा था. वो तो ऐसे भी कमाल का खिलाड़ी है और टीम को साथ लेकर चल रहा है, जो बहुत ज़रूरी है. अब कानपुर और दिल्ली में होने वाले मैचों के लिए आप अपनी टीम में कहाँ-कहाँ सुधार देखना चाहेंगे? टीम में तो हमेशा ही सुधार की गुंजाइश होती है और टीम उसके लिए कोशिश भी करती है. हमने लगातार दो मैचों में 300 रन बनावा दिए इन लड़कों से और विशाखापट्टनम में हालांकि हम हारे थे फिर भी लगभग 300 रन हमने बना ही दिए थे. विकेट भी अच्छी थी, अब देखना है कानपुर में इस विकेट पर कितने रन बनते हैं. लेकिन हमें कोशिश करनी होगी कि दूसरे टीम को हम 300 से ज़्यादा रन नहीं बनाने दें. हालांकि 300 से ज़्यादा रनों का पीछा करके हमने मैच जीता लेकिन रन जितने ज़्यादा होंगे, उसका पीछा करने में मुश्किल भी उतनी ही ज़्यादा होगी. इसलिए हमें अपने बॉलर्स और फील्डर्स को देखना होगा कि वो कम से कम रन दें. जहाँ तक श्रृंखला का सवाल है तो अभी बड़ा ही अच्छा संतुलन बना हुआ है, किसी का पलड़ा भारी हो, ऐसा नहीं कहा जा सकता. अब देखते हैं कि कानपुर में मैच के दिन क्या होता है. |
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