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बॉब वूल्मर ने आरोपों का खंडन किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हाल में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ख़िलाफ़ लगे गेंद से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद कोच बॉब वूल्मर ने भारत- दक्षिण अफ़्रीका के एक वनडे मैच में भी ऐसा ही होने के आरोपों का खंडन किया है. वूल्मर उस समय दक्षिण अफ़्रीका के कोच थे. बॉब वूल्मर ने पूर्व मैच रेफ़री बैरी जारमैन के लगाए आरोपों को ‘काल्पनिक’ बताया है. जारमैन ने ये आरोप 1997 में भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच खेले गए एक मैच के संदर्भ में लगाए हैं. ये ब्रितानी अख़बार ‘डेली टेलिग्राफ़’ में छपे हैं. वे उस समय मैच के टीवी अंपायर थे और उनका दावा है कि दक्षिण अफ़्रीका गेंद को नाखून से खुरचने और उसकी सिलाई को उधेड़ने का दोषी था. संपर्क जारमैन का कहना है, “मैने अपनी दूरबीन उठाई और ध्यान से देखने लगा. जब गेंदबाज़ भी गेंद को फ़ील्ड कर रहा था तो वह उन ख़िलाड़ियों को गेंद फ़ेंक देता था जिन्हें विशेष तौर पर गेंद से छेड़छाड़ का काम सौंपा गया था.” उनका कहना है कि उन्होंने फ़ील्ड पर मौजूद अधिकारियों से संपर्क किया और भारत की बल्लेबाज़ी के केवल 16 ओवर के बाद ही गेंद को बदल दिया गया, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा. वूल्मर का कहना है, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि जारमैन ऐसा क्यों कहा है. आप जाकर उस मैच के दो अंपायरों से पूछें. वे बताएँगे कि उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता है.” दक्षिण अफ़्रीका की टीम के कोच रह चुके वूल्मर का कहना था, “मुझे याद नहीं कि कभी भी गेंद 16 ओवर के बाद बदली गई हो. मुझे ये ज़रुर याद रहता. मैं कोच हूँ. वे क्या समझते हैं कि मैं गेंद से छेड़छाड़ करना सिखाता हूँ.” वर्ष 1997 में उस प्रतियोगिता में भारत-दक्षिण अफ़्रीका का सामना पाँच बार हुआ था लेकिन जारमैन ने ये नहीं बताया है कि वे किस विशेष मैच की बात कर रहे हैं. |
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