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'ट्वेन्टी-ट्वेन्टी के लिए अलग टीम होगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का कहना है कि वह 20-20 प्रतियोगिता के पक्ष में नहीं था. लेकिन उसे इस पर समर्थन नहीं मिला और बीसीसीआई इस मामले पर अकेले रह गया. बीसीसीआई के प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने कहा कि बोर्ड इस प्रतियोगिता के लिए अलग टीम का चयन करेगा क्योंकि इस खेल का स्वरूप भिन्न है. चैम्पियंस ट्रॉफ़ी अक्तूबर में भारत में होने वाली है और राजीव शुक्ला आयोजन समिति के सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी चल रही है और ये बहुत सफल आयोजन होगा. डालमिया विवाद पर भी उन्होंने बीसीसीआई का रुख़ स्पष्ट किया और कहा कि डालमिया जी पर कुछ आरोप लगे हैं जिनकी जाँच हो रही है और इसमें बदले की कार्रवाई जैसी कोई बात नहीं. दिल्ली में नए स्टेडियम के मामले पर चल रहे विवाद पर भी राजीव शुक्ला ने अपना पक्ष रखा. पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश. चैम्पियंस ट्रॉफ़ी की कैसी तैयारी चल रही है? भारत ने पहले तो इसमें खेलने से इनकार किया था. क्या विवाद था आईसीसी के साथ? चैम्पियंस ट्रॉफ़ी की बहुत ज़ोरदार तैयारी चल रही है. ये बात ग़लत है कि भारत ने इस प्रतियोगिता में खेलने से मना किया था. भारत ने बहुत प्रयास करके मेज़बानी हासिल की है. इस प्रतियोगिता के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ख़ास तौर पर करों में छूट की घोषणा की है. बीच में जो थोड़ी समस्या थी, वह मैच कहाँ हो- इसको लेकर थी. क्योंकि हमारे राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के पास स्टेडियम के लिए अलग प्रायोजक हैं. आईसीसी का कहना था कि वो इसे स्वीकार नहीं करेंगे. इस कारण मैच कराने के स्थान को लेकर विवाद था. लेकिन अब वो सब हल हो गया है. पहले तो भारत ने 20-20 में भी खेलने से मना कर दिया था. लेकिन फिर वो तैयार हो गया. क्या बीसीसीआई की कोई स्पष्ट नीति नहीं?
हमारी नीति बिल्कुल स्पष्ट थी. हम 20-20 के बिल्कुल ख़िलाफ़ थे. हम इस प्रतियोगिता में नहीं खेलना चाहते थे. क्योंकि हमारा मानना था कि इस प्रतियोगिता से क्रिकेट को नुक़सान होगा और उसका स्वरूप बिल्कुल बदल जाएगा. लेकिन आईसीसी में जब यह मामला बहस के लिए आया और मतदान हुआ. तो बीसीसीआई को इस मुद्दे पर कोई समर्थन नहीं मिला. इसलिए हमने यह स्वीकार किया. 2007 में पहला 20-20 विश्व कप दक्षिण अफ़्रीका में हो रहा है. अब बीसीसीआई ने यह तय किया है कि जब टीम को इस प्रतियोगिता में खेलना ही है, तो क्यों न हम 2007 के विश्व कप में भाग लें. क्या 20-20 प्रतियोगिता में एक दिवसीय मैचों से अलग टीम होगी या फिर वही टीम को आप 20-20 में भी मौक़ा देंगे. टीम का चयन निश्चित रूप से अलग तरीक़े से करना पड़ेगा. इसलिए कुछ अलग खिलाड़ी रखे जाएँगे. वनडे टीम के भी कुछ खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के लिए टीम में रखे जाएँगे. लेकिन धमाकेदार पारी खेलने वाले खिलाड़ियों को इसके लिए चुना जाएगा. क्योंकि आप जानते हैं कि इस मैच का जो स्वरूप है, वो बिल्कुल भिन्न है. इस प्रतियोगिता में जो खिलाड़ी तेज़ी से रन बनाते हैं, जो हिट करते हैं. ऐसे खिलाड़ियों को हम ज़्यादा मौक़ा देंगे. हमारे पास ऐसे पर्याप्त खिलाड़ी हैं. आवश्यकता सिर्फ़ इस बात की है कि हम खिलाड़ियों को इस स्वरूप से अवगत कराएँ. इसके लिए घरेलू स्तर पर ऐसी प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारी चल रही है. भारत को पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ 2011 के विश्व कप की मेज़बानी मिली है. फ़ाइनल दिल्ली में होगा. लेकिन बीसीसीआई ने कहा है कि इसके लिए नया और भव्य स्टेडियम बनाया जाएगा. फ़िरोज़शाह कोटला में फ़ाइनल क्यों नहीं? पिछले चार-पाँच सालों से बीसीसीआई अपना अलग स्टेडियम बनाने की तैयारी कर रहा है. उसके लिए जगह लेने की बात थी. अब दिल्ली में ज़मीन मिल गई है और यहाँ भव्य स्टेडियम बनाने की बात है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा. लेकिन बीसीसीआई के प्रवक्ता के नाते मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारों का किसी तरह से हनन नहीं होगा. हमारी रोटेशन पॉलिसी के तहत पहले की भाँति दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन को मैच मिलते रहेंगे. बीसीसीआई ने पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को कारण बताओ नोटिस जारी करने का मन बनाया है. क्या प्रगति है इस मामले पर? क्या पक्ष है बीसीसीआई का?
बीसीसीआई की बैठक में यह तय हुआ है कि मामला अनुशासन समिति को भेज दिया जाए. अनुशासन समिति ने डालमिया जी को बुलाने का फ़ैसला किया है. उन पर जो भी आरोप हैं, उन्हें डालमिया जी के सामने रखा जाएगा. उनके ऊपर जो आरोप हैं, वो पिछला विश्व कप, जो भारत में हुआ था, उसके हिसाब-क़िताब को लेकर है. उसके काग़ज़ात बीसीसीआई को मिलने चाहिए. बीसीसीआई की ओर से किसी तरह की बदले की कार्रवाई नहीं है. डालमिया जी पर कुछ आरोप लगे हैं और उसकी जाँच की जा रही है. बात सिर्फ़ इतनी है. बीसीसीआई इतना बड़ा बोर्ड है. ज़िम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड तक की अपनी वेबसाइट है? लेकिन बीसीसीआई की क्यों नहीं? बीसीसीआई की अपनी वेबसाइट है. लेकिन वो अपडेटेड नहीं है. बहुत जल्दी हम आपको बहुत अच्छी वेबसाइट देंगे. आप निश्चिंत रहें हम आपको दुनिया की सबसे अच्छी वेबसाइट देंगे. |
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