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क्रोएशिया ने पहली बार जीता डेविस कप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्रोएशिया ने संघर्षपूर्ण फ़ाइनल में स्लोवाकिया को 3-2 से हराकर डेविस कप टेनिस का ख़िताब जीत लिया है. पहली बार क्रोएशिया ने डेविस कप जीता है. फ़ाइनल के तीसरे दिन निर्णायक मैच में क्रोएशिया के मारियो एंचिच ने स्लोवाकिया के मिखेल मेर्टिनेक को सीधे सेटों में 7-6 (7-1), 6-3, 6-4 से हराकर अपने देश को शानदार जीत दिलवाई. डेविस कप के इतिहास में पहली बार क्रोएशिया और स्लोवाकिया की टीमें फ़ाइनल तक पहुँची थी और क्रोएशिया की जीत के साथ ये भी पहली बार हुआ है कि किसी ग़ैर वरीयता प्राप्त देश ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का ख़िताब जीता है. इस ख़िताबी जीत के साथ क्रोएशिया के कप्तान निक्की पिलिच ने भी एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया. वे ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने अलग-अलग देशों के लिए डेविस कप का ख़िताब जीता है. जर्मनी के कप्तान के रूप में पिलिच ने 1988, 1989 और 1993 में जर्मनी को डेविस कप का ख़िताब दिलवाया था. क्रोएशिया की ख़िताबी जीत के बाद उत्साहित नज़र आ रहे पिलिच ने कहा कि डेविस कप प्रतियोगिता दुनिया की महान प्रतियोगिताओं में से एक है और उन्हें गर्व है कि उनकी टीम इस साल नंबर वन हो गई है. पिलिच ने कहा, "सिर्फ़ इस कारण कि कुछ देश हमसे बड़े हैं, इसका मतलब ये नहीं हुआ कि वे हमसे अच्छे हैं. महत्वपूर्ण ये है कि हमने यह ख़िताब जीत लिया है. यह हमारे लिए ऐतिहासिक मौक़ा है." फ़ाइनल शुक्रवार को तीन दिनों तक चलने वाला फ़ाइनल शुरू हुआ था. पहले दिन दो सिंगल्स मुक़ाबले हुए थे जिनमें से एक क्रोएशिया ने और एक स्लोवाकिया ने जीता था.
पहले मैच में क्रोएशिया के इवान लुबिचिच ने स्लोवाकिया के कैरोल कुचेरा को सीधे सेटों में 6-3, 6-4 और 6-3 से हराकर अपने देश को 1-0 की बढ़त दिला दी. लेकिन अगले ही मैच में स्लोवाकिया के डोमिनिक हर्बाटी ने मारियो एंचिच को 7-6, 6-3, 6-7 और 6-4 से हराकर स्कोर 1-1 से बराकर कर दिया. अगले दिन यानी शनिवार को डबल्स मुक़ाबले खेले गए जिसमें क्रोएशिया के मारियो एंचिच और इवान लुबिचिच ने स्लोवाकिया के हर्बाटी और मेर्टिनेक को 7-6, 6-3, 7-6 से हराकर क्रोएशिया को 2-1 की बढ़त दिला दी. लेकिन फ़ाइनल के आख़िरी दिन रविवार को पहले ही रिवर्स सिंगल्स में हर्बाटी ने लुबिचिच को पाँच सेटों के मैच में 4-6, 6-3, 6-4, 3-6, 6-4 से हराकर प्रतियोगिता को रोमांचक बना लिया और स्कोर हो गया 2-2. लेकिन आख़िरी रिवर्स सिंगल्स में एंचिच का अनुभव काम आया और सातवीं वरीयता प्राप्त एंचिच ने मेर्टिनेक को हराकर 3-2 से अपने देश को जितवा दिया. | इससे जुड़ी ख़बरें सानिया की रैंकिंग फिर सर्वश्रेष्ठ स्तर पर08 नवंबर, 2005 | खेल सानिया की मदद करेंगे फ़ेडरर के कोच19 अक्तूबर, 2005 | खेल फ़ेडरर की एक और ख़िताबी जीत02 अक्तूबर, 2005 | खेल संघर्षपूर्ण मैच में जीते आंद्रे अगासी08 सितंबर, 2005 | खेल फ़ेडरर ने विंबलडन ख़िताब जीता03 जुलाई, 2005 | खेल भूपति-पीयर्स जोड़ी की ख़िताबी जीत03 जुलाई, 2005 | खेल हार के बावजूद सुर्खियों में सानिया23 जून, 2005 | खेल फेडरर ने गैरी वेबर ख़िताब जीता13 जून, 2005 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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