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आईसीसी ने अफ़रीदी पर पाबंदी लगाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के ऑलराउंडर शाहिद अफ़रीदी पर पिच को नुक़सान पहुँचाने की कोशिश के कारण एक टेस्ट मैच और दो एक दिवसीय मैच खेलने पर पाबंदी लगाई गई है. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फ़ैसलाबाद में चल रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के दौरान शाहिद अफ़रीदी अपने जूते से पिच को नुक़सान पहुँचाने की कोशिश करते टीवी कैमरे पर देखे गए. उस समय एक गैस सिलिंडर में विस्फोट के कारण मैच रुका हुआ था और सभी खिलाड़ियों का ध्यान धमाके की ओर लगा हुआ था. बाद में जब खेल शुरू हुआ तो अंपायर डेरेल हेयर और इंग्लैंड के खिलाड़ी मार्कस ट्रेस्कोथिक ने पिच में गड़बड़ी महसूस की. खेल ख़त्म होने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मैच रेफ़री रोशन महानामा के सामने शाहिद अफ़रीदी कप्तान इंज़माम-उल-हक़ और कोच बॉब वूल्मर के साथ पेश हुए. दोषी सुनवाई के बाद अफ़रीदी को आईसीसी की आचार संहिता के तहत खेल भावना का दोषी पाया गया. मैच रेफ़री रोशन महानामा ने कहा, "इस फ़ैसले से खिलाड़ियों के पास एक कड़ा संदेश जाएगा कि इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता."
उन्होंने बताया कि शाहिद अफ़रीदी ने अपने व्यवहार के लिए क्षमा मांगी और कहा कि वे बहुत शर्मिंदा हैं. वैसे अफ़रीदी चाहें तो इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ 24 घंटे के अंदर लिखित में अपील कर सकते हैं. आईसीसी के फ़ैसले के बाद शाहिद अफ़रीदी अब इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरा टेस्ट मैच नहीं खेल पाएँगे और शुरुआती दो एक दिवसीय मैचों से भी दूर रहेंगे. लेकिन इंग्लैंड की चिंता दूसरे टेस्ट मैच को लेकर ज़्यादा है. अभी तक फ़ैसलाबाद के पिच से गेंदबाज़ों को ज़्यादा मदद नहीं मिल पा रही थी. लेकिन अब इंग्लैंड को चिंता है कि पिच को नुक़सान के कारण उनकी परेशानी ज़्यादा न बढ़ जाए. शाहिद अफ़रीदी के इस व्यवहार के कारण उनकी शानदार पारी की चर्चा ज़्यादा नहीं हो पाई. अफ़रीदी ने पहली पारी में 85 गेंद पर छह चौके और छह छक्कों की मदद से 92 रनों की आतिशी पारी खेली. शाहिद अफ़रीदी के साथ-साथ रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख़्तर पर भी आईसीसी की गाज गिरी है. शोएब पर मैच फ़ीस का 20 फ़ीसदी जुर्माना लगाया गया है क्योंकि शोएब ने एक ख़ास कंपनी का लोगो अपने रिस्टबैंड और बैटिंग दस्ताने पर भी लगाया था. अंपायर साइमन टॉफ़ेल ने इसकी शिकायत की थी. शोएब इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील नहीं कर सकते क्योंकि इस मामले में आईसीसी रेफ़री का फ़ैसला अंतिम होता है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंज़माम ने मियाँदाद का रिकॉर्ड छुआ21 नवंबर, 2005 | खेल कोलकाता में नो सौरभ-नो मैच के नारे21 नवंबर, 2005 | खेल ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से सिरीज़ जीती21 नवंबर, 2005 | खेल दूसरे मैच में भारत का परचम लहराया19 नवंबर, 2005 | खेल दो पाकिस्तानी गेंदबाज़ों के ऐक्शन की शिकायत18 नवंबर, 2005 | खेल ज़्यादा ख़ुश हुए तो जुर्माना लगा17 नवंबर, 2005 | खेल गांगुली किसी भी भूमिका के लिए तैयार17 नवंबर, 2005 | खेल दक्षिण अफ्रीका ने भारत को हराया16 नवंबर, 2005 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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