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दो पाकिस्तानी गेंदबाज़ों के ऐक्शन की शिकायत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शब्बीर अहमद और स्पिनर शोएब मलिक की गेंदबाज़ी के ऐक्शन की शिकायत इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) से की गई है. शिकायत के बाद जाँच पूरी करने की प्रक्रिया पाँच सप्ताह लंबी होती है, इसका यही मतलब लगाया जा रहा है कि वे इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चल रही सिरीज़ में तो खेल ही सकते हैं, बशर्ते अंपायरों को इस पर ऐतराज़ न हो. शब्बीर आईसीसी की गहन जाँच से गुज़र चुके हैं और उन्हें प्रयोगशाला में पूरी परख के बाद हरी झंडी दी गई थी इसलिए उनका मामला पेचीदा माना जा रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी सलीम अल्ताफ़ ने कहा, "शब्बीर का मामला ज़रा टेढ़ा है, आईसीसी हमें बताने वाली है कि वे इस सिरीज़ में गेंदबाज़ी कर सकते हैं या नहीं." अगर इस बार उन्हें ग़लत तरीक़े से गेंदबाज़ी करने का दोषी पाया गया तो उन पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाया जा सकता है. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मुल्तान में खेले गए पहले टेस्ट मैच में शब्बीर ने पाँच विकेट लिए थे और पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 22 रन से हरा दिया था. नियम आईसीसी के नियमों के मुताबिक़ गेंद फेंकते समय गेंदबाज़ की कोहनी 15 डिग्री के कोण से अधिक नहीं मुड़नी चाहिए. मुल्तान में नेट प्रैक्टिस के दौरान मैच के अंपायरों बिली बोडेन और साइमन टॉफेल को शब्बीर के ऐक्शन से कोई शिकायत नहीं थी लेकिन खेल के तीसरे दिन से उन्हें उनके ऐक्शन में ख़ामी दिखी. जहाँ तक शोएब मलिक का सवाल है, अगर वे ग़लत तरीक़े से गेंदबाज़ी के दोषी पाए गए तो उन्हें खेलने से रोक दिया जाएगा लेकिन वे आईसीसी के विशेषज्ञों के सामने परीक्षण से गुज़रने के बाद दोबारा खेल सकते हैं. लेकिन शब्बीर दोषी पाए गए तो अब उनका परीक्षण नहीं होगा क्योंकि वे एक बार परीक्षण से गुज़र चुके हैं और अक्तूबर में ही आईसीसी ने उन्हें खेलने की अनुमति दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें शब्बीर अहमद की गेंदबाज़ी पर रोक लगी15 जुलाई, 2005 | खेल हरभजन आईसीसी के रूख़ से नाराज़11 मई, 2005 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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