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हरभजन आईसीसी के रूख़ से नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय ऑफ़स्पिनर ने कहा है कि उनकी गेंदबाज़ी एक्शन को लेकर जारी असमंजस ने उनकी मानसिक शांति छीन ली है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस क्रिकेट सत्र में तीन महीने के अंतर पर दो बार उनके एक्शन पर आपत्ति जताई थी और ये मामला अभी लंबित है. हरभजन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को एक साक्षात्कार में कहा कि इस विवाद के कारण उनका खेल से ध्यान बँटा है और इससे हाल में पाकिस्तान के विरूद्ध हुई श्रृंखला में उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ा. उन्होंने कहा,"मेरे लिए ये बेहद निराशापूर्ण है कि मैं बिना किसी ग़लती के आईसीसी के नाटक के कारण अपनी मानसिक शांति खो बैठा हूँ. खेल पर ध्यान देने की जगह मैं केवल आईसीसी के फ़ैसले की प्रतीक्षा कर रहा हूँ". उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष दिसंबर में बांग्लादेश दौरे के समय और फिर इस वर्ष मार्च में पाकिस्तान के विरूद्ध श्रृंखला में हरभजन सिंह के एक्शन को लेकर शिकायत की गई थी. नियमों के तहत शिकायत के 21 दिन के भीतर ही हरभजन सिंह के एक्शन की जाँच होनी चाहिए लेकिन आईसीसी ने अभी जाँच समिति की नियुक्ति नहीं की है. हरभजन ने कहा कि भारत-पाक श्रृंखला में दूसरे टेस्ट में उनके एक्शन की शिकायत के बाद उनका खेल प्रभावित हुआ. उन्होंने कहा,"इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप कितने मज़बूत हैं, ऐसे विवादों से आपके प्रदर्शन पर अवश्य असर पड़ता है". हरभजन ने आईसीसी के इन प्रावधानों को भी अन्यायपूर्ण बताया कि एक बार एक्शन को क्लीनचिट मिलने के बाद फिर शिकायत होने पर दोबारा जाँच कराई जाती है. उन्होंने कहा,"एक गेंदबाज़ को कितनी बार परीक्षण से गुज़रना पड़ेगा जबकि उसको पहले ही पास किया जा चुका हो". हरभजन सिंह ने कहा कि आईसीसी के देर करने के कारण वे इस गर्मी में इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट भी नहीं खेल पा रहे हैं. |
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