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हरभजन सिंह के एक्शन पर फिर विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर हरभजन सिंह के गेंदबाज़ी एक्शन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है और इस बार विवाद है- 'दूसरा' गेंद को लेकर. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ चटगाँव टेस्ट के दौरान अंपायरों ने हरभजन सिंह के एक्शन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी से शिकायत की है. यह दूसरा मौक़ा है जब हरभजन सिंह के एक्शन को लेकर आईआईसी से शिकायत की गई है. दरअसल 'दूसरा' गेंद ऑफ़ स्पिनरों का ऐसा हथियार बनकर उभरा है जिससे वे बल्लेबाज़ों को छका देते हैं. ये गेंद दाएँ हाथ के बल्लेबाज़ों के लिए उनके ऑफ़ स्टंप की ओर नहीं घूमती बल्कि उसके दूसरे तरफ़ स्पिन करती है. इसी 'दूसरा' गेंद के कारण मुथैया मुरलीधरन भी पिछले दिनों चर्चित रहे हैं. निगरानी आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मैल्कम स्पीड ने कहा, "हरभजन सिंह अगले छह हफ़्तों के दौरान अब एक विशेषज्ञ टीम के साथ रहेंगे और उनकी मुश्किलों को दूर करने की कोशिश की जाएगी." स्पीड ने कहा कि इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल पाएँगे और इस दौरान उनके एक्शन के बारे में कोई शिकायत नहीं की जाएगी. स्पीड ने बताया कि छह हफ़्तों के बाद आईसीसी को विशेषज्ञों की रिपोर्ट सौंपी जाएगी. इससे पहले भी 1998 में हरभजन सिंह के एक्शन पर सवाल उठे हैं. जिसके बाद लंदन में उनकी जाँच हुई थी और उनके एक्शन को सही करने की कोशिश की गई थी. गेंदबाज़ी एक्शन को लेकर इस साल आईसीसी में जिन खिलाड़ियों की शिकायत की गई है, उनमें हरभजन सिंह छठे खिलाड़ी हैं. इससे पहले पाकिस्तान के शब्बीर अहमद, श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन, ज़िम्बाब्वे के ब्लेसिंग महवायर और बांग्लादेश के अब्दुल रज़्ज़ाक़ के एक्शन की भी शिकायत की गई थी. इस हफ़्ते शब्बीर अहमद के एक्शन पर आईसीसी को रिपोर्ट सौंपी जानी है. |
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