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संदिग्ध एक्शन के ख़िलाफ़ मुहिम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी संदिग्ध गेंदबाज़ी एक्शन वाले खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए अपनी कोशिशें तेज़ कर रही है. हालाँकि आईसीसी के पास पहले ही ऐसे मामलों से निपटने के लिए दो-स्तरीय प्रक्रिया है. लेकिन अब परिषद देशों के क्रिकेट बोर्ड पर यह ज़िम्मेदारी डाल रही है कि वे संदिग्ध एक्शन वाले खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी सहायता करें. आईसीसी प्रमुख मैल्कम स्पीड ने कहा, "पिछले दो सालों से इस मामले की विस्तार से समीक्षा की जा रही है." स्पीड ने बताया, "आईसीसी अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय दोनों स्तर पर इस बात की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध एक्शन वाले खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर आने से पहले ही उनसे प्रभावी रूप से निपटा जा सके." समस्या अभी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच बॉब सिम्पसन ने कहा था कि यह समस्या महामारी की तरह फैल गई है. एक भारतीय पत्रिका में सिम्पसन ने लिखा, "मैंने आज तक इतनी संख्या में संदिग्ध एक्शन वाले गेंदबाज़ों को नहीं देखा." स्पीड ने कहा कि सिम्पसन अपने विचारों के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन अब इस मामले में कई बुनियादी परिवर्तन किए गए हैं. इस समय पाकिस्तान के शब्बीर अहमद, वेस्टइंडीज़ के जेरेमी लाउसन और बांग्लादेश के सनवर हुसैन अपना एक्शन सुधारने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ले रहे हैं. दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कोच बॉब वूल्मर और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वक़ार युनूस इस समय बांग्लादेश में हैं जहाँ अंडर-19 विश्व कप चल रहा है. वे ऐसे खिलाड़ियों पर नज़र रखे हुए हैं जिन्हें इस तरह की समस्या हो सकती है. आईसीसी स्पिन गेंदबाज़ी को लेकर भी नए शोध करा रही है. श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज़ मुथैया मुरलीधन के एक्शन को लेकर भी बड़ा विवाद हुआ है. इस कारण आईसीसी स्पिन गेंदबाज़ी को लेकर भी कई सवालों के जवाब ढूँढ़ रही है. |
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