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भारतीय टीम चयन में चैपल की चली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम के चयन पर नए कोच ग्रेग चैपल की छाप साफ़ नज़र आती है. चैपल जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में तो भारतीय टीम अच्छा खेल दिखाती आ रही है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की विश्व रैंकिंग में वो ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बाद तीसरे नंबर पर है इसलिए टेस्ट टीम के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. समस्या है वनडे क्रिकेट जिसमें भारत आईसीसी रैंकिंग में सातवें नंबर पर है, सिर्फ़ वेस्टइंडीज़, ज़िम्बाब्वे और बंग्लादेश ही भारत से नीचे हैं. अभी दो साल पहले हुए विश्व कप में भारत फ़ाइनल तक पहुँचा था, लेकिन उसके बाद से वनडे में भारत का प्रदर्शन लगातार ख़राब होता आया है. इसीलिए नए कोच ग्रेग चैपल इसी समस्या को अपनी पहली और सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं. उनकी नज़र है 2007 में होने वाले विश्व कप पर और लगता है उसी की तैयारी में उन्होंने अभी से खिलाड़ियों को परखना शुरू कर दिया है. श्रीलंका में हुई त्रिकोणीय प्रतियोगिता के लिए भी टीम में नए चेहरे शामिल किए गए और सिर्फ़ जेपी यादव को छोड़ कर बाक़ी नए खिलाड़ियों को मौक़ा भी मिला यानी – सुरेश रैना और वेणु गोपाल राव को. और अब वनडे टीम से अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण को भी हटाया जाना साफ़ संकेत है कि टीम में नई जान फ़ूँकने की कोशिश है. भारतीय वनडे टीम की औसत उम्र कम करने की कोशिश है, तभी 35 साल के होने जा रहे कुंबले और 31 के होने जा रहे लक्ष्मण को बाहर का रास्ता दिखा दिया है चयनकर्ताओं ने. समस्या सब जानते हैं कि आज के वनडे क्रिकेट में चुस्त फ़ील्डिंग की अहम भूमिका है और इस मामले में फ़िलहाल भारतीय टीम दुनिया की बाक़ी टीमों से पीछे है.
और फ़ील्डिंग सुधारने के लिए ज़रूरी है कि सबसे पहले उन खिलाड़ियों को बाहर किया जाए जो उम्र के साथ ढीले होते जा रहे हैं और उनकी जगह टीम में चुस्त नौजवान खिलाड़ी भरे जाएँ. भारतीय टीम की एक और समस्या रही है – ऑल राउंडर की. उसी को हल करने की कोशिश में सुरेश रैना, वेणु गोपाल राव और जय प्रकाश यादव को परखा जा रहा है. भारत के पास एक भी शुद्ध ऑल राउंडर नहीं है इसीलिए उसे सात बल्लेबाज़ों के साथ खेलना पड़ता है. और उस सूरत में गेंदबाज़ रह जाते हैं चार और पाँचवें गेंदबाज़ की कमी भारत को कई बार ले डूबी है. तो ख़ास तौर पर दो समस्याओं को सुलझाने की तरफ़ पूरा ज़ोर लगा रहे हैं ग्रेग चैपल. वनडे में फ़ील्डिंग में सुधार और ऑल राउंडर की खोज. |
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