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श्रीलंका ने जीती त्रिकोणीय प्रतियोगिता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका ने भारत को 18 रनों से हरा कर तीन देशों की क्रिकेट प्रतियोगिता जीत ली है. जीत के लिए 282 रनों का पीछा कर रही भारतीय टीम 50 ओवर में नौ विकेट पर 263 रन ही बना पाई. कप्तान राहुल द्रविड़, युवराज सिंह और वीरेंदर सहवाग की पारी बेकार गई, क्योंकि इनके आउट होते ही भारतीय पारी बिखर गई. केवल मोहम्मद कैफ़ ही थोड़ा बहुत संघर्ष कर पाए. इससे पहले महेला जयवर्धने, रसले आर्नल्ड और जयसूर्या की शानदार पारी की बदौलत श्रीलंका ने 50 ओवर में नौ विकेट पर 281 रनों का स्कोर खड़ा किया था. हालाँकि श्रीलंका की पारी में आशीष नेहरा ने बेहतरीन गेंदबाज़ी की और छह विकेट चटकाए. लेकिन उनके अलावा किसी भी भारतीय गेंदबाज़ को एक भी विकेट नहीं मिल पाया. भारतीय पारी जीत के लिए 282 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम ने बेहतरीन शुरुआत की. वीरेंदर सहवाग और सौरभ गांगुली की सलामी जोड़ी ने श्रीलंका के गेंदबाज़ों के छक्के छुड़ा दिए.
रन गति आसमान छू रही थी और सहवाग के बल्ले से चौके-छक्के निकल रहे थे. लेकिन सहवाग की आक्रमक पारी ज़्यादा देर नहीं टिक सकी और वे 48 रन बनाकर वास की गेंद पर बोल्ड हो गए. वीरेंदर सहवाग ने 48 रनों की अपनी पारी के दौरान दिलहारा के एक ओवर में 26 रन बना डाले. उन्होंने इस ओवर में पाँच चौके और एक छक्के लगाए. अपने 48 रन उन्होंने सिर्फ़ 22 गेंदों पर बनाए, जिनमें नौ चौके और एक छक्का शामिल थे. सहवाग के आउट होने के बाद राहुल द्रविड़ और सौरभ गांगुली ने संभल कर खेलना शुरू किया. दोनों स्कोर को 102 रनों तक ले गए. संभल कर खेल रहे सौरभ गांगुली 26 रन बनाकर दिलशान की गेंद पर एलबीडब्लू हो गए. उनके आउट होने के बाद युवराज सिंह और राहुल द्रविड़ ने भारतीय जीत की उम्मीद बनाए रखी. दोंनों ने न सिर्फ़ रन गति बनाए रखी बल्कि आक्रमक स्ट्रोक भी लगाए. लेकिन जोड़ी टूटते ही जैसे भारतीय पारी बिखर गई. पहले युवराज सिंह 42 रन पर आउट हो गए. उसके बाद कप्तान द्रविड़ भी 69 रन बनाकर रन आउट हो गए. उसके बाद मोहम्मद कैफ़ को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ संघर्ष नहीं कर पाया. कैफ़ ने 31 रन बनाए. श्रीलंका की ओर से वास और मुरलीधरन को दो-दो विकेट मिले. श्रीलंका इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका की टीम ने 50 ओवर में नौ विकेट पर 281 रन बनाए.
श्रीलंका ने महेला जयवर्धने, सनत जयसूर्या और रसेल आर्नल्ड की शानदार बल्लेबाज़ी के कारण इतना बड़ा स्कोर खड़ा किया. जबकि भारत की ओर से एकमात्र सफल गेंदबाज़ रहे आशीष नेहरा, जिन्होंने छह विकेट लिए. महेला जयवर्धने ने सबसे ज़्यादा 83 रन बनाए. जबकि जयसूर्या ने 67 और आर्नल्ड ने 64 रनों का योगदान दिया. इस मैच के दौरान सनत जयसूर्या ने एक दिवसीय क्रिकेट में अपने 10 हज़ार रन भी पूरे किए. यह संयोग ही है कि इसी प्रतियोगिता में भारत के सौरभ गांगुली ने भी वनडे क्रिकेट में अपने 10 हज़ार रन पूरे किए. श्रीलंका ने फ़ाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया. श्रीलंका की ओर से शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही. कप्तान मरवन अटापट्टू सिर्फ़ 11 रन बनाकर चलते बने. उस समय श्रीलंका का स्कोर सिर्फ़ 32 रन ही था. प्रयोग के तौर पर उतारे गए दिलहारा भी नहीं चले और सिर्फ़ नौ रन बनाकर आशीष नेहरा के दूसरे शिकार बने. उपलब्धि कुमार संगकारा के सिर्फ़ आठ रन पर आउट होने के बाद श्रीलंका की टीम संकट में दिखने लगी. लेकिन एक छोर संभाले रखा जयसूर्या ने और एक दिवसीय क्रिकेट में अपने 10 हज़ार रन भी पूरे किए.
संगकारा के आउट होने के बाद जयसूर्या और जयवर्धने ने पारी संभाली और स्कोर को 122 रनों तक ले गए. जयसूर्या 67 रन बनाकर आउट हुए. जयसूर्या के बाद जयवर्धने और रसेल आर्नल्ड ने मोर्चा संभाला और पाँचवें विकेट के लिए 125 रनों की साझेदारी की. जयवर्धने ने सर्वाधिक 83 रन बनाए. रसेल आर्नल्ड दुर्भाग्यशाली रहे और 64 रन बनाकर रन आउट हो गए. बाद में चमिंडा वास ने नौ गेंद पर धमाकेदार 18 रन बनाकर टीम का स्कोर 281 रन पहुँचा दिया. भारत की ओर से एकमात्र सफल गेंदबाज़ रहे आशीष नेहरा. उन्होंने 59 रन देकर छह विकेट लिए. तीन खिलाड़ी जयसूर्या. आर्नल्ड और मुरलीधरन रन आउट हुए. |
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