|
और 3-4 साल खेलना चाहते हैं गांगुली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वनडे मैचों में दस हज़ार रन पूरे करने वाले सौरभ गांगुली कहते हैं कि वो अभी 3-4 साल और भारत के लिए खेलना चाहते हैं. सौरभ गांगुली के साथ ख़ास बातचीत का पहला अंश. सवाल - सौरभ, दस हज़ार रन पूरे करने पर बधाई. कितना मुश्किल रहा ये कर पाना? सौरभ - अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक रन बनाना भी आसान नहीं होता तो दस हज़ार तक पहुँचना तो मुश्किल होगा ही. मुझे ख़ुशी है कि मैं ये कर पाया. सवाल - पिछले कुछ महीनों से आप पर जो दबाव था, क्या श्रीलंका के ख़िलाफ़ पिछले मैच में अर्धशतक और ये रिकॉर्ड बनाने के बाद दबाव कम हुआ है? सौरभ - अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव तो हमेशा ही रहेगा. मेरे ऊपर भी रहा है क्योंकि मैं पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सिरीज़ में अच्छा नहीं खेला लेकिन मैं पिछले दस साल से भारत के लिए रन भी तो बनाता आया हूँ. मैं मानता हूँ कि वो पारी मुझे भविष्य में और रन बनाने में मदद करेगी. सवाल - सौरभ, आपका अगला लक्ष्य क्या है? सौरभ - 3-4 साल भारत के लिए खेलना, एक जीतने वाली टीम के लिए खेलना. उम्मीद है कि हम दोबारा एक हो कर जीतने वाली टीम बनेंगे और मेरी क़िस्मत अच्छी रही तो मैं भी उसमें योगदान दे पाऊँगा. अगर मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा तो मैं 3-4 साल ज़रूर खेलूँगा. सवाल – क्या रिटायर होने से पहले कोई अधूरी इच्छा पूरी करना चाहते हैं? सौरभ - हर खिलाड़ी की इच्छा होती है कि वो वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का सदस्य बने लेकिन उसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है. हम एक बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल खेल चुके हैं और उम्मीद है कि वेस्टइंडीज़ में दोबारा खेलेंगे और उसमें अच्छा खेल दिखाएँगे.
सवाल – सौरभ, रिकॉर्ड आपके लिए क्या मायने रखते हैं? सौरभ – व्यक्तिगत रिकॉर्ड खिलाड़ियों के अपने संतोष के लिए अहम होते हैं. और जब आप इस स्तर पर क्रिकेट खेलते हैं तो निजी संतोष बहुत महत्वपूर्ण होता है. लेकिन सारे रिकॉर्ड टीम की अच्छाई के लिए होने चाहिए. सवाल – दस हज़ार रनों तक पहुँचने में क्या कोई ख़ास पारी रही जो अब भी याद हो? सौरभ – वैसे तो सारे रन अहम हैं लेकिन जो प्रदर्शन वर्ल्ड कप या मिनी वर्ल्ड कप में होता है वो हमेशा याद रहता है क्योंकि वो वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े टूर्नामेंट हैं. वैसे वर्ल्ड कप का फ़ाइनल याद आता है जो हम हार गए थे. वो हमारी बदक़िस्मती थी कि हम हार गए. सवाल – क्या सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले ही दुनिया में सबसे अच्छे बल्लेबाज़ कहलाने चाहिए? सौरभ - रन तो अहम होते ही हैं क्योंकि किसी भी खिलाड़ी को आप उसके प्रदर्शन से ही आँकते हैं. सवाल – ऐसा कौन सा गेंदबाज़ है जिसने आपको अभी तक सबसे ज़्यादा परेशान किया है? सौरभ – ये कहना मुश्किल है क्योंकि सब आपकी और उस गेंदबाज़ की फ़ॉर्म पर निर्भर करता है. अगर आप अच्छी फ़ॉर्म में हैं तो आप उसे बढ़िया तरीक़े से खेल लेते हैं लेकिन अगर आप ख़राब फ़ॉर्म में हैं तो वही गेंदबाज़ आपको परेशान करेगा. सवाल – दुनिया का कोई ऐसा मैदान जहाँ बल्लेबाज़ी मुश्किल लगी हो? सौरभ - ऐसा कोई मैदान नहीं है. किसी भी मैदान पर भारत के लिए खेलना गर्व की बात है. (गांगुली से विशेष बातचीत का अगला हिस्सा रविवार को प्रकाशित किया जाएगा) |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||