| चौथे मैच के लिए तैयार अहमदाबाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अहमदाबाद में अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच मनोरंजक क्रिकेट की आस बँधाती सरदार पटेल गुजरात स्टेडियम की पिच को इंतज़ार है मंगलवार की सुबह का. वैसे भी सुबह 6 बजे से ही 47 हज़ार दर्शक स्टेडियम में प्रवेश करने के लिए कतार में खड़े हो जाएँगे. दर्शकों को पहले से ही आगाह कर दिया गया है कि वो क्रिकेट देखने बिल्कुल खाली हाथ आएँ- न खाना, न पानी साथ लाएँ और जब भूख-प्यास लगे तब स्टेडियम के भीतर ही जो मिले उसे खा-पी लें. 47 हज़ार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था इस स्टेडियम में है, जिनमें से 35 हज़ार तो ऐसे होंगे, जिन्होंने टिकटें खरीदी हैं. शेष बची पासधारियों की सीटों में बहुत सारी सीटें खाली जाएँगी ताकि जमशेदपुर की तरह टिकट रहने पर स्टेडियम में घुस नहीं पाए दर्शकों को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज की नौबत नहीं आए. बहरहाल, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान रात भर गश्त लगाते रहेंगे. दोगुनी व्यवस्था जिस होटल में टीम ठहरी है, वहाँ से लेकर स्टेडियम तक, सैन्य शिविर का नज़ारा देखने को मिलता है. गुजरात क्रिकेट संघ के अध्यक्ष नरहरि अमीन का कहना है कि आमतौर पर बड़े मैचों के लिए जितनी व्यवस्था की जाती है, उसकी दुगुनी इस बार की गई है. डेढ़ हज़ार सशस्त्र पुलिस के जवान, 200 से ऊपर विशेष बल के दस्ते, कमांडो, स्वयंसेवक और टिकट एवं पास चेक करने वाले दस्ते. स्टेडियम का नज़ारा बहुत कुछ एक क़िले के समान है. लेकिन अंदर जाते ही मैदान देखकर सुखद आश्चर्य होता है. गहरे हरी रंग की घास, मखमली और गद्देदार, कालीन की तरह बिछी है और 30 मीटर के सर्कल को, थोड़ी ज़्यादा कटी हुई, हल्के हरे रंग की घास से चिन्हित किया गया है और हरियाली के इन्हीं दो रंगों से पूरे मैदान में समानांतर पट्टियाँ क्यारियों की तरह सजाई गई हैं. आशा है कि आउटफ़ील्ड तेज होगी. पिच और गर्मी
अगर पिच को देखे तो घास बिल्कुल नहीं के बराबर है और पिच अच्छी तरह से रोल्ड भी है. लेकिन जब तामपाम 40 डिग्री के आसपास हो तब पिच की उपरी पर नमी के कारण के कारण दरारें तो पड़ ही जाती है. पश्चिमी क्षेत्र के चीफ क्यूरेटर धीरज परसन्ना का कहना था कि इस पिच पर पाँच-सवा पाँच सौ रन ज़रूर बनेंगे, लेकिन हाँ जिस टीम ने पहले 250-260 रन खड़े कर लिया, उसका पलड़ा भारी हो जाएगा क्योंकि जो टीम बाद में बल्लेबाज़ी करने पिच पर उतरेगी, उसे शायद स्पिन गेंदबाज़ पिच से मदद लेकर थोड़ा परेशान करें. ऊपर से गर्मी, पहले फील्डिंग करने वालों के लिए बदहाली का कारण बन सकती है. सौरभ गांगुली और इंज़मामुल हक़, दोनों को ऐसा लगता है कि इस पिच पर स्पिनर्स अपना कमाल दिखा सकते हैं. इसलिए इंज़माम ने कहा कि वे दानिश कनेरिया को टीम में रखेंगे लेकिन सौरभ कुछ चिंतित दिखे, क्योंकि यहाँ सुनने में आ रहा है कि हरभजन सिंह पूरी तरह फिट नहीं हैं. ऐसे में मुरली कार्तिक को टीम में जगह मिल सकती है और बालाजी पूरी तरह फिट नहीं होते तो अजीत अगरकर, अंतिम ग्यारह में जगह पा सकते हैं. सौरभ का फ़ॉर्म सौरभ गांगुली अपने खराब फॉर्म और फीके प्रदर्शन की तीखी आलोचनाओं से भी काफी परेशान हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि वे अच्छे फार्म में नहीं और आलोचनाओं को स्वभाविक कराक दिया, लेकिन साथ-साथ यह भी कहा कि जब बुरे दिन आते हैं तो आलोचकों के साथ-साथ समर्थक भी खड़े हो जाते हैं. फिलहाल, सबसे अहम सवाल यह है कि अहमदाबाद में टॉस कौन जीतेगा? हालाँकि सौरभ टॉस को बहुत अहमियत नहीं देते, लेकिन इंज़माम ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि अहमदाबाद ही नहीं, इस पूरी श्रृंखला में टॉस अपनी भूमिका निभाता रहा है और निभाता रहेगा. आखिर इतनी गर्मी में जो टीम फील्डिंग के बाद बैटिंग के लिए उतरेगी, वह एक लम्बे स्कोर का पीछा कैसे कर पाएगी. |
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