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चेक गणराज्य सेमीफ़ाइनल में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्ट्राइकर मिलान बैरोस के पैरों के जादू ने चेक गणराज्य को यूरो 2004 के सेमीफ़ाइनल में पहुँचा दिया है. अंतिम क्वार्टर फ़ाइनल में चेक टीम ने डेनमार्क को आसानी से 3-0 से हरा दिया. मुक़ाबले के पहले हाफ़ में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और दूसरे हाफ़ में ही तीनों गोल हुए. हाफ़टाइम के बाद चेक टीम के जान कोलर ने कैरेल पोब्रोस्की के कॉर्नर को सिर से गोल में पहुँचाया और इसी के साथ खुला चेक गणराज्य का खाता. मगर मुक़ाबला रहा बैरोस के नाम जिन्होंने डेनमार्क के थॉमस सोरेनसेन को छकाते हुए बॉल को गोल का रास्ता दिखाया. इसके बाद पावेल नेदवेद के बेहतरीन पास को बैरोस ने गोल में भेजकर टीम की जीत सुनिश्चित कर दी. सेमीफ़ाइनल में चेक टीम का मुक़ाबला ग्रीस से होगा जिसने आश्चर्यजनक मुक़ाबले में फ़्रांस को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इसके साथ ही बैरोस पाँच गोल करके प्रतियोगिता में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. चेक टीम ने बेहतरीन शुरुआत की. कोलर और बैरोस ने डेनमार्क की रक्षा पंक्ति को व्यस्त रखा जबकि मिडफ़ील्ड में कप्तान नेदवेद ने आक्रमण को धार दी. तीनों ने ही डेनमार्क के गोलकीपर को काफ़ी मुश्किलों में डाला. इसके बाद धीरे-धीरे डेनमार्क ने भी खेल में वापसी की और कुछ अच्छे पास भी दिए मगर उनका खेल कहीं भी चेक के लिए ख़तरा पैदा नहीं कर सका. पहले हाफ़ में गोल नहीं हो पाने के बाद दूसरे हाफ़ में दोनों ही टीमें गोल करने के लिए आतुर थीं और गोल हुआ दूसरे हाफ़ के चौथे ही मिनट में. इसके बाद खेल आगे बढ़ने पर जब दो मिनट के भीतर ही बैरोस ने दो गोल कर दिए तो ये सुनिश्चित हो गया कि मुक़ाबला डेनमार्क के हाथ से निकल चुका है. इस मुक़ाबले के बाद अब चेक टीम गुरुवार को होने वाले सेमीफ़ाइनल में काफ़ी आत्मविश्वास से जाएगी. |
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