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इटली यूरो 2004 से बाहर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बुलगारिया को 2-1 से हराने के बावजूद इटली यूरो 2004 फ़ुटबॉल से बाहर हो गया है. तीन बार विश्व कप जीत चुकी इटली की टीम, चार साल पहले यूरोप में द्वितीय नंबर पर थी. लेकिन ग्रुप 'सी' में बुलगारिया पर जीत के बावजूद इटली की टीम यूरो 2004 के क्वार्टर फ़ाइनल में इसलिए नहीं पहुँच पाई क्योंकि डेनमार्क और स्वीडन का मैच ड्रॉ हो गया. दोनो डेनमार्क और स्वीडन क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँच गए हैं. इटली, डेनमार्क और स्वीडन को पाँच-पाँच प्वॉँइट मिले हैं लेकिन डेनमार्क और स्वीडन का गोल का अंतर इटली से बेहतर है. इटली और बुलगारिया के मैच में हाफ़ टाइम पर मार्टिन पैट्रोव ने बुलगारिया को 1-0 की बढ़त दिलवा दी. लेकिन दो मिनट के भीतर ही सिमौन पेरोटा ने गोल कर इटली को बराबरी दिला दी. दोनो टीमों की रक्षक पंक्ति ने अच्छा प्रदर्शन किया. इसके बाद समय ख़त्म होने से कुछ ही पल पहले इटली के केसैनो ने दूसरा गोल दाग़ कर इटली को जीत दिलाई. लेकिन इटली की टीम ने जीत का जश्न शुरु ही किया था कि ख़बर मिली कि डेनमार्क और स्वीडन का मैच ड्रॉ हो गया. एक यही ऐसी परिस्थिति थी जब जीतने के बावजूद इटली क्वार्टर फ़ाइनल में प्रवेश करने से वंचित हो सकता था. डेनमार्क और स्वीडन के मैच में डैनमार्क के जॉन डाल ने पहला गोल किया था जबकि स्वीडन के हेनरिक लार्सन ने इसकी बराबरी की थी. इसके बाद जॉन डाल ने डेनमार्क के लिए दूसरा गोल किया लेकिन स्वीडन के जॉनसन ने मैच समाप्ती से कुछ क्षण पहले इसकी बराबरी की. इस तरह दोनो डेनमार्क और स्वीडन ने यूरो कप की अंतिम आठ टीमों में अपनी-अपनी जगह पक्की कर ली लेकिन इटली यूरो कप से बाहर हो गया. |
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