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जर्मनी और हॉलैंड 1-1 से बराबरी पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरो 2004 में मंगलवार को जर्मनी को निराशा का सामना करना पड़ा जब उसके बड़े प्रतिद्वंद्वी हॉलैंड ने खेल के आख़िरी समय में गोल दागकर मैच को 1-1 से बराबर कर दिया. दूसरे मैच में चेक गणराज्य ने लातविया को 2-1 से हरा दिया है. जर्मनी और हॉलैंड के मैच पर सबकी नज़रें लगी हुई थीं. हॉलैंड के रड वान निस्तेलरु ने खेल के 81 वें मिनट में गोल दागकर अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी जर्मनी को निराश की कर दिया. तब तक जर्मनी एक गोल से आगे चल रहा था और हॉलैंड जिस तरह के खेल का प्रदर्शन कर रहा था उसके चलते इसकी कोई संभावना नहीं दिख रही थी कि वह जर्मनी के ख़िलाफ़ कोई गोल भी दाग पाएगा. हालांकि हॉलैंड ने शुरुआत अच्छी की थी लेकिन जल्दी ही मैच जर्मनी के हाथों में चला गया. जर्मनी ने अपना पहला गोल खेल के 30 वें मिनट पर किया जब फ़्रिंग्स ने फ़्री किक को गोल में तब्दील किया. चेक-लातविया 2-1
यह मैच चेक गणराज्य ने लातविया से 2-1 से जीता. खेल के 45 वें मिनट पर जब वेरकापोवस्किस ने लातविया के लिए पहला गोल दागा तो चेक प्रशंसकों के चेहरे पर परेशानी साफ़ झलक रही थी. लेकिन 72वें मिनट पर बैरोस ने चेक गणराज्य को बराबरी दिलवाई और फिर 85वें मिनट पर हेंज़ ने जीत दिलाने वाला गोल दागा. विशेषज्ञों का मानना है कि खेल के दौरान कई बार लातवियाई टीम की अनुभवहीनता झलक रही थी. |
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