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रविवार, 13 जून, 2004 को 21:11 GMT तक के समाचार
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रोमांचक मुक़ाबले में फ़्रांस जीता
डेविड बेकम
डेविड बेकम को मौक़ा मिला मगर वह उसका फ़ायदा नहीं उठा पाए
दुनिया के बेहतरीन मिडफ़ील्डरों में से एक ज़िनेदिन ज़िदान के पैरों का जादू आख़िरकार इंग्लैंड पर भारी पड़ा और यूरो 2004 के मुक़ाबले में फ़्रांस ने इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया.

इंग्लैंड के कप्तान डेविड बेकम ने पेनल्टी का जो मौक़ा गँवाया वो इंग्लैंड को काफ़ी भारी पड़ा.

ज़िदान ने मैच के आख़िरी मिनटों में मिले मौक़े का पूरा फ़ायदा उठाया और फ़्री-किक के बाद पेनल्टी को भी गोल में तब्दील करने में कोई ग़लती नहीं की.

इससे पहले इंग्लैंड मैच में अधिकतर समय आगे बना रहा मगर वह इसका फ़ायदा नहीं उठा सका.

बेकम ने 38वें मिनट में फ़्री किक ली जिसे फ़्रैंक लैंपार्ड ने गोल का रास्ता दिखा दिया.

ज़िनेदिन ज़िदान
ज़िदान ने आख़िरी मौक़े पर दो गोल किए और मैच फ़्रांस की झोली में गया

पिछले 12 मैचों में फ़्रांस पर पहली बार ये गोल हुआ और इसके बाद जब वायन रूनी को ग़लत तरह से रोकने की कोशिश की वजह से इंग्लैंड को पेनल्टी मिली तो लग रहा था कि मैच इंग्लैंड की झोली में चला जाएगा मगर ऐसा नहीं हो सका.

बेकम के शॉट का सही अंदाज़ा फ़्रांस के गोलकीपर माइकल सिल्वेस्टर ने लगाया और शॉट रोक लिया.

इसके साथ ही लगा जैसे फ़्रांस का भाग्य पलटा और उसने जीत दर्ज की.

इससे पहले ग्रुप बी के ही एक अन्य मैच में स्विटज़लैंड और क्रोएशिया का मैच गोल रहित रहा.

क्रोएशिया को तीन मौक़े मिले मगर वह एक को भी गोल में बदलने में क़ामयाब नहीं हुआ.

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