रूसी डोपिंग मामले के व्हिसलब्लोअर

ग्रीगोरी रॉडशेनकॉफ़

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ये हैं रूसी डोपिंग मामले के व्हिसलब्लोअर ग्रीगोरी रॉडशेनकॉफ़ जिनके खुलासों के बाद रूसी एथलीटों पर प्रतिबंध लगे हैं.

ग्रीगोरी रॉडशेनकॉफ़ के मुताबिक उन्होंने ऐसे पदार्थ बनाए थे जिससे रूसी ओलंपिक एथलीटों को बेहतर खेलने में मदद मिले.

साथ ही उन्होंने ये भी कबूला था कि वो यूरीन के नमूनों को बदल देते थे जिससे जांच में ड्रग का पता नहीं चलता था.

2014 सोची विंटर ऑलंपिक के दौरान ग्रीगोरी, रूस के एंटी-डोपिंग लैबोरेटोरी के डायरेक्टर थे.

साल के शुरुआत न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ग्रीगोरी ने बताया था कि रूसी ख़ुफिया सेवा ने यूरीन कंटेनर्स में बदलाव किए थे.

जिन यूरीन कंटेनर्स को टैंपर-प्रूफ़ माना जाता था उनसे छेड़छाड़ कर उसे खोलकर सैंपल बदल दिए जाते थे.

उनके इस खुलासे के बाद वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी(वाडा) ने इसकी जांच बिठाई.

सोमवार को वाडा ने आरोप लगाया कि रूस ने चार सालों से राज्य प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम चलाया.

इसमें समर और विंटर ऑलंपिक खेल शामिल हैं.

वाडा रिपोर्ट के आधार पर मांग उठने लगी है कि पूरी रूसी टीम को रियो ओलंपिक से प्रतिबंधित कर दिया जाए.

मॉस्को टाइम्स रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि ये खेल में राजनीतिक दखल का ख़तरनाक उदाहरण है.

साथ ही उन्होंने आरोप लगाए कि ये मामला एक ऐसे शख्स के कारण तूल पकड़ा जिसकी साख पर पहले से ही बट्टा लगा है.

एक वक्त था जब रूसी अधिकारियों की ग्रीगोरी रॉडशेनकॉफ़ पर ज्यादा कृपादृष्टि थी.

सोची खेलों में रूस को सर्वाधिक पदक मिले और बाद में ग्रीगोरी को भी पदक से नवाज़ा गया.

लेकिन पिछले साल नवंबर में वाडा रिपोर्ट में उन पर आरोप लगे कि रूसी खेलों में डोपिंग के पीछे उनका हाथ है.

उन्हें रिश्वत मांगने, रिश्वत लेने और 1400 से ज्यादा खून और पेशाब के नमूनों को नष्ट करने के आरोप लगे.

ग्रीगोरी ने अपने पद से इस्तीफा दिया और जनवरी में वो सुरक्षा कारणों से अमरीका भाग गए.

फरवरी में वाडा से मान्यता प्राप्त रूसी एंटी-डोपिंग एजेंसी के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों की अचानक मौत हो गई.

न्यूयॉर्क टाइम्स से अपने इंटरव्यू में रॉडशेनकॉफ़ ने कहा कि धावकों को डोपिंग में शामिल करना उनके काम का हिस्सा था.

उन्होंने कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करते तो उनके प्रयोगशाला को फंड मिलना बंद हो जाता.

रूस ने उनपर परफॉर्मेंस बेहतर करने के लिए ड्रग तस्करी के आरोप में डांच बिठाई लेकिन उन्हें जेल नहीं पहुंचाया गया.

उनके मुताबिक रूसी अधिकारियों ने ही उन्हें सोची खेलों में एथलीट्स को डोप करने के लिए निर्धारित किया था.

उस वक्त उनके आरोपों को रूस ने सिरे से ख़ारिज़ कर दिया था.

लेकिन रूस का सबसे लोकप्रिय खेल अख़बार, स्पोर्ट एक्सप्रेस ने इस मामले में बहुत अलग नज़रिया लिया.

अख़बार के मुताबिक रॉडशेनकॉफ़ को अगर 'सबकुछ नहीं भी पता था, तो उन्हें करीब-करीब सबकुछ पता था.'

जर्मन पत्रकार हैजो सेपेल्ट ने एक ऑनलाइन पत्र पोस्ट किया जिसे रॉडशेनकॉफ़ और उन्हें रूस से भगाने वाले डॉक्यूमेंट्री मेकर, ब्रायन फोगल ने वाडा और आईओसी को लिखी जिसमें और जानकारियां देने का वादा किया.

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