लीग आयोजन से बढ़ी भारतीय हॉकी की उम्मीदें

हॉकी इंडिया लीग

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    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए

क्रिकेट की तर्ज़ पर भारत में अपनी एक अलग ही पहचान बना चुकी हॉकी इंडिया लीग का तीसरा संस्करण गुरूवार से शुरू होने जा रहा है.

देसी- विदेशी खिलाड़ियों, कोचों और प्रशिक्षकों से सजी-धजी लीग के इस संस्करण का पहला मुक़ाबला भुवनेश्वर में कलिंगा लांसर्स और रांची रायनोज़ के बीच खेला जाएगा.

फ़ाइनल मैच 22 फ़रवरी को खेला जाना है. इस लीग का पहला ख़िताब साल 2013 में रांची रायनोज़ ने अपने नाम किया था.

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फ़ाइनल में उन्होंने दिल्ली वेबराइडर्स को 2-1 से मात दी थी. दिल्ली वेबराइडर्स ने अगले ही साल 2014 में चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया.

इस लीग में रांची रायनोज़ और दिल्ली वेबराइडर्स के अलावा दबंग मुंबई, कलिंगा लांसर्स, पंजाब वारियर्स और उत्तर प्रदेश विज़ार्डस सहित छह टीमें शामिल हैं.

हॉकी लीग के मुक़ाबले दिल्ली, भुवनेश्वर, मोहाली, रांची, लखनऊ और मुंबई में खेले जाएंगे.

नेतृत्व क्षमता

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दिल्ली की कमान भारत के कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सेंटर हाफ़ खिलाड़ियों में से एक सरदार सिंह संभाल रहे हैं.

विवादों से परे रहकर नेतृत्व करने की क्षमता उन्हें बेजोड़ बनाती है. कलिंगा लांसर्स के कप्तान मिडफ़िल्डर और भारत के पूर्व कप्तान प्रबोध टिर्की हैं.

वे अपनी कप्तानी में साल 2007 में भारत को एशिया कप जीता चुके हैं. पंजाब वारियर्स के कप्तान ऑस्ट्रेलिया के जिमी ड्वायर हैं.

खिलाड़ियों का दमख़म

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वह 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गोल कर चुके हैं. उत्तर प्रदेश विज़ार्डस के कप्तान बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर वी आर रघुनाथ हैं.

इस लीग में नीदरलैंडस के जॉक स्टोकमैन, पिरमैन बलाक, नूइजेर, सैंडेर बार्ट और ऑस्ट्रेलिया के जॉर्ज बैज़ले, एडवर्ड ओकेंडेन के साथ-साथ नयूज़ीलैंड, मलेशिया और स्पेन के खिलाड़ी भी अपना दमख़म दिखा रहे हैं.

हॉकी इंडिया लीग से आखिरकार भारतीय हॉकी को क्या मिला?

विदेशी खिलाड़ी

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इस सवाल के जवाब में 1975 में विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट विजेता भारतीय टीम के कप्तान रहे और फिलहाल दिल्ली वेबराइडर्स के कंसलटेंट अजितपाल सिंह कहते हैं कि सबसे बड़ा लाभ यह मिला कि भारत ने पिछले दिनों एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक 16 साल बाद जीता.

वे बताते हैं कि इसके साथ ही भारत ने अगले ओलम्पिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया जो भारत की सबसे बड़ी सिरदर्दी रहती थी.

इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने और अभ्यास करने का अवसर भी मिलता है.

फ़िटनेस सुधार

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अजितपाल सिंह कहते हैं कि भारतीय खिलाड़ी हर महत्वपूर्ण मीटिंग में शामिल रहते हैं जिससे रणनिति समझने में आसानी होती है.

अजितपाल सिंह हॉकी इंडिया लीग का एक अहम फ़ायदा भारतीय खिलाड़ियों की फ़िटनेस सुधरना भी मानते हैं और पैसा तो अब इस लीग में है ही.

हालांकि वे इस ओर भी इशारा भी करते हैं कि जूनियर स्तर पर कुछ ऐसा ही हो तो और भी लाभ होगा.

बेहतर सुविधाएं

सरदारा सिंह

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वैसे इस लीग के माध्यम से आकाशदीप सिंह और मल्क सिंह जैसे युवा खिलाड़ी भी मिले हैं.

इस लीग के बहाने क्रिकेट की ही तरह दूधिया रोशनी वाले स्टेडियम भी खिलाड़ियों को मिले हैं जिनमें पहले से बेहतर सुविधाएं हैं.

विदेशी कोच, विदेशी खिलाड़ी, विदेशी ट्रेनर और हर मैच में दर्शकों से खचाखच भरे स्टेड़ियम और जेब में आता पैसा, इससे भला और क्या होता होता भारतीय खिलाड़ियों के लिए.

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