इनके दम पर ऑस्ट्रेलिया में जीता भारत

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
पिछला कुछ समय भारतीय हॉकी के लिए बेहद ख़ुशियों भरा रहा है.
पहले तो भारत ने इंचियोन एशियाई खेलों में 16 साल बाद स्वर्ण पदक जीता, वह भी अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर.
इसके बाद भारत ने विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया को उसी की ज़मीन पर खेली गई चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 3-1 से मात दी.
ऐसा भारत की हॉकी के इतिहास में पहली बार हुआ जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया से कोई सिरीज़ अपने नाम की.
इस टीम की जीत में पांच मुख्य खिलाड़ियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही.
कप्तान सरदार सिंह

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भारत के कप्तान सरदार सिंह की प्रतिभा की पूरी दुनिया क़ायल है.
शायद यही कारण है कि जब हॉकी इंडिया लीग के लिए खिलाड़ियों की नीलामी में वह सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी थे.
उन्हें तब 78,000 डॉलर में दिल्ली वेवराइडर्स ने ख़रीदा था. वे अभी तक 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं.
गोलकीपर पी श्रीजेश

आशीष बलाल के बाद भारत को अगर कोई भरोसेमंद गोलकीपर मिला है तो वह पी श्रीजेश हैं.
पी श्रीजेश भी 100 से अधिक मैच खेल चुके हैं. टाईब्रेकर में गोल बचाना उनकी ख़ासियत है.
ऑस्ट्रेलिया में जैसे ही पी श्रीजेश ने टीम को रक्षा का भरोसा दिया, वहीं फॉरवर्ड के हमलों में तेज़ी आ गई और भारत ने पीछे मुड़कर नही देखा.
आकाशदीप सिंह

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आकाशदीप तब एकदम सुर्खियों में आए जब उन्होंने पिछले विश्व कप में मलेशिया के ख़िलाफ़ केवल तीन मिनट में दो गोल किए.
उनके इस यादगार प्रदर्शन की वजह से भारत 3-1 से मैच जीतने में कामयाब रहा.
बीते एशियाई खेलों के सेमीफ़ाइनल में भी मेज़बान कोरिया के ख़िलाफ़ मैच जीताने वाला एकमात्र गोल भी आकाशदीप सिंह ने ही किया था.
आकाशदीप सिंह ने ही ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चौथे टेस्ट मैच में तीन में से दो गोल कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई.
रूपिंदर पाल सिंह

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रूपिंदर पाल सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ही अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेला.
वह अभी तक 42 गोल कर चुके हैं. उनके मज़बूत डिफ़ेंस से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अधिक गोल करने में नाकाम रहे.
एसवी सुनील

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भारत के लिए 100 से अधिक मैच खेल चुके हैं और उनके खाते में 50 गोल भी हैं.
वह दमदार फॉरवर्ड खिलाड़ी हैं और लंदन ओलंपिक में भी टीम का हिस्सा थे. उनके गोल ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारत की जीत में अहम साबित हुए.
अब भारतीय हॉकी टीम चैम्पियंस ट्रॉफ़ी की तैयारी में जुट जाएगी जो छह से 14 दिसंबर तक भारत के ही भुवनेश्वर शहर में खेली जानी है.
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