देखकर नहीं सुनकर छक्के उड़ाने वाले

इमेज स्रोत, British Broadcasting Corporation
- Author, अतहर अहमद
- पदनाम, बीबीसी एशियन नेटवर्क
एक गेंदबाज़ पूरी रफ्तार से दौड़ रहा है. बल्लेबाज़ शॉट के लिए मैदान में गैप्स तलाश रहा है और शॉर्ट लेग पर फ़ील्डर कैच लपकने के लिए खड़ा है.
ये नज़ारा उत्तरी लंदन में खेले जा रहे एक टी-20 क्रिकेट मैच का है. तो इसमें क्या ख़ास बात है?
ख़ास ये है कि मैदान पर फेंकी जा रही गेंद एक छोटे आकार के फ़ुटबॉल जैसी है और विकेट सामान्य से बड़े हैं.
फ़ील्डर को गेंद के एक बार टप्पा खा जाने के बावजूद कैच लपकने की छूट है.
और सभी खिलाड़ी नेत्रहीन हैं.
अतहर अहमद की रिपोर्ट
हसन ख़ान की आँखों की रोशनी तीन साल की उम्र में ही चली गई थी. किसी जेनेटिक कमज़ोरी ने उनकी आँखों की रोशनी आहिस्ता-आहिस्ता छीन ली थी.
क्रिकेट दोस्त

इमेज स्रोत, British Broadcasting Corporation
लेकिन उन्होंने अपने आपको संभाला और अपने क्रिकेट के शौक़ को अंजाम तक पहुंचाने का फ़ैसला किया.
उन्होंने स्कूली स्तर पर क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया और फिर प्रतिभाएं तलाशने वाले एक संगठन की उन पर नज़र गई.
हसन कहते हैं, "अंधेपन की वजह से मुझे ये लगता था कि मेरे होने का कोई मतलब नहीं है लेकिन क्रिकेट ने एक दोस्त की तरह मेरी मुश्किलों से मुझे उबारने में सहारा दिया. क्रिकेट के कारण ही मैं अपनी आंखों के बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचता."
27 साल के हसन ऐसे पहले एशियाई खिलाड़ी हैं जो इंग्लैंड की नेत्रहीन क्रिकेट टीम में शामिल किए गए हैं.
उनकी टीम अगले महीने दक्षिण अफ्रीका में होने वाले नेत्रहीन क्रिकेट विश्वकप में भाग लेने जा रही है.
घरेलू लीग

इमेज स्रोत, British Broadcasting Corporation
हसन कहते हैं, "क्रिकेट ने मुझे खेल से कहीं ज्यादा दिया है. इसने मुझे आज़ादी दी है. मेट्रो स्टेशन जाने जैसे रोज़मर्रा के काम करते वक्त भी मैं पहले बहुत डरा डरा रहता था लेकिन अब मैं अकेले सफर करता हूं."
हसन उन तीन सौ में से हैं जो घरेलू क्रिकेट प्रतिस्पर्द्धाओं के लिए खेलते हैं. ब्रिटेन में फिलहाल ऐसे 17 क्लब हैं जो नेत्रहीन क्रिकेट से जुड़े हुए हैं.
जागरूकता

इमेज स्रोत, British Broadcasting Corporation
खेलों का आयोजन करने वाली संस्था का मानना है कि निचले स्तर पर नेत्रहीन क्रिकेट के प्रति जागरूकता और इसके साथ ही उनकी भलाई के लिए काम करने से राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की संख्या बढ़ी है.
'ब्लाइंड क्रिकेट इंग्लैंड एंड वेल्स' के डेवलपमेंट डायरेक्टर जॉन गार्बेट कहते हैं, "कई लोग हैरत के साथ कहते हैं, नेत्रहीन क्रिकेट, आपको भरोसा है? लेकिन वो देखते हैं कि इसके कायदे भी रेगुलर क्रिकेट की तरह ही हैं. बल्लेबाजी भी वही है और गेंदबाज़ी भी."
दक्षिण एशियाई

इंग्लैंड में नेत्रहीन क्रिकेट की घरेलू प्रतिस्पर्द्धाओं के लिए खेलने वाले खिलाड़ियां का पांचवां हिस्सा दक्षिण एशियाई मूल का है.
हालांकि नेत्रहीन क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय संस्करण के नियम कुछ अलग हैं.
गेंद में स्टील के छल्ले लगे होते हैं ताकि बल्लेबाज़ और फील्डर इसे सुन सकें.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के <link type="page"><caption> एंड्रॉएड ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












