अब कबड्डी का ग्लैमरस अवतार

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- Author, राखी शर्मा
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की तर्ज पर 26 जुलाई से शुरू हो रही है प्रो कबड्डी लीग, जिसमें बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा देखने को मिलेगा.
इसे अमेच्योर कबड्डी फैडरेशन और एशियन कबड्डी फेडरेशन के अलावा इंटरनेशनल कबड्डी फैडरेशन का भी साथ मिल रहा है.
लीग में भारत की आठ टीमें हिस्सा लेंगी, जिसमें से दो टीमें बॉलीवुड के नामचीन सितारों ने ख़रीदी हैं.
बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन ने जयपुर की टीम खरीदी है, जिसे उन्होंने जयपुर पिंक पैंथर्स का नाम दिया है.
जबकि जाने-माने निर्माता रॉनी स्क्रूवाला मुंबई टीम के मालिक हैं.
अभिषेक बच्चन ने बीबीसी को बताया, "कबड्डी का खेल मुझे बहुत पसंद है. प्रो कबड्डी लीग के ज़रिए हमें मौका मिला है कि हम इस खेल को ऐसे मुकाम तक ले जा सकें, जहां क्रिकेट, हॉकी और फ़ुटबॉल जैसे दूसरे खेल हैं. हम सभी ने बचपन में कबड्डी खेली है. जब मेरे सामने यह प्रस्ताव आया, तो मैंने तुरंत इसके लिए हां कर दी."

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इसके अलावा कबड्डी की एक और लीग 'वर्ल्ड कबड्डी लीग' अगले महीने शुरू होगी, जिसमें अक्षय कुमार, रैपर हनी सिंह और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा जैसे सितारों की टीमें हिस्सा लेंगी.
सोनाक्षी कहती हैं, "भारत में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों को प्रमोट करने की बहुत ज़रूरत है. अगर मैं इसका हिस्सा बन सकती हूं और हम इसे आगे ले जा सकते हैं तो क्यों नहीं."
मजबूरी है ग्लैमर का सहारा!

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क्रिकेट को शायद ग्लैमर के सहारे की उतनी ज़रूरत न पड़े, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में दूसरे खेलों के प्रति लोगों का रवैया देखते हुए सितारों को खेल में 'तमाशे की तरह जोड़ना' मजबूरी बन गई है.
कबड्डी जैसे खेलों को दर्शक नहीं मिलते. चर्चित क्रिकेट कमेंटेटर और प्रो कबड्डी लीग के मैनेजिंग डायरेक्टर चारु शर्मा के मुताबिक़, "ऐसा नहीं है कि ग्लैमर के आ जाने से खेल बदल जाता है. मगर ग्लैमर के आने से उनका ध्यान आकर्षित होता है जो इस खेल से ज़्यादा प्यार नहीं करते. सितारों की वजह से कुछ लोग आकर खेल देखना शुरू कर देते हैं. और कबड्डी भी ऐसा क्यों न करे."
कबड्डी को मिलेगी पहचान !

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अंतरराष्ट्रीय कबड्डी फैडरेशन के अध्यक्ष जे एस गहलोत मानते हैं कि कबड्डी में प्रोफेशनल लीग के आने से इस खेल को सही पहचान मिलेगी.
गहलोत कहते हैं, "इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अगर इस खेल को सही तरीक़े से हाईलाइट करेगा तो निश्चित तौर से बच्चों में इसके प्रति दिलचस्पी और बढ़ेगी. इसमें क्रिकेट के युवराज सिंह की तरह खिलाड़ियों की 14 करोड़ रुपए की बोली तो नहीं लग सकती, लेकिन 14-15 लाख रुपए की बोली लगना सही शुरुआत है."
वैसे हॉकी और बैडमिंटन लीग को तमाम शोर-शराबे के बाद भी कामयाबी नहीं मिल पा रही. ऐसे में सितारों के सहारे कबड्डी की लीग कितनी दूर तक जा पाएगी?
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