मोहसिन ख़ान का वो दर्द, जो आईपीएल मैच के एक आख़िरी ओवर ने भुला दिया

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- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

- मंगलवार को लखनऊ और मुंबई के बीच आईपीएल का एक महत्वपूर्ण मैच खेला गया था
- पहले बल्लेबाज़ी करते हुए लखनऊ ने 20 ओवर में तीन ओवर में 177 रन बनाए थे
- जवाब में मुंबई की टीम 20 ओवर में पाँच विकेट पर 172 रन ही बना पाई थी
- आख़िरी ओवर में मुंबई को 11 रन बनाने थे
- लखनऊ के मोहसिन ख़ान ने ज़बरदस्त गेंदबाज़ी की थी
- मोहसिन ख़ान ने आख़िरी ओवर में सिर्फ़ पाँच रन बनने दिए थे
- मोहसिन ख़ान का पिछला साल करियर के हिसाब काफ़ी उतार-चढ़ाव भरा रहा है

मंगलवार को आईपीएल के एक मुक़ाबले में लखनऊ सुपर जाएंट्स ने मुंबई इंडियंस को एक रोमांचक मैच में हरा दिया.
लखनऊ में हुए इस मैच में लखनऊ की टीम के दो खिलाड़ियों की ख़ास चर्चा है.
टीम के मेन्टॉर गौतम गंभीर ने ट्वीट कर लिखा कि दो एम ने जीत में अहम भूमिका निभाई.
एक एम यानी मार्कस स्टॉयनिस और दूसरे एम यानी मोहसिन ख़ान.
स्टॉयनिस की धुँआधार बल्लेबाज़ी के अलावा मोहसिन ख़ान ने अपनी गेंदबाज़ी से प्रशंसकों का दिल जीत लिया.
वैसे तो स्टॉयनिस को उनकी 89 रनों की पारी की वजह से प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया, लेकिन जिस खिलाड़ी की चर्चा क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच और सोशल मीडिया पर हुई, वो थे मोहसिन ख़ान.
मोहसिन ख़ान ने बेहतरीन आख़िरी ओवर डालकर मुंबई इंडियंस को पाँच रन से हराने में बड़ी भूमिका निभाई.
लखनऊ के इस युवा गेंदबाज़ का पिछला सीज़न तो शानदार गया था, लेकिन इस सीज़न एक मैच में जब उन्हें गेंदबाज़ी मिली, तो वो बेहद ख़र्चीले साबित हुए.
इसके बाद उन्हें कई मैचों में चुना ही नहीं गया.
इसके साथ-साथ लोगों की नज़रों से दूर उनके दिल में एक पारिवारिक समस्या भी चोट कर रही थी और कहीं ना कहीं उनका ध्यान बाँट रही थी.
इन सबके बावजूद मोहसिन ख़ान ने आख़िरी ओवर में सीम बोलिंग का ऐसा जाल बुना कि मुंबई के नामी गिरामी बल्लेबाज़ भी 6 गेंद पर 11 रन नहीं बना सके और लखनऊ को एक यादगार जीत मिली.
सीज़न का सर्वश्रेष्ठ अंतिम ओवर

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लखनऊ सुपर जायंट्स के 177 रन के जवाब में मुंबई ने बेहतरीन शुरुआत की.
कप्तान रोहित शर्मा और ईशान किशन ने मज़बूत नींव रखी और लंबे समय तक मुंबई इस मैच में आगे नज़र आ रही थी.
लेकिन मिडिल ओवर्स में विकेट्स गिराकर लखनऊ ने मैच में वापसी कर दी.
बाद में मुंबई के टिम डेविड ने कुछ अच्छे हिट्स लगाए और अंतिम ओवर में उनकी टीम को जीत के लिए महज़ 11 रन चाहिए थे.
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लखनऊ के कप्तान क्रुणाल पंड्या ने मोहसिन ख़ान पर भरोसा जताया और अंतिम ओवर के लिए उन्हें गेंद थमा दी.
मोहिसन ख़ान के लिए ये बड़ा मौक़ा था क्योंकि उन्हें याद था इसी सीज़न का जो पिछला मैच उन्होंने खेला था, उसमें उनकी जमकर पिटाई हुई थी.
उनका ये ओवर या तो उस बुरे स्पेल को भुला देता या फिर एक और ग़लती उन्हें टीम से फिर बाहर कर सकती थी.

इस सीज़न में बल्लेबाज़ों ने 11 से बहुत ज़्यादा रन आख़िरी ओवर में बनाए हैं, इसलिए टारगेट को साधारण ही कहा जा सकता था.
ख़ासकर जब सामने लगभग साढ़े छह फ़ीट के कद्दावर बल्लेबाज़ टिम डेविड और कैमरन ग्रीन खड़े हों.
लेकिन मोहसिन ने तय प्लान और फ़ील्ड प्लेसमेंट के अनुसार बोलिंग की.
ओवर की पहली गेंद उन्होंने ऑफ़-कटर डाली, जो बैक ऑफ़ लेंथ थी और बल्लेबाज़ को हाथ खोलने का मौक़ा नहीं मिला.
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ग्रीन ने उसे वापस बोलर की तरफ़ खेल दिया और ये डिलिवरी डॉट बॉल रही.
दूसरी गेंद पर ग्रीन किसी तरह सिंगल लेकर दूसरे छोर पर पहुँचे. अब सामने डेविड थे, जिन्होंने अब तक इस पारी में तीन गगनचुंबी छक्के लगाए थे.
इस बार उन्होंने दाएँ हाथ के बल्लेबाज़ टिम डेविड को ऑफ़ स्टंप के बाहर लेंथ पर गेंद फेंकी, जो गिरने के बाद बल्ले से दूर होती गई और वाइड भी नहीं हुई.
इस नपी तुली बोलिंग पर डेविड को करारा शॉट लगाने का मौक़ा नहीं मिला और वो सिर्फ़ डीप कवर पर एक रन के लिए स्लाइस कर पाए.
पहली तीन गेंदों पर महज़ दो रन आए थे और अब आख़िरी तीन मे जीत के लिए 9 रन बनाने थे.
अब तक लेंथ पर गिरकर बाहर को जाती हुई गेंद डालने वाले मोहसिन ने चौथी गेंद पर रणनीति बदली.
उन्होंने ग्रीन को एक ज़बरदस्त यॉर्कर मारा, जिस पर ग्रीन कोई भी रन नहीं बना सके.
पाँचवीं गेंद भी ऑफ़ स्टंप के बाहर गिरी यॉर्कर थी, जिस पर ग्रीन को एक रन ही मिल सका.
आख़िरी गेंद पर छक्का मैच को सुपर ओवर मे ले जा सकता था, लेकिन डेविड मोहसिन की ऑफ स्टंप के बाहर धीमी गेंद को जल्दी पढ़ नहीं पाए और उनके बल्ले से सिर्फ दो रन निकले. आखिरी ओवर में सिर्फ़ 5 रन ही आ सके.
इस तरह मोहसिन ख़ान ने शानदार आख़िरी ओवर डालकर 11 रन को डिफ़ेंड किया और लखनऊ 5 रनों से जीत गई.
पिता को किया समर्पित

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मैच के बाद बात करते हुए रुंधे हुए गले से मोहसिन ख़ान ने बताया कि उनके पिता पिछले 10 दिनों से हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती थे और मैच के दिन ही उन्हें छुट्टी मिली थी.
उन्होंने कहा कि ये स्पेल उनके पिता के लिए है, जिन्होंने इस मैच को टीवी पर ज़रूर देखा होगा.
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जब उनसे पूछा गया कि ओवर के दौरान दो गेदों के बीच आप लंबी साँसे क्यों ले रहे थे, तो उन्होंने कहा कि वो ख़ुद का शांत रखना चाह रहे थे.
वो हर गेंद से पहले पूरा ध्यान अपनी बोलिंग पर लगाना चाह रहे थे, इसलिए हर गेंद के बीच उन्होंने वक़्त लिया.
मोहसिन ख़ान ने इस यादगार स्पेल के लिए टीम मैनेजमेंट को भी धन्यवाद किया.
उन्होंने कहा कि पिछले मैच में ख़राब गेंदबाज़ी के बावजूद कोच और स्टाफ़ ने उनका हौसला बनाए रखा.
उन्होंने गौतम गंभीर और विजय दहिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मैच में खेलने का मौक़ा दिया जाना उनके लिए बड़ी बात थी.
एक साल के बाद वापसी

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पिछले साल आईपीएल में मोहसिन ख़ान ने 9 मैचों में 14 विकेट लिए थे और उनकी इकॉनमी भी 6 रन प्रति ओवर से कम रही.
उन्हें उस साल के सफल युवा खिलाड़ियों में एक गिना गया. उनकी गेंदबाज़ी में स्विंग और पेस दोनों का मिश्रण था, जिसकी वजह से वो नेशनल सेलेक्टर्स की निगाहों में भी आ गए थे.
लेकिन सीज़न के बाद कंधे में चोट की वजह से वो घरेलू क्रिकेट से बाहर हो गए.
पूरे साल वो चोट से जूझते रहे और किसी तह आईपीएल से पहले फ़िटनेस हासिल की. लेकिन आईपीएल के इस सीज़न में उन्होंने कुछ खास नहीं किया.
पहले मैच में उनकी बोलिंग ही नहीं आई और दूसरी बार जब उन्हें गुजरात के ख़िलाफ़ मौक़ा मिला, तो उन्होंने 42 रन ख़र्च कर डाले जिसके बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया.
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इसके बावजूद जब उन्हें मुंबई के ख़िलाफ़ फिर मौक़ा मिला, तो मोहसिन ख़ान ने समझ लिया ये उनके लिए बेहद अहम मैच हो सकता है.
उन्होंने मौक़े का पूरा फ़ायदा उठाया और संयम के साथ गेंदबाज़ी की, जिसकी वजह से उनका टीम में चुना जाना अब लगभग पक्का हो गया है.
श्रीलंका और आईपीएल के लीजेंड माने जाने वाले लसिथ मलिंगा ने भी मोहसिन ख़ान की जमकर तारीफ़ की.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "मोहसिन ख़ान ने आख़िरी ओवर में जैसा आत्मसंयम और धीरज दिखाया, उसने मुझे बहुत प्रभावित किया है. ऐसा करना किसी अनुभवी गेंदबाज़ के लिए भी आसान नहीं है. पिछले सीज़न भी हमने उन्हें बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देखा था. उनका भविष्य उज्जवल है."
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