INDvsSA: अर्शदीप और दीपक के वे तीन ओवर जिनसे भारत की झोली में आया मैच

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारतीय तेज़ गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अपनी स्विंग गेंदबाज़ी के कमाल से दक्षिण अफ्रीका को तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले टी-20 मैच में तगड़ा झटका देकर भारत की आठ विकेट से जीत की राह बना दी.
अर्शदीप ने मैच में स्विंग गेंदबाज़ी के अनुकूल माहौल को भरपूर फायदा उठाया. उन्होंने दोनों दिशाओं में गेंद को स्विंग कराने से लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज़ उनका सामना करने में असहाय नजर आ रहे हैं. वह गेंद को दोनों दिशाओं में घुमा तो रहे थे. साथ ही क़द ऊंचा होने के कारण गेंद को उछाल मिलने से भी वह घातक बन गए.
अर्शदीप सिंह के एशिया कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कैच छोड़ने की ख़ासी चर्चा थी. लेकिन आज जब उन्होंने दीपक चाहर की गेंद पर जब स्टब्स का कैच लपका, तो चाहर के चेहरे पर तो ख़ुशी थी ही, उससे ज़्यादा ख़ुशी अर्शदीप के चेहरे पर थी. यह कैच पकड़ने के बाद उन्होंने शिखर धवन की तरह ताल भी ठोकी.

भारत-दक्षिण अफ़्रीका टी-20 मैच
- तिरुअनंतपुरम में भारत ने जीता टॉस,गेंदबाज़ी चुनी
- दक्षिण अफ़्रीका - 8 विकेट पर 106 रन (20 ओवर)
- भारत - 2 विकेट पर 110 रन (16.4 ओवर)
- अर्शदीप सिंह ने 3, दीपक चाहर और हर्षल पटेल को 2-2 विकेट
- केएल राहुल 51, सूर्यकुमार यादव 52 रन, दोनों रहे नॉटआउट
- प्लेयर ऑफ़ द मैच - अर्शदीप सिंह
- तीन मैचों की सिरीज़ का दूसरा मैच - 2 अक्टूबर, गुवाहाटी

अर्शदीप को दूसरे छोर से दीपक चाहर का अच्छा सहयोग मिला.
दीपक चाहर वैसे तो विश्व कप टीम में नहीं हैं और सुरक्षित खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने पहली पांच गेंदें कप्तान तेम्बा बवुमा को आउट स्विंग फेंकी और ओवर की आख़िरी गेंद को इनस्विंग कराया और वह बोल्ड हो गए.

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अर्शदीप का कमाल का पहला ओवर
अर्शदीप सिंह ने अपने पहले ओवर में ही तीन विकेट निकालकर अपनी छाप छोड़ दी. उन्होंने दूसरी गेंद पर क्विंटन डिकॉक को बोल्ड किया तो पांचवीं गेंद पर रोसो को विकेट के पीछे लपकवा दिया और आख़िरी गेंद पर डेविड मिलर को बोल्ड करके स्कोर चार विकेट पर आठ रन कर दिया. अर्शदीप ने चार ओवरों में 32 रन देकर तीन विकेट निकाले.
अर्शदीप ने मैच के बाद कहा, "मैं अच्छी ट्रेनिंग करके आया हूं, इसका मुझे फ़ायदा मिला. यह मालूम था कि माहौल गेंदबाज़ी के अनुकूल है, तो मैंने गेंद का टप्पा सही क्षेत्र में रखा और उसकी वजह से ही सफलताएं मिलीं."
उन्होंने कहा कि 'मैंने डेविड मिलर को जो अंदर आती गेंद पर बोल्ड किया, वह मेरा सर्वश्रेष्ठ विकेट रहा. इस प्रदर्शन पर उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया.'
अर्शदीप सिंह और दीपक चाहर का कहर यहीं नहीं रुका. दीपक ने अपने दूसरे ओवर में ट्रिस्टियन स्टब्स को लपकवाकर नौ रनों पर दक्षिण अफ्रीका की आधी टीम पेवेलियन लौटा दी. यह मौका था, जब लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका की टीम शायद20 ओवर शायद ही खेल पाए.
इस मुश्किल स्थिति में केशव महाराज ने जिस जज़्बे को दिखाया, वह भी काबिल-ए-तारीफ रहा. उनकी 41 रनों की पारी और मारक्रम, पान्रेल और रबाडा के साथ साझेदारियों का ही कमाल था, जो उनकी टीम 106 रन तक पहुंच सकी.

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कप्तान और रोहित का फ्लॉप शो
यह सही था कि दक्षिण अफ्रीका बहुत ही साधारण स्कोर बना सकी थी. लेकिन उनकी रबाडा, पार्नेल और नॉर्किया की अगुआई वाली गेंदबाजी के रहते यह खतरा था कि भारत को मुश्किल होगी.
रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ही इन मुश्किल स्थितियों के हिसाब से अपने को ढालने में सफल नहीं हो सके. दोनों ही बाहर की तरफ स्विंग होती गेंदों पर ज्यादा उछाल होने की वजह से विकेट के पीछे कैच हो गए.
भारत के दोनों विकेट 17 रन तक स्कोर तक निकल जाने पर लगने लगा कि 107 रन के लक्ष्य तक पहुंचना आसान नहीं होगा. इसकी वजह इस समय दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज़ लगातार अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे थे. इन दो विकेट निकलने के बाद केएल राहुल भी बहुत सहज नहीं दिख रहे थे.

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सूर्यकुमार यादव के आते ही माहौल बदल गया
नॉर्किया ने अपने पहले ओवर की पहली गेंद पर विराट का विकेट निकाला. यह मैका था, जब दक्षिण अफ्रीका भारत पर दवाब बनाती दिख रही थी. लेकिन सूर्यकुमार यादव ने लगातार दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर फिर से सामने वाले गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया.
सूर्यकुमार को 380 डिग्री वाला बल्लेबाज माना जाता है, क्योंकि वह मैदान में हर स्थान पर शॉट लगाने की क्षमता रखते हैं. उन्होंने एक्स्ट्रा कवर पर तो इतना बेहतरीन छक्का लगाया, जिसकी कमेंटेटर भी तारीफ करते दिखे. इस मौके पर उन्होंने बिना ताकत लगाए, सही टाइमिंग से गेंद को पवेलियन की राह दिखाई.
सूर्यकुमार की वजह से ही केएल राहुल पर भी धीरे-धीरे दबाव हट गया और उन्होंने कुछ उम्दा पिकअप शॉटों के इस्तेमाल से छक्के लगाए. यह जोड़ी दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ों पर हावी होने से भारत तेजी से लक्ष्य की तरफ बढ़ता चला गया.
केएल राहुल और सूर्यकुमार यादव दोनों नाबाद अर्धशतक लगाने में सफल रहे. राहुल का यह टी-20 क्रिकेट में 19वां अर्धशतक है.
यह ज़रूर है कि उन्होंने नाबाद 51 रन बनाने में 56 गेंदें खेलीं. पर यह समय की दरकार होने की वजह से इस पारी की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है.
इन दोनों के बीच 93 की अटूट साझेदारी ने भारत को 20 गेंदें बाकी रहते लक्ष्य तक पहुंचा दिया.

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पेस गेंदबाज़ी में दिखने लगा पैनापन
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने सीरीज़ जीती ज़रूर पर इस दौरान भारत की पेस गेंदबाज़ी बहुत ही साधारण नज़र आई थी. ऐसा लग रहा था कि यह आक्रमण ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में बहुत कारगर शायद ही रहे.
लेकिन इस मैच में भारतीय गेंदबाज़ों ने अपनी धाक जमाकर यह दिखा दिया कि उन पर भरोसा किया जा सकता है. भुवनेश्वर तो इस मैच में नहीं खेले पर हर्षल पटेल के रंगत में आने से आक्रमण धारदार दिखने लगा है.
स्पिन गेंदबाज़ी में अक्षर पटेल अपनी छाप पहले ही छोड़ते रहे हैं. यहां तक रविचंद्रन अश्विन की बात है तो वह भले ही विकेट नहीं ले सके पर चार ओवरों में सिर्फ आठ रन देने से उनकी अहमियत का पता चलता है.
हर्षल पटेल के रंगत में आने से भारत की डेथ ओवर्स में गेंदबाजी में सुधार हुआ है. अर्शदीप डेथ ओवर्स में थोड़े खर्चीले साबित हुए. पर पीठ की तकलीफ की वजह से इस मैच में नहीं खेले जसप्रीत बुमराह के वापस आते ही इस क्षेत्र में मज़बूती आ सकती है.
यह सिर्फ पांचवां मौका है, जब भारतीय टीम ने इस प्रारूप में पावर प्ले में पांच विकेट निकाले हैं. पिछले कुछ समय से भारतीय गेंदबाज़ पॉवरप्ले में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे.
पिछले कुछ समय से भारतीय गेंदबाज़ पावरप्ले में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे. लेकिन इस मैच में पावरप्ले में वह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं.
इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 29 रन पर पांच विकेट था, यह भारत ने 2019 में श्रीलंका के खिलाफ किया था. इसी साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी पावरप्ले में 31 रन पर पाँच विकेट निकाले थे.
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