टीम इंडिया के जिन खिलाड़ियों पर है वर्ल्ड टी20 जीत कर लाने का दारोमदार

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- Author, पराग फाटक
- पदनाम, बीबीसी मराठी
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 का पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को ख़िताबी जीत का इंतज़ार है.
विराट कोहली की कप्तानी में 2021 में जिन खिलाड़ियों पर जीत दिलाने का दारोमदार है, उनके बारे में बात करने से पहले बात टीम संयोजन की. काग़ज़ पर भारतीय टीम बेहद संतुलित दिख रही है. टीम में पांच बल्लेबाज़, एक विकेटकीपर, तीन ऑलराउंडर, तीन स्पिनर और तीन तेज़ गेंदबाज़ मौजूद हैं.
वर्ल्ड कप के मुक़ाबले शुरू होने से पहले ही भारतीय कप्तान विराट कोहली ने स्पष्ट कहा है कि रोहित शर्मा और केएल राहुल भारत के लिए पारी की शुरुआत करेंगे. हालांकि टीम के पास ईशान किशन के रूप में विकल्प मौजूद होगा. किशन को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ अभ्यास मैच में मौका भी मिला था.
बहरहाल, भारतीय टीम 24 अक्टूबर को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक हाईप्रोफ़ाइल मुक़ाबले से वर्ल्ड कप में अपना अभियान शुरू करेगी.
एक नज़र भारतीय टीम पर-

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विराट कोहली (कप्तान)
भारतीय कप्तान विराट कोहली को टी-20 क्रिकेट का रन मशीन माना जाता है. 2014 और 2016 के वर्ल्ड टी-20 में मैन ऑफ़ द सिरीज़ का ख़िताब विराट कोहली को ही मिला था.
टी-20 क्रिकेट में विराट कोहली लंबे समय तक दुनिया के शीर्ष बल्लेबाज़ रहे हैं, हालांकि इन दिनों विश्व रैंकिंग में वे चौथे पायदान पर हैं. टी-20 क्रिकेट लीग आईपीएल में भी सर्वाधिक रन उनके बल्ले से निकले हैं.
लेकिन इस बार उनकी कप्तानी सवालों के घेरे में है. कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम एक बार भी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत सकी है. उन्होंने टूर्नामेंट के पहले ही घोषणा की है कि वे इसके बाद टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ देंगे. ऐसे में उनकी कोशिश कप्तान के तौर पर कम से कम एक आईसीसी ट्रॉफ़ी हासिल करने की ज़रूर होगी.
रोहित शर्मा
रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के हिटमैन हैं. टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा के कंधों पर टीम को बेहतरीन शुरुआत देने का दबाव है. वे टीम के बेहद अनुभवी खिलाड़ी हैं और उनका प्रदर्शन भी टी-20 क्रिकेट में अच्छा रहा है. रोहित की ख़ासियत ये है कि वे बेहतरीन स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाज़ी करते हैं और टीम की पारी को बेहद मज़बूती से खड़ा करने का माद्दा भी उनमें है.
रोहित शर्मा के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस की टीम पांच बार आईपीएल चैंपियनशिप का ख़िताब जीत चुकी है. रोहित टी-20 क्रिकेट में चार शतक बना चुके हैं.
एक महीने पहले उन्होंने इंग्लैंड के दौरे पर भी शतक बनाया लेकिन फिर अपने फॉर्म को बरकरार नहीं रख सके.
के.एल. राहुल
केएल राहुल क्रिकेट के सभी फॉरमेट के विशेषज्ञ बल्लेबाज़ हैं, लेकिन टी-20 क्रिकेट में वे भारत के आधार स्तंभ हैं. वे टीम की ज़रूरत के मुताबिक किसी भी क्रम में खेलने की काबिलियत रखते हैं.
उनकी बल्लेबाज़ी की सबसे ख़ास बात यह है कि वे क्रिकेट का हर शाट खेल सकते हैं और कम समय में ताबड़तोड़ रन बटोर सकते हैं. ज़रूरत पड़ने पर वह विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं.

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इंटरनेशनल टी-20 क्रिकेट रैंकिंग में, वे दुनिया के शीर्ष दस खिलाड़ियों में शुमार हैं. इंग्लैंड दौरे में भी उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है. हाल में आईपीएल के ख़त्म हुए सीज़न के दौरान भी उन्होंने दिखाया कि वे टी-20 वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार ने भारतीय वनडे टीम और टी-20 टीम में 30 साल की उम्र के आसपास कदम रखा, लेकिन उनके पास घरेलू क्रिकेट और आईपीएल टूर्नामेंट में खेलने का लंबा अनुभव है.
वे पहली बार वर्ल्ड लेवल के टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि वे इस मौके को हरसंभव भुनाने की कोशिश करेंगे. आईपीएल में सूर्य कुमार कोलकाता नाइटराइडर्स और मुंबई इंडियंस की ओर से अलग-अलग बल्लेबाज़ी क्रम पर खेल चुके हैं. पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ वसीम अकरम ने उन्हें गेम चेंज़र बताया है.
ऋषभ पंत
ऋषभ पंत को महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी माना जाता है. युवा बल्लेबाज़ के तौर पर उन्होंने कई तूफ़ानी पारी खेलकर विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया है.
उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉरमेट में अबतक बेहतरीन प्रदर्शन किया है. करियर के शुरुआती दिनों में उनकी विकेटकीपिंग तकनीक पर लोग सवाल उठाते थे, लेकिन बीते दो साल में उन्होंने अपनी तकनीक में काफ़ी सुधार किया है.

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हालांकि उनकी बल्लेबाज़ी में एक खामी अभी भी नज़र आती है. मुश्किल पिच और क्वालिटी गेंदबाज़ों के सामने वे संघर्ष करते नज़र आते हैं. उन्हें यह भी समझना होगा कि इस बेहद अहम टूर्नामेंट में एडवेंचर वाले शाट्स खेलकर विकेट गंवाना टीम पर भार पड़ सकता है. उनपर विकेटकीपिंग के अलावा तेज़ तर्रार बल्लेबाज़ी का दारोमदार होगा.
ईशान किशन
ईशान किशन को आक्रामक बल्लेबाज़ी के आधार पर टीम में चुना गया है. वे विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं. लेकिन उन्हें शिखर धवन की जगह टीम में बतौर बल्लेबाज़ जगह मिली है. मौका मिलने पर वे रोहित शर्मा के साथ टीम इंडिया के लिए ओपनिंग भी कर सकते हैं.
ईशान किशन ने आईपीएल में गुजरात लायंस और मुंबई इंडियंस की ओर से शानदार प्रदर्शन किया है. ऐसे में वे वर्ल्ड टी-20 में मिले पहले मौके को निश्चित तौर पर यादगार बनाना चाहेंगे.

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रविंद्र जडेजा
रविंद्र जड़ेजा एक बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर खुद को कई बार साबित कर चुके हैं. वे आक्रामक बल्लेबाज़ी, स्पिन गेंदबाज़ी के साथ साथ बेहतरीन फ़ील्डिंग करते रहे हैं.
उनके पास टेस्ट, वनडे और टी-20 में खेलने का बहुत लंबा अनुभव है. जडेजा जब गेंदबाज़ी करने आते हैं तो बल्लेबाज़ उन पर लंबे शाट्स नहीं खेल पाते हैं. विपक्षी टीम की कोई जोड़ी जब मैदान में जम जाती है तो जड़ेजा साझेदारी तोड़ने में अहम भूमिका निभात रहे हैं इतना ही नहीं वे खुद बल्लेबाज़ी करने के दौरान तेजी से रन बटोरते हैं. समय के साथ उनकी बल्लेबाज़ी में तेज़ी से सुधार होता दिखा है. वे हर मैच में फील्डिंग से दस रन बचा लेते हैं और असंभव कैच लपक कर बल्लेबाज़ को पवेलियन का रास्ता दिखाते हैं.
आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की चौथी ख़िताबी जीत में उनका अहम योगदान रहा है. जड़ेजा इन दिनों ज़ोरदार फॉर्म में भी चल रहे हैं.
हार्दिक पांड्या
हार्दिक पांड्या भी मौजूदा टीम के बेहद अहम सदस्य हैं. वे आक्रामक अंदाज़ में रन बटोर सकते हैं. किसी भी जोड़ी को तोड़ने का दमखम रखने वाले गेंदबाज़ हैं और शानदार फ़ील्डिंग भी करते हैं.
चोटिल होने की वजह से वे इंग्लैंड दौर पर शामिल नहीं थे. हाल में समाप्त हुए आईपीएल टूर्नामेंट में उन्होंने मुंबई इंडियंस की ओर से कुछ मैचों में हिस्सा ज़रूर लिया, लेकिन उन्होंने गेंदबाज़ी नहीं की थी.
अगर वर्ल्ड कप टी-20 में हार्दिक प्लेइंग इलेवन में शामिल होते हैं तो टीम का संतुलन बढ़ेगा. उनकी मौजूदगी से एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ या गेंदबाज़ टीम में मौजूद होगा. वे टीम में स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ के तौर पर भी खेलने का दमखम रखते हैं. देखना होगा कि वे प्लेइंग इलेवन में जगह बना पाते हैं या नहीं.

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शार्दुल ठाकुर
अगर हार्दिक पांड्या गेंदबाज़ी के लिए उपलब्ध नहीं हों तो टीम में बॉलिंग ऑलराउंडर की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए चयन समिति ने शार्दुल ठाकुर को अंतिम पलों में चुना है. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दौरे के दौरान रोमांचक समय में शार्दुल ने बल्ले और गेंद से असरदार साबित हुए थे.
शार्दुल घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा करते आए हैं. आईपीएल में चेन्नई की चौथी ख़िताबी जीत में भी उनका अहम योगदान रहा है.
फ़ाइनल मुक़ाबले में कोलकाता के बल्लेबाज़ों पर शार्दुल ठाकुर ने वेंकटेश अय्यर के साथ दबाव बनाया. उनके खेल की सबसे बड़ी ख़ासियत यही है कि वे दबाव के पलों में भी भरोसे से खेलते दिखते हैं. तेज़ गेंदबाज़ी और भरोसेमंद बल्लेबाज़ी के चलते ही शार्दुल ठाकुर को अक्षर पटेल की जगह टीम में शामिल किया गया है.
रविचंद्रन अश्विन
वर्ल्ड टी-20 टीम में सबसे चौंकाने वाले खिलाड़ी हैं आर अश्विन. 2017 के बाद से ही वे भारत की टी-20 टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं. चयन समिति ने उनकी जगह लंबे समय से यजुवेंद्र चाहल और कुलदीप यादव को मौका दिया लेकिन इस बार चयन समिति ने अश्विन के अनुभव पर भरोसा जताया है.
अश्विन के पास अनुभव के अलावा विपक्षी बल्लेबाज़ों की मानसिकता को पढ़ कर गेंदबाज़ी करने की क्षमता है. वे पावर प्ले के दौरान भी बल्लेबाज़ों पर अंकुश लगाने का दम रखते हैं. ज़रूरत के समय में वे बल्ले से भी उपयोगी रन बना सकते हैं.
जसप्रीत बुमराह
छोटे सा रन अप, बल्लेबाज़ों को भरमाने वाला एक्शन और अविश्वसनीय मारक गेंदबाज़ी- यह जसप्रीत बुमराह की पहचान है. आईपीएल टूर्नामेंट्स के दौरान वे मुंबई इंडियंस टीम की ओर से घातक गेंदबाज़ साबित होते रहे हैं. अपनी गेंदों से वे दुनिया भर के बल्लेबाज़ों को छकाते रहे हैं.
बुमराह यॉर्कर, बाउंसर, स्लो बॉल और कटर, सबका बखूबी इस्तेमाल करते हैं. वे क्रिकेट के सभी फॉरमेट में भारत के विश्वसनीय गेंदबाज़ साबित हुए हैं. बल्लेबाज़ों पर अंकुश भी लगाना हो या उन्हें पवेलियन भेजना, बुमराह का जवाब नहीं है.
भुवनेश्वर कुमार
भुवनेश्वर कुमार ऐसे गेंदबाज़ हैं, जिनके सामने बल्लेबाज़ों को रन बनाने के लिए संघर्ष करना होता है. वे सटीक आक्रामण तो करते ही हैं, साथ में स्विंग कराकर बल्लेबाज़ों की मुश्किलें बढ़ा देते हैं.
मैच के शुरुआती और आख़िरी ओवरों में वे विकेट हासिल करने के लिए जाने जाते हैं. हालांकि चोट की वजह से वे इस सीज़न के आईपीएल में हिस्सा नहीं ले पाए हैं और ना ही इंग्लैंड दौरे पर वे शामिल थे. लेकिन अब वे पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
विराट कोहली ने टूर्नामेंट से पहले ही स्पष्ट तौर पर कहा है कि टीम की किसी भी योजना में भुवनेश्वर शामिल होंगे. भुवनेश्वर एक बेहतरीन फ़ील्डर भी हैं और उपयोगी बल्लेबाज़ी करने का दमखम भी उनमें है.
मोहम्मद शमी
भारतीय कप्तान विराट कोहनी मोहम्मद शमी की तुलना बंदूक से करते हैं. यानी ऐसा गेंदबाज़ जो सही निशाना लगा सकते हैं. शमी की ख़ासियत यह है कि वे हर तरह की गेंदबाज़ी करने में सक्षम हैं. वे लगातार बल्लेबाज़ों के पांव पर गेंद फेंक सकते हैं और लगातार बाउंसर भी फेंक सकते हैं.
वे पिच पर जम चुके बल्लेबाज़ को भी पवेलियन भेजने का दमखम रखते हैं. सटीकता और तेज़ी का बेहतरीन संतुलन उनकी गेंदबाज़ी में मौजूद है. हालांकि भारत की ओर से टी-20 खेलने का उनके पास बहुत अनुभव नहीं है, लेकिन वे आईपीएल टूर्नामेंट में दिल्ली, कोलकाता और पंजाब की टीमों की ओर से खेलते रहे हैं.

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राहुल चाहर
वर्ल्ड टी-20 के लिए जब भारतीय टीम का चयन हुआ तो इस सूची में यजुवेंद्र चाहल का नाम नहीं था. चाहल भारत की वनडे और टी-20 क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा रहे हैं लेकिन इन दिनों उनके लचर फॉर्म को देखते हुए चयनसमिति ने राहुल चाहर को मौका दिया.
इसके बाद सोशल मीडिया पर चाहल के अनुभव को लेकर बहस का दौर शुरू हो गया. इस आईपीएल सीज़न में यजुवेंद्र चाहल का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है, जबकि दूसरी ओर राहुल चाहर का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था. ऐसे में चाहर की जगह चाहल को टीम में मौका देने की मांग भी शुरू हो गई.
लेकिन राहुल चाहर टीम में बने रहे. दरअसल संयुक्त अरब अमीरात की पिच पर टीम को ऐसे स्पिनर की ज़रूरत थी जो तेज़ी से गेंद फेंक सके. राहुल चाहर इस भूमिका को निभाने के लिए चुने गए हैं. वे किसी विश्व स्तरीय टूर्नामेंट में पहली बार हिस्सा ले रहे हैं.
वरुण चक्रवर्ती
वरुण चक्रवर्ती को रहस्यमयी गेंदबाज़ माना जा रहा है. तमिल प्रीमियर लीग से निकलकर वरुण चक्रवर्ती आईपीएल में पिछले कुछ सालों से कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम के साथ जुड़े हुए हैं.
उनकी गेंदबाज़ी में काफ़ी विविधता है. अपनी गुगली से वे महेंद्र सिंह धोनी जैसे बल्लेबाज़ को चकमा दे चुके हैं. उनकी सबसे बड़ी ख़ासियत यही है कि वे लगातार विकेट हासिल करते रहे हैं और बल्लेबाज़ उनकी गेंदों पर बहुत तेज़ी से रन नहीं बटोर सकते. इस वर्ल्ड कप में वे भारतीय टीम के लिए भरोसेमंद हथियार साबित हो सकते हैं.

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रिज़र्व प्लेयर
श्रेयस अय्यर, दीपक चाहर और अक्षर पटेल टीम के रिज़र्व खिलाड़ी हैं. कोरोना संबंधित नियमों के मुताबिक ज़रूरत पड़ने पर इन तीन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जा सकता है.
नेट्स प्रैक्टिस के लिए गेंदबाज़
नेट्स प्रैक्टिस के लिए भी टीम के साथ कुछ खिलाड़ियों को रखा गया ताकि बल्लेबाज़ों को विभिन्न गेंदों पर अभ्यास का मौका मिल सके. जिन खिलाड़ियों को नेट्स पर गेंदबाज़ी के लिए रखा गया है, वे हैं- उमरान मलिक, हर्षल पटेल, वेंकटेश अय्यर, आवेश ख़ान, लुकमान मेरीवाला, कर्ण शर्मा, शाहबाज़ अहमद और क्रुशनाप्पा गौतम.
ये सभी खिलाड़ी भी वर्ल्ड टी-20 के दौरान टीम के साथ मौजूद रहेंगे. मुख्य खिलाड़ियों के घायल होने की स्थिति में आईसीसी की तकनीकी टीम से अनुमति मिलने के बाद इन खिलाड़ियों को भी टीम में मौका मिल सकता है

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टीम के मेंटॉर महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के पूर्व कप्तान, कैप्टन कूल और बेहतरीन फिनिशर महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के साथ पहली बार नयी भूमिका में दिखेंगे. वे भारतीय क्रिकेट टीम के मेंटॉर बनाए गए हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद धोनी पहली बार ऐसी किसी भूमिका में दिखेंगे.
धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे कामयाब कप्तान हैं और एक बेहतरीन बल्लेबाज़ भी. उनकी उपलब्धियों को देखते हुए ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें विशेष भूमिका में टीम के साथ जोड़ा है.
आईसीसी की तीनों बड़ी ट्रॉफ़ी भारत को दिला चुके महेंद्र सिंह धोनी के अनुभव का लाभ विराट कोहली लेना चाहेंगे. कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम अब तक आईसीसी का कोई टूर्नामेंट नहीं जीत सकी है. कोहली पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि टी-20 टीम के कप्तान के तौर पर यह उनका आख़िरी टूर्नामेंट है.

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मुख्य कोच का आख़िरी टूर्नामेंट
वर्ल्ड टी-20 के दौरान रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर चीफ़ कोच आख़िरी बार नज़र आएंगे, ऐसे में भारतीय टीम उनको ख़िताबी जीत के साथ यादगार विदाई देना चाहेगी.
मुख्य कोच रवि शास्त्री के सहयोगी स्टॉफ़ में बल्लेबाज़ी कोच विक्रम राठौर, गेंदबाज़ी कोच भरत अरूण और फ़ील्डिंग कोच आर. श्रीधर शामिल हैं. इनमें भी बदलाव संभव है.
अब तक वर्ल्ड टी-20 में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रदर्शन :
- 2007- विजेता
- 2009- शुरुआती दौर में बाहर
- 2010- सुपर 8
- 2012- सुपर 8
- 2014- उपविजेता
- 2016- सेमीफ़ाइनल
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