टोक्यो ओलंपिक डायरी: हाईटेक जापानी वॉशरूम

- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, टोक्यो से
जापान अपनी अत्याधुनिक रोबोटिक्स से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए मशहूर है.
जापान में रोबोट का इस्तेमाल रेस्तरां और अस्पताल समेत कई जगहों पर होता है. सोनी, पैनासोनिक, शार्प और हिताची सहित जापान के दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भारतीय घरों में भी अपनी जगह बना चुके हैं. सुज़ुकी, टोयोटा, निसान और होंडा जैसे जापानी वाहन निर्माताओं की कारें भारतीय सड़कों पर बड़ी संख्या में दौड़ रही हैं, लेकिन इन सबकी बात फिर कभी करेंगे.
सबसे पहले मैं आपको जापानी वॉशरूम के बारे में बताऊंगा जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया है. वास्तव में, किसी भी शहर के होटल में चेक इन करने के बाद मैं वहां के वॉशरूम को सबसे पहले देखता हूं. मेरा मानना है कि वॉशरूम की साफ-सफाई और मौजूद सामाग्री से होटल की सुविधाओं और हाउसकीपिंग का अंदाज़ा हो जाता है.
यदि शौचालय में टपकने वाला नल हो या तौलिया गंदा हो, सस्ते शैम्पू- साबुन हों तो यक़ीन मानिए होटल की दूसरी सुविधाएं भी उतनी ही ख़राब होंगी.

इसीलिए, मैं अपने होटल के कमरे में सबसे पहले वॉशरूम देखना चाहता था. हालांकि यह बहुत बड़ा नहीं था, पर साफ़ सुथरा था. यहां के तौलिये एकदम सफ़ेद और साफ़ थे. वॉशरूम में जो शैंपू और साबुन थे, उनके ब्रैंड्स के बारे में मैंने पहले नहीं सुना था, लेकिन वे बेहद स्टाइलिश बोतलों में भरे थे. लेकिन इन बातों में कुछ भी तो ख़ास नहीं है. दरअसल मुझे वॉशरूम की उच्च तकनीक ने बेहद प्रभावित किया.
शौचालय की सीट के बगल में दीवार पर पांच पुश बटन के साथ एक पैनल है: फ़्लश, सीट का तापमान बढ़ाने घटाने वाले सेटिंग बटन, नोज़ल स्प्रे (इसकी गति आप बढ़ा या घटा सकते हैं), वॉश बेसिन (जिसकी चौड़ाई आप कम ज्यादा कर सकते हैं) व शावर और स्टॉप बटन.
आपने इस तरह का वॉशरूम और कहाँ देखा है? मैंने तो अब तक कहीं नहीं देखा था.

मैंने यह ज़रूर सुना था कि जापानी लोग अपने वॉशरूम पर काफ़ी खर्च करते हैं, लेकिन मैं कभी इसके डिटेल्स में नहीं गया था. मैंने यहां पाया कि कुछ वॉशरूम तो और भी उन्नत हैं, जिसमें ऑटोमेटेड डियोडरेंट की सुविधा के साथ बिना टच किए टॉयलेट शीट को ऊंचा करने की सुविधा होती है.
होटल के कमरे भी बहुत आरामदायक हैं. कमरा बहुत छोटा है, लेकिन साफ़ सुथरा है. यहां बेहतरीन एलईडी टीवी और शानदार केतली के अलावा माइक्रोवेव ओवन और एक एयर प्यूरीफ़ायर भी मौजूद है, हालांकि एयर प्यूरीफ़ायर का इस्तेमाल अब तक मैंने नहीं किया है.
वैसे कमरे में पूरी तरह से स्वचालित वॉशिंग मशीन (यहां इसे वॉशर कहते हैं) को देखकर मुझे अचरज हुआ. मैंने कभी ऐसी वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल नहीं किया था और ऐसे में मुझे यक़ीन नहीं हो रहा था कि मैं इसका इस्तेमाल कर पाऊंगा, ख़ासकर तब जब सारे निर्देश जापानी भाषा में लिखे थे.
इसलिए, मैंने हाउसकीपिंग स्टाफ़ को बुलाया. उसने मुझसे कहा कि केवल दो बटन दबाने की ज़रूरत है. मैंने बस वही किया और कुछ ही मिनटों के बाद मुझे धुले और सूखे कपड़े मिल गए. तो, यहां किसी भी कपड़े के धोने पर पैसे ख़र्च करने की कोई ज़रूरत नहीं है. लेकिन इससे भी अहम यह है कि कोविड संकट के दौरान मेरे कपड़े किसी दूसरे के संपर्क में नहीं आएंगे.
यहां के अख़बारों में छपी ख़बरों के मुताबिक टोक्यो में कोविड संक्रमण काफ़ी बढ़ गया है. मंगलवार को यहां संक्रमण के 1400 नए मामलों का पता चला जबकि पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 830 का था.
कमरे में एक ट्राउज़र प्रेस मशीन भी है जिसकी मदद से आप प्रेस कर सकते हैं. मैंने अभी इसका इस्तेमाल नहीं किया है. टोक्यो में अभी केवल चार- पाँच दिन हुए हैं. मैं यहां ओलंपिक खेलों को कवर करने आया हूं और इसे कवर करते हुए मुझे तीन सप्ताह और रहना है.
देखते हैं तब तक कौन कौन सी अत्याधुनिक तकनीक मुझे चौंकाती है.
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