टोक्यो ओलंपिक: भारतीय महिला हॉकी टीम को मिला टिकट

हॉकी इंडिया, भारतीय महिला हॉकी टीम, टोक्यो ओलंपिक 2020

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    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

आख़िरकार भारतीय महिला हॉकी टीम ने अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों का टिकट हासिल कर ही लिया.

भारत ने अमरीका के ख़िलाफ़ ओलंपिक क्वालिफायर के दो चरणों के मैच में गोल अंतर के आधार पर टोक्यो ओलंपिक 2020 में अपनी जगह पक्की की.

हालांकि भारतीय महिला हॉकी टीम शनिवार को खेले गए दूसरे चरण के मैच में अमरीका से 4-1 से हार गई. लेकिन पहले चरण के मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अमरीका को 5-1 से हराया था, इसलिए गोल अंतर भारतीय महिला टीम के पक्ष में गया.

दोनों मैच में गोल अंतर के आधार पर भारतीय महिला टीम 6-5 से आगे रही.

शनिवार को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में भारतीय महिला हॉकी टीम की सांस खेल के 48वें मिनट तक गले में अटकी रही क्योंकि तब तक अमरीकी टीम 4-0 की मज़बूत बढ़त के साथ मैच पर अपना नियंत्रण बनाए हुए थी.

रानी रामपाल

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इमेज कैप्शन, कप्तान रानी रामपाल (फ़ाइल फ़ोटो)

कप्तान रानी रामपाल के गोल से मिला ओलंपिक का टिकट

अमरीकी टीम को ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लिए केवल एक और गोल की ज़रूरत थी, लेकिन खेल के 48वें मिनट में भारत की कप्तान रानी रामपाल को 'डी' में गेंद मिली और उसके बाद उन्होंने अमरीकी गोलकीपर को छकाते हुए गोल कर दिया.

बस यही गोल भारतीय महिला टीम के लिए ब्रहास्त्र साबित हुआ. इसके बाद भारतीय टीम ने पूरे जोश और होश के साथ अमरीकी टीम का सामना किया और उसे कोई और गोल नहीं करने दिया.

इसके पहले अमरीका की अमांडा मागदान ने खेल के पांचवे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में सन्नाटा फैला दिया.

इसके बाद 14वें मिनट में अमरीकी कप्तान कैथरीन शर्के ने मैदानी गोल कर बढ़त 2-0 कर दी. अमरीका के लिए तीसरा गोल 20वें मिनट में एलीसा पार्कर ने किया. चौथा और आखिरी गोल 28वें मिनट में अमांडा मागदान ने किया.

लगातार चार गोल खाकर भारतीय महिला टीम ने रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए अमरीका के काउंटर अटैक को लगातार विफल किया.

जो भी हो आखिरकार भारतीय महिला टीम ने एक गोल कर जैसे तैसे अपनी जान बचाई और गोल अंतर के आधार पर ओलंपिक में जगह बनाने की अपनी पहली चुनौती पार की.

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पहले चरण के मैच में जीती थीं भारतीय महिलाएं

इससे पहले शुक्रवार को खेले गए पहले चरण के मैच में भारत ने गुरजीत कौर के दो, लिलिमा मिंज, शर्मिला देवी और नवनीत कौर के एक-एक गोल की मदद से अमरीकी टीम को 5-1 से हराया था.

अमरीकी टीम के लिए एकमात्र गोल एरिन मैटसन ने किया था.

हैरानी की बात है कि जिस टीम ने एक दिन पहले ही अमरीकी टीम को 5-1 से हराया था उसे अगले ही दिन 4-1 से हार का सामना करना पड़ा.

अमरीका के ख़िलाफ़ 31 मैचों में केवल पांच जीत का रिकॉर्ड

यह भारतीय महिला हॉकी टीम का अमरीकी टीम के ख़िलाफ़ 31वां मैच था जिसमें से भारतीय टीम को केवल पांच मैच में जीत मिली है. 17 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा जबकि नौ मैच ड्रा रहे. इस रिकार्ड को देखते हुए भारतीय टीम के प्रदर्शन को बुरा नहीं कहा जा सकता.

पुरुष हॉकी टीम ने भी टोक्यो का टिकट हासिल किया

इसके बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी टोक्यो का टिकट हासिल कर लिया.

भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में ही भारत ने ओलंपिक क्वालिफायर के दो चरण के दोनों मैचों में रूस को आसानी से मात दी.

भारत ने पहले चरण के मैच में रूस को 4-2 से और दूसरे चरण के मैच में 7-1 से हराया. दोनो मैच में जीत के बाद भारतीय पुरूष टीम को गोल अंतर से जीतने की ज़रूरत ही नही पड़ी.

शनिवार को भारतीय पुरूष टीम की 7-1 की जीत में रूपिंदर सिंह ने हैट्रिक सहित तीन, आकाशदीप सिंह ने दो, ललित उपाध्याय और नीलकंठ शर्मा ने एक-एक गोल किया.

रूस के लिए इकलौता गोल खेल के पहले ही मिनट में एलेक्सी सोबोलेवस्की ने किया. लेकिन इसके बाद मैच में भारत ही छाया रहा.

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