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ओली रॉबिन्सन: पहले टेस्ट के पहले ही दिन क्यों होना पड़ा शर्मिंदा
न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के गेंदबाज़ ओली रॉबिन्सन को अपने पुराने ट्वीट्स के कारण माफ़ी मांगनी पड़ी है.
27 वर्षीय ओली रॉबिन्सन का ये पहला क्रिकेट टेस्ट मैच है. इस टेस्ट मैच के पहले दिन रॉबिन्सन ने दो विकेट लिए.
लेकिन चर्चा उनके प्रदर्शन की नहीं बल्कि वर्ष 2012 और 2013 में उनके ट्वीट्स की हो रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल उनके पुराने ट्वीट्स को काफ़ी सुर्ख़ियाँ मिल रही हैं.
पहले दिन का खेल ख़त्म होने के बाद रॉबिन्सन ने तैयार किया हुआ बयान पढ़ा. उन्होंने कहा- "आठ साल पहले मैंने जो नस्लवादी और सेक्सिस्ट ट्वीट किए थे, उसके लिए मैं शर्मिंदा हूँ. इन ट्वीट्स को आज सार्वजनिक किया गया है. मुझे खेद है और निश्चित रूप से मैंने आज सबक सीखा है."
उन्होंने आगे कहा, "मैंने जो भी किया, उस पर मुझे काफ़ी खेद है. ऐसी टिप्पणी को लेकर मैं शर्मिंदा हूँ."
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने बीबीसी स्पोर्ट से कहा, "इस समय उनके ट्वीट्स को लेकर ही चर्चा हो रही है. जबकि हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए थी कि उन्होंने कितनी बेहतर गेंदबाज़ी की. सबके लिए ये एक संदेश है कि पुराने ट्वीट्स भी आपको परेशान कर सकते हैं."
रॉबिन्सन ने आगे कहा, "मैं अपने साथी खिलाड़ियों, खेल और उन सभी लोगों से बिना शर्त माफ़ी मांगता हूँ, जिनका मैंने दिल दुखाया है."
उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि आठ साल पहले उन्होंने जो किया है, उसके कारण मेरे टीम के साथियों और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की कोशिशों को कम करके आँका जाए. इस दिशा में मैं उनकी सार्थक पहल का पूरा समर्थन करता हूँ.
ईसीबी पर सवाल
मूल रूप से केंट के रहने वाले रॉबिन्सन ने वर्ष 2013 में यॉर्कशायर की ओर से खेलना शुरू किया था. लेकिन उनके लिए घर से दूर रहना मुश्किल हो रहा था. वर्ष 2014 में यॉर्कशायर ने उन्हें टीम से निकाल दिया.
बुधवार को रॉबिन्सन ने कहा, "मैं बेपरवाह और ग़ैर ज़िम्मेदार था. उस समय मेरी मन:स्थिति जैसी भी थी, जो मैंने किया उसे माफ़ नहीं किया जा सकता. उस समय से एक व्यक्ति के रूप में मैं परिपक्व हुआ हूँ. मैं अपने ट्वीट्स पर खेद व्यक्त करता हूँ. आज का दिन मेरी कोशिशों और मेरे पहले टेस्ट के बारे में होना चाहिए था, लेकिन पहले के मेरे व्यवहार ने इस पर धब्बा लगा दिया है."
इंग्लैड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि ये काफ़ी चौंकाने वाली बात है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी को रॉबिन्सन की टेस्ट क्रिकेट में एंट्री से पहले उनके ट्वीट्स के बारे में जानकारी नहीं थी.
उन्होंने कहा कि ईसीबी को अपने बारे में भी सोचना चाहिए. जब आप किसी खिलाड़ी को चुनते हैं या किसी को नौकरी पर रखते हैं, तो आप उनके बारे में सारी जानकारियाँ हासिल करते हैं. वॉन ने कहा कि उन्हें इस बात पर हैरत है कि रॉबिन्सन को टीम में लेने से पहले ऐसा नहीं किया गया.
माइकल वॉन ने कहा कि टेस्ट के पहले दिन खिलाड़ी जब मैदान पर आए तो काफ़ी स्पष्ट स्लोगन था- क्रिकेट सबके लिए है. लेकिन इस अभियान के पहले ही दिन ऐसा होना काफ़ी डरावना है.
जाँच
ईसीबी ने कहा है कि वो अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत इस मामले की पूरी जाँच शुरू करेगा.
ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम हैरिसन ने कहा, "अपनी निराशा व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. चाहे कितने ही पुराने ट्वीट्स हों, लेकिन मैं इस पर काफ़ी निराश हूँ कि कैसे इंग्लैंड का एक पुरुष क्रिकेटर इस तरह के ट्वीट्स लिख सकता है."
उन्होंने कहा- "कोई भी व्यक्ति इन ट्वीट्स को पढ़ेगा, ख़ासकर महिलाएँ और एक ख़ास रंग के व्यक्ति, तो उनके सामने क्रिकेट और क्रिकेटर्स की ऐसी छवि जाएगी, जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. हम इससे बहुत बेहतर हैं."
माइकल वॉन ने अपने 82 टेस्ट मैचों में से 51 में कप्तानी की है. उन्होंने कहा, "रॉबिन्सन को पूरा श्रेय इस बात के लिए कि उन्होंने सोचा होगा कि वे इस पर बात करेंगे कि उन्होंने कितनी अच्छी गेंदबाज़ी की है, लेकिन पाँच मिनट बाद उन्हें कुछ और बयान पढ़ना पड़ा."
उन्होंने कहा कि ये रॉबिन्सन के लिए एक सबक है. रॉबिन्सन ने कहा है कि उन्हें अभी आगे जाना है, और वे सीखने और सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं. वॉन का कहना है कि रॉबिन्सन ही कर सकते हैं.
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