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आईपीएलः पृथ्वी शॉ के प्रदर्शन और ऑस्ट्रेलिया टूर से ड्रॉप होने का कनेक्शन
- Author, टीम बीबीसी हिंदी
- पदनाम, नई दिल्ली
एक रन से हार का ग़म हमेशा बना रहता है चाहे आप कितने भी मैच क्यों न जीत लें.
गुरुवार को आईपीएल में खेले गए 25वें मुक़ाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ मैच को एकतरफ़ा बनाते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की.
हालांकि, इस मैच को एकतरफ़ा बनाने में उसके फ़ॉर्म में चल रहे दो बल्लेबाज़ों की बड़ी भूमिका रही. जी हां.. हम बात कर रहे हैं पृथ्वी शॉ और शिखर धवन की.
हालांकि, गुरुवार को ही आईपीएल का पहला मुक़ाबला मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया और वहां भी क्विंटन डिकॉक की बल्लेबाज़ी ने मैच को एकतरफ़ा बना दिया था.
लेकिन आईपीएल के दूसरे मैच की चर्चाएं काफ़ी हुईं और उसकी वजह भी थी.
चारों दिशाओं में लगाते शॉट
दिल्ली के बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ ने अब तक टीम के सात मुक़ाबलों में 82, 21 53, 7, 32, 2 और 72 रनों की पारी खेली है.
गुरुवार रात को खेली गई पारी उनका इस सीज़न में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है. हालांकि, ऑरेंज कैप अभी उन्हीं के टीम के साथी शिखर धवन के पास है.
धवन ने कोलकाता के ख़िलाफ़ 46 रनों की पारी खेली थे और उनके 7 मैचों में 311 रन हैं. उनके बाद चेन्नई सुपरकिंग्स के फ़ाफ़ डु प्लेसिस हैं जिनके 6 मैचों में 270 रन हैं और फिर उसके बाद पृथ्वी का नंबर आता है जिनके 7 मैचों में 269 रन हैं.
पृथ्वी शॉ की काबिलियत पर किसी को शक नहीं है. उनकी बल्लेबाज़ी की तकनीक उनकी कहानी कह देती है. कोलकाता के ख़िलाफ़ उन्होंने हर दिशा में बड़ी आसानी से शॉट लगाए.
पोस्ट मैच सेरेमनी में पृथ्वी ने कहा कि वो मैच में लूज़ बॉल का इंतज़ार कर रहे थे जबकि मैच के दौरान ऐसा लग रहा था कि वो हर बॉल का इंतज़ार कर रहे थे.
उन्होंने कोलकाता के हर गेंदबाज़ पर बढ़िया शॉट लगाए. हालांकि, पैट कमिंस की एक लूज़ गेंद पर वो कैच दे बैठे. हालांकि, वो तब तक टीम की नैया पार लगा चुके थे.
सहवाग से तुलना पर क्या बोले?
पृथ्वी शॉ की बल्लेबाज़ी की तकनीक की चर्चा हमेशा से की जाती रही है और उसकी तुलना भी की जाती रही है.
पोस्ट मैच सेरेमनी के दौरान प्रेज़ेंटर हर्षा भोगले ने मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार देते समय पृथ्वी शॉ से पूछ लिया कि उनकी बैटिंग टेक्नीक में उन्हें वीरेंद्र सहवाग की छवि दिखती है.
इस पर पृथ्वी ने कहा कि इस पर उन्होंने कभी ध्यान नहीं दिया लेकिन अगर उन्हें वीरेंद्र सहवाग से बात करने का मौक़ा मिलेगा तो वो इस पर उनसे ज़रूर बात करेंगे.
पृथ्वी शॉ आईपीएल में अब तक कोई बड़ा कमाल नहीं दिखा पाए हैं. 2019 में उन्होंने ज़रूर 16 मैचों में 353 रन बनाए थे लेकिन पिछले आईपीएल सीज़न में वो सिर्फ़ 228 रन ही बना पाए थे.
इस बार के सीज़न में उनकी इस ताबड़तोड़ परफ़ॉर्मेंस की आख़िर वजह क्या है?
नई फ़ॉर्म पर क्या बोले पृथ्वी
पृथ्वी शॉ ने बताया कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में ख़राब प्रदर्शन के कारण उन्हें ड्रॉप कर दिया गया था जिससे वो काफ़ी निराश हुए थे और इसने उन्हें अपनी तकनीक पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया था.
उन्होंने कहा, "मेरे पिता ने मेरी बहुत मदद की. ऑस्ट्रेलिया टूर से ड्रॉप होने के बाद मैं ख़ुद से ख़ुश नहीं था कि मैं क्या कर रहा हूं. मेरे पिता ने मुझसे कहा कि मैं अपना नैचुरल गेम खेलूं और कड़ी मेहनत करूं."
"मेरे पिता ने कहा कि टैलेंट ही सबकुछ नहीं दिलाता है. कड़ी मेहनत करके उसे वापस पाया जाता है. इस सबने मेरे सामने लक्ष्य रखा और मैंने कड़ी मेहनत की. क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते हैं, कई नाकामियां मेरे सामने आई हैं लेकिन मैं उनके बारे में नहीं सोच रहा हूं."
दिसंबर 2020 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पृथ्वी शॉ एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में शून्य पर आउट हुए थे जबकि दूसरी पारी में उन्होंने सिर्फ़ 4 रन बनाए थे.
हालांकि, घरेलू क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने रिकॉर्ड बना डाला. मुंबई की ओर से खेलते हुए उन्होंने विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में 8 मैचों में 827 रनों का रिकॉर्ड बनाया था.
दिल्ली कैपिटल्स की क्या है तैयारी
आईपीएल में अब तक 7 में से 5 मैचों में जीत दर्ज कर दिल्ली कैपिटल्स कप्तान ऋषभ पंत ने दिखा दिया है उनकी टीम में काफ़ी माद्दा है.
इसी के साथ ही प्वाइंट टेबल में उनकी टीम ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को तीसरे पायदान पर धकेलते हुए दूसरे नंबर पर क़ब्ज़ा जमा लिया है जबकि चेन्नई सुपरकिंग्स शीर्ष पर है.
दिल्ली कैपिटल्स ने बैंगलोर के ख़िलाफ़ पिछले मैच में 1 रन से मात खाई थी और इसका ग़म अभी भी कप्तान ऋषभ पंत को खा रहा है इसलिए वो हर एंगल से जीत दर्ज करना चाहते हैं.
कोलकाता के ख़िलाफ़ एकतरफ़ा बन चुके मैच में भी वो एक एंगल से जीत दर्ज करना चाहते थे और वो था 'नेट रनरेट.'
उन्होंने पोस्ट मैच सेरेमनी में नेट रनरेट की वजह भी बताई.
उन्होंने कहा, "इस तरह के मैचों में हम नेट रनरेट के बारे में सोच सकते हैं क्योंकि मैच 12-13 ओवर में ही पूरा हो रहा था. अगर हम ऐसे मैचों में अतिरिक्त रनरेट पॉइंट्स ले लेते हैं तो यह हमारे लिए अच्छा है."
सीज़न के आख़िरी समय में नेट रनरेट पर बहुत कुछ निर्भर करता है.
गेंदबाज़ी में भी है दम
दिल्ली कैपिटल्स को पृथ्वी शॉ की पारी ने बहुत हद तक जीत दिलाई हो लेकिन इसमें गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग की भूमिका को भी नहीं भुलाया जा सकता है.
इसके कारण दिल्ली ने कोलकाता को सिर्फ़ 154 रनों पर सीमित कर दिया था.
अक्षर पटेल और ललित यादव की जोड़ी ने दो-दो विकेट झटके.
वहीं, आवेश ख़ान और मार्कस स्टॉयनिस ने एक-एक विकेट लिया.
ललित यादव धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन से काफ़ी चौंका रहे हैं. उन्होंने सिर्फ़ तीन ओवरों में 13 रन देकर 2 विकेट झटके जो कि काफ़ी बढ़िया प्रदर्शन है जबकि उन्हें अमित मिश्रा के घायल होने के कारण टीम में जगह मिली थी.
राइट आर्म ऑफ़ ब्रेक बॉलर ललित यादव पर आने वाले समय में सबकी निगाहें जमी होंगी.
कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि 'ललित यादव और आवेश ख़ान से हम कहते हैं कि जो टीम को चाहिए सिर्फ़ आप उन पर ध्यान लगाओ. ललित यादव ऑलराउंडर हैं और वह बॉलिंग अच्छी करते हैं और उन्हें बल्लेबाज़ी के अभी मौक़े नहीं मिले हैं.'
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