भारत-इंग्लैंड टेस्ट: अच्छे विकेट पर भी लड़खड़ाया इंग्लैंड, 205 रन पर सिमटी पारी

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

इंग्लैंड के लिए अच्छे और बेहतर विकेट पर भी बल्लेबाज़ी करना बुरे सपने जैसा ही साबित हुआ और चौथे और आख़िरी टेस्ट मैच में उसकी पहली पारी पहले ही दिन चायकाल के बाद 205 रन पर सिमट गई. केवल बेन स्टोक्स 55 और डेनियल लॉरेंस 46 रन बनाकर भारतीय गेंदबाज़ों का कुछ सामना कर सके.

भारत के अक्षर पटेल ने चार, आर अश्विन ने तीन और मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट झटके.

अहमदाबाद में तीसरे टेस्ट मैच में मिली भारत की जीत से ज़्यादा चर्चा विकेट की रही. दुनिया भर के क्रिकेटरों ने स्पिनर के लिए बने बेहद मददगार विकेट की एक स्वर में आलोचना की तो कुछ खिलाड़ियों ने बल्लेबाज़ों की कमज़ोर तकनीक को भी उसका दोषी माना.

इन सबके बीच चौथे टेस्ट मैच में जब इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया तो एक नज़र में वह सही लगा क्योंकि विकेट पिछले टेस्ट मैच से बहुत बेहतर था. इसके बावजूद इंग्लैंड ने टॉस जीतने का फ़ायदा तब गँवा दिया जब भोजनकाल तक उसके तीन महत्वपूर्ण विकेट केवल 74 रन तक गिर गए.

सलामी जोड़ी ज़ै 15 रन के स्कोर पर ही पवेलियन लोट चुकी थी. ज़ैक क्रॉली नौ और डोमिनिक सिबले केवल दो रन बनाकर खब्बू स्पिनर अक्षर पटेल का शिकार बन गए.

इसके बाद इंग्लैंड को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उसके कप्तान जो रूट भी विकेट पर बहुत देर नहीं रूक सके. वह केवल पाँच रन बनाकर जसप्रीत बुमराह की जगह टीम में वापसी करने वाले तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज की गेंद पर एलबीडब्लू हो गए.

इसके बाद जॉनी बेयरस्टो और बेन स्टोक्स ने संभलकर खेलना शुरू किया. इन दोनों बल्लेबाज़ों ने चौथे विकेट के लिए 48 रन की साझेदारी भी की, और जब यह जोड़ी ख़तरनाक होती दिख रही थी तभी जॉनी बेयरस्टो 67 गेंदों का सामना करने के बाद छह चौको की मदद से बनाए गए 28 रन बनाकर मोहम्मद सिराज की गेंद पर एलबीडब्लू हो गए.

उनकी जगह ओली पोप ने ली. मोहम्मद सिराज को मिले रूट और बेयरस्टो के विकेट ने साबित किया कि विकेट में तेज़ गेंदबाज़ों के लिए भी मदद है. इससे पहले अहमदाबाद में ही खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में तो यह आलम था कि जब इंग्लैंड दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करने उतरा तो भारत के कप्तान विराट कोहली ने सौ टेस्ट मैच खेलने की उपलब्धि हासिल करने वाले तेज़ गेंदबाज़ ईशांत शर्मा और यॉर्कर के माहिर जसप्रीत बुमराह को एक ओवर तक देना मुनासिब नहीं समझा.

तब आर अश्विन और अक्षर पटेल की घातक गेंदबाज़ी के कारण इंग्लैंड की दूसरी पारी महज़ 30.4 ओवर में केवल 81 रन पर सिमट गई थी. बाद में भारत ने दो दिन से भी कम समय में इंग्लैंड को दस विकेट से मात दी और सिरीज़ में 2-1 की महत्वपूर्ण बढ़त भी हासिल की.

भोजनकाल के बाद बेयरस्टो के अलावा इंग्लैंड ने बेन स्टोक्स को भी खोया. बेन स्टोक्स 55 रन बनाकर वाशिंगटन सुंदर की गेंद पर एलबीडब्लू हुए. बेयरस्टो के आउट होने के बाद विकेट पर डेनियल लॉरेंस उतरे.

लॉरेंस ने आते ही अक्षर पटेल की लगातार दो गेंदों पर चौके लगाकर अपने आत्मविश्वास का परिचय दिया. दूसरे छोर पर खेल रहे पोप ने अपने फुटवर्क का इस्तेमाल करते हुए फ्रंट फुट पर आकर अक्षर पटेल की गेंदों का सामना किया. इस दौरान आर अश्विन विकेट टू विकेट गेंद करते रहे. चायकाल के समय इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट खोकर 144 रन था.

चायकाल के बाद इंग्लैंड के ओली पोप 29 रन बनाकर आर अश्विन की गेंद पर शुभमन गिल को कैच दे बैठे. इंग्लैंड का यह छठा विकेट 166 रन पर गिरा. आख़िरकार इंग्लैंड की पहली पारी 205 रन पर समाप्त हुई. आर अश्विन और अक्षर पटेल ने पुछल्ले बल्लेबाज़ों को निपटाने में देर नहीं की. अक्षर पटेल ने 68 रन देकर चार, आर अश्विन ने 47 रन देकर तीन और मोहम्मद सिराज ने 45 रन देकर दो विकेट हासिल किए.

जवाब में भारत की शुरूआत भी ख़राब रही और सलामी बल्लेबाज़ शुभमन गिल बिना खाता खोले जेम्स एंडरसन की तीसरी ही गेंद पर एलबीडब्लू हो गए. स्टंप के समय भारत का स्कोर एक विकेट खोकर 24 रन था. रोहित शर्मा आठ और चेतेश्वर पुजारा 15 रन बनाकर नाबाद थे.

इसके बाद हमने क्रिकेट समीक्षक विजय लोकपल्ली से बातचीत की तो उन्होंने इंग्लैंड की ऐसी हालत को लेकर कहा कि पिच अच्छी है लेकिंन गेंद घूम रही है. इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को स्पिन खेलने में महारत हासिल नही है. इसके अलावा मोहम्मद सिराज ने बेहद अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ की तरह गेंदबाज़ी की. उन्होंने जो रूट और जॉनी बेयरस्टो को छकाकर विकेट लिए जो बहुत महत्वपूर्ण थे.

इसके अलावा विजय लोकपल्ली ने कहा कि इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी मुश्किल दौर में है. पिछले दो मैच में मिली हार उनके ज़हन में बैठ गई है. पिच की अनिश्चितता इसकी वजह हो सकती है. इंग्लैंड के बल्लेबाज़ सोच में पड़ गए हैं कि पिच ऐसी है, पिच वैसी है.

विजय लोकपल्ली आगे कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्लेबाज़ों का फुटवर्क अच्छा होना चाहिए. उप महाद्वीप के विकेट पर गेंद स्पिन होती ही है. इंग्लैंड श्रीलंका में शानदार जीत हासिल करने के बाद भारत आया था लेकिन पहला मैच जीतने के बावजूद लड़खड़ा गया.

भारतीय बल्लेबाज़ों को लेकर विजय लोकपल्ली कहते हैं कि उनके सामने गेंदबाज़ी करते समय इंग्लैंड पर दबाव होगा और इससे जेम्स एंडरसन भी बच नहीं सकते. भारतीय बल्लेबाज़ भी पिछले मैच में अच्छा नहीं खेले. अब शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और कप्तान विराट कोहली पर बड़ी पारी खेलने की ज़िम्मेदारी होगी.

विजय लोकपल्ली यह भी मानते हैं कि भारतीय टीम में पहली पारी में तीन सौ से अधिक रन बनाने की क्षमता है. ऋषभ पंत को नम्बर छह पर आकर भी बेहतरीन खेलते हैं. आर अश्विन भी एक शतक जमा चुके है.

रोहित शर्मा की बल्लेबाज़ी को इस सिरीज़ का टर्निग पोइंट मानते हुए विजय लोकपल्ली कहते हैं कि उनकी बदौलत भारत ने सिरीज़ में 2-1 की बढ़त हासिल की है वरना परिणाम कुछ और ही होता.

विजय लोकपल्ली इंग्लैंड की कमज़ोर बल्लेबाज़ी का कारण उनकी सलामी जोड़ी की नाकामी भी मानते है. वह कहते हैं कि किसी भी टीम को अच्छी शुरुआत का मिलना बेहद ज़रूरी है. अब देखना है भारत दूसरे दिन कैसी बल्लेबाज़ी करता है.

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