IPL 2020: ऋद्धिमान साहा के सहारे पॉन्टिंग को पस्त कर गए वॉर्नर

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- Author, टीम बीबीसी हिन्दी
- पदनाम, नई दिल्ली
ऋद्धिमान साहा.
आईपीएल-13 में सबसे ज़्यादा चर्चित सवालों में एक ये भी है कि भारत का सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज़ कौन है?
ऐसी हर चर्चा में केएल राहुल, संजू सैमसन, ईशान किशन और ऋषभ पंत जैसे तमाम विकेटकीपर बल्लेबाज़ों के नाम गिनाए जाते रहे लेकिन हर बार ऋद्धिमान साहा को भुला दिया गया.
लेकिन, मंगलवार को साहा के बल्ले से 45 गेंदों में निकले 87 रनों ने रातों-रात उन्हें तमाम नज़रों में चढ़ा दिया.
साहा को भुलाए रखने की वजह भी थी. साहा को उनकी आईपीएल टीम सनराइज़र्स हैदराबाद ने हाशिए पर बिठा रखा था. आईपीएल-13 में उन्होंने इकलौता मैच 26 सितंबर को कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ खेला था. उस मैच में उन्होंने 31 गेंद में 30 रन बनाए थे और हैदराबाद की हार की एक वजह उनकी धीमी बल्लेबाज़ी को माना गया था.

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ग़ज़ब का दांव
कमज़ोर मानी गई ये कड़ी टीम की ताक़त भी हो सकती है, ये भरोसा न किसी एक्सपर्ट को था और न ही मंगलवार को हैदराबाद से भिड़ी दिल्ली कैपिटल्स टीम को.
लेकिन, मैच में क्या हुआ? साहा न सिर्फ़ 87 रन बनाकर मैच के टॉप स्कोरर रहे बल्कि मैन ऑफ़ द मैच चुने गए. और अब उन्हें 'राइट च्वाइस' बताया जा रहा है.
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साहा सुर्ख़ियों में आए. बल्ले से पराक्रम दिखाकर अपना रुतबा बढ़ाने में कामयाब रहे लेकिन उनके ज़रिए दिल्ली कैपिटल्स की रणनीति को ध्वस्त करने का करिश्मा हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर ने किया.
एक ऐसा बल्लेबाज़ जो क़रीब एक महीने से कोई मैच खेलने मैदान में न उतरा हो, उस पर दांव लगाने के लिए बड़ी दिलेरी चाहिए. वो भी एक ऐसे मैच में जो करो या मरो की अहमियत रखता हो.
अगर हैदराबाद की टीम मंगलवार को दिल्ली के हाथों हारती तो उनके लिए प्ले ऑफ़ के दरवाजे़ लगभग बंद हो जाते.

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सही रही हर चाल
हैदराबाद के ख़िलाफ़ मुक़ाबला दिल्ली के लिए भी अहम था. दिल्ली कैपिटल्स के खाते में 14 प्वाइंट ज़रूर हैं लेकिन इस टीम ने मंगलवार के पहले लगातार दो मैच गंवाए थे और उन्हें ये भी पता था कि आख़िरी दो मैचों में उन्हें टूर्नामेंट की दो टॉप टीमों मुंबई इंडियन्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का मुक़ाबला करना है.
ऐसे में हैदराबाद के ख़िलाफ़ जीत उनके प्ले ऑफ में पहुंचने की संभावना बेहतर करने के लिए भी ज़रूरी थी.
आईपीएल-13 में अपनी प्लानिंग के ज़रिए दिल्ली कैपिटल्स की काया पलट करने वाले रिकी पॉन्टिंग को भी इसकी जानकारी रही ही होगा. दिल्ली को कामयाबी के गुरुमंत्र देने वाले पॉन्टिंग ऑस्ट्रेलिया के सबसे कामयाब कप्तान भी रहे हैं.

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विरोधियों को किया हैरान
लेकिन, मंगलवार को अपना जन्मदिन मना रहे डेविड वॉर्नर की प्लानिंग पॉन्टिंग की रणनीति पर भारी रही.
साहा उनके सबसे अहम योद्धा साबित हुए. वो एक सरप्राइज़ की तरह सामने आए और दिल्ली की सारी प्लानिंग पर पानी फेर गए. अपने उम्दा गेंदबाज़ों पर भरोसा करते हुए दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी.
टॉस भले ही दिल्ली ने जीता हो लेकिन विरोधी को चौंकाने वाले फ़ैसलों के ज़रिए मैच के बॉस डेविड वॉर्नर साबित हुए. ख़ुद को साबित करने के इरादे से मैदान पर उतरे साहा ने पहले ही ओवर से हल्ला बोल शुरू कर दिया.
साहा ने दिल्ली और टूर्नामेंट के सबसे कामयाब गेंदबाज़ कागिसो रबाडा के पहले ही ओवर में दो चौके जमाए. ये भी रणनीति का हिस्सा था. इस ओवर में 15 रन बने और जो रबाडा विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए मशहूर थे, वो ख़ुद दबाव में दिखने लगे.

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रबाडा रहे नाकाम
दिल्ली के कप्तान ने उन्हें गेंदबाज़ी आक्रमण से हटाया और फिर तीन ओवर के बाद गेंद थमाई. इस बार दबाव को कप्तान वॉर्नर ने भुनाया और रबाडा का ख़ौफ़ पूरी तरह उतार दिया. वॉर्नर ने रबाडा के दूसरे ओवर में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 22 रन जुटाए और यहीं से खेल बदल गया.
मैच के बाद साहा ने कहा, "दूसरे छोर पर वॉर्नर हों तो खेल आसान हो जाता है."
वॉर्नर ने साहा के साथ मिलकर 9.4 ओवर में ही 107 रन जोड़ दिए. मैच की तस्वीर वहीं से साफ़ हो गई.
दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने ये भी माना,"जब उन्होंने पावर प्ले में 70 से ज़्यादा रन बना लिए, हम तभी हार गए थे. "

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रनों का पहाड़
वॉर्नर 66 रन बनाकर पवेलियन लौट गए लेकिन साहा 15वें ओवर तक जमे रहे और नतीजा ये रहा कि आख़िरी पांच ओवर में स्कोरिंग रेट कम होने के बाद भी हैदराबाद की टीम 219 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही. हैदराबाद ने आख़िरी पांच ओवर में 44 रन जुटाए थे.
कप्तान वॉर्नर की प्लानिंग गेंदबाज़ी के मोर्चे पर दिखी. दिल्ली के सबसे धाकड़ बल्लेबाज़ शिखर धवन खाता भी नहीं खोल पाए. और फिर चला राशिद ख़ान का जादू. चार ओवर में सिर्फ़ सात रन देकर तीन विकेट. इनमें से दो विकेट एक ही ओवर में. जिस टीम के पास 219 रन का बड़ा स्कोर हो और राशिद ख़ान जैसा स्पिन का जादूगर हो, उसे भला कौन रोक सकता था?

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बदल गया अंदाज़
दिल्ली कैपिटल्स को पस्त करने के बाद वॉर्नर के हौसले आसमान पर हैं. मैच के बाद उन्होंने कहा, "हमारे आख़िरी दो मैच शारजाह में हैं. हम यहां 220 रन बना सकते हैं तो कौन जानता है कि हम वहां कितने रन बना लें." शारजाह का मैदान दुबई और अबू धाबी के मुक़ाबले छोटा है.
तीन मैच पहले दिल्ली कैपिटल्स टूर्नामेंट की ऐसी टीम दिख रही थी जिसे हराना सबसे मुश्किल काम था लेकिन अब उनके सामने प्ले ऑफ़ तक पहुंचने की चुनौती है.
हालांकि, दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर का दावा है कि ये हार उनकी टीम को प्रेरित करेगी.
अय्यर ने कहा, "इस टूर्नामेंट में कोई भी टीम किसी भी टीम को हरा सकती है. आरसीबी अच्छी टीम है लेकिन याद रखना चाहिए कि हम पहले उन्हें हरा चुके हैं."
हालांकि, दिल्ली कैपिटल्स को बैंगलोर के पहले मुंबई इंडियन्स का मुक़ाबला करना है.
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