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आईपीएल 2020: मुंबई, चेन्नई मज़बूत, बाक़ी टीमों का क्या है हाल
- Author, पराग पाटेकर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 13वां सीज़न शुरू होने वाला है. यह सीज़न वैसे तो अप्रैल और मई में होना था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टालना पड़ा और जगह भी बदलनी पड़ी.
एक वक़्त तो आशंका थी कि इसे कहीं रद्द न कर दिया जाए. लेकिन, बीसीसीआई ने इसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कराने का फैसला किया.
इस साल का आईपीएल 19 सितंबर से शुरू होगा और इसका फाइनल 10 नवंबर को खेला जाएगा. कोरोना को देखते हुए शायद स्टेडियम में दर्शक नहीं होंगे.
इससे पहले 2009 में आम चुनावों के कारण आधे मैचों का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया था. 2014 में भी चुनावों के कारण प्रतियोगिता का पहला हिस्सा पहला सेगमेंट यूएई में हुआ था.
मैच शारजाह, आबूधाबी और दुबई में होंगे. कुल 8 टीमें हैं जो एक-दूसरे के खिलाफ दो बार खेलेंगी.
चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011, 2018)
यह महेंद्र सिंह धोनी की टीम है. एम एस धोनी 15 अगस्त को रिटायरमेंट का ऐलान कर चुके हैं. कैप्टन कूल सफेद बॉल से होने वाली क्रिकेट में दुनिया के बेहतरीन फ़िनिशर्स में गिने जाते हैं. वे टी-20 वर्ल्ड कप, 50 ओवर वाले वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की अगुवाई कर चुके हैं. एमएस धोनी शुरू से ही सीएसके के कप्तान रहे हैं और टीम को तीन बार खिताब दिला चुके हैं. धोनी के रिटायरमेंट के ऐलान के साथ उनकी पूरी ऊर्जा अब आईपीएल जीतने पर टिकी होगी.
आईपीएल में बेहतरीन परफॉर्मेंस करने वाले सुरेश रैना ने भी धोनी के साथ ही रिटायरमेंट ले लिया है. सीएसके टीम को डैडी आर्मी के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसमें खिलाड़ियों की औसत उम्र 32 साल है. ड्वायन ब्रावो, शेन वॉटसन, इमरान ताहिर, फाफ डू प्लेसिस जैसे धाकड़ खिलाड़ी सीएसके में मौजूद हैं. टीम ने ऑलराउंडर सैम कुरैन, तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड और स्पिनर पीयूष चावला पर पैसा लगाया है. धीमी पिचों पर चेन्नई के स्पिनरों का अटैक निर्णायक साबित हो सकता है.
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
यू-19 क्रिकेटर से दुनिया के टॉप बैट्समैन बनने तक विराट कोहली ने आरसीबी के लिए पूरे 12 सीजन खेले हैं, लेकिन उनकी टीम एक बार भी यह खिताब जीत नहीं पाई है. विराट कोहली और एबी डी विलियर्स इस टीम के दो स्तंभ हैं. इसके अलावा टीम में मज़बूत बैट्समैन एरोन फिंच और बोलर केन रिचर्डसन भी जुड़ गए हैं.
दक्षिण अफ्रीकी क्रिस मौरिस पर भी टीम भरोसा कर सकती है. उमेश यादव, मोहम्मद सिराज और नवदीप सैनी तेज गेंदबाजों की तिकड़ी है. युजवेंद्र चहल, वॉशिंगटन सुंदर और पवन नेगी भी फिरकी वाली पिचों पर अहम भूमिका निभा सकते हैं. आरसीबी को दूसरे बैट्समैनों को भी जिम्मेदारी सौंपनी होगी. एक यूनिट के तौर पर खेलना और प्रदर्शन न कर पाना इस टीम की दिक्कत रही है.
किंग्स इलेवन पंजाब
केएल राहुल कप्तान, कीपर और ओपनर होंगे. उन पर काफी ज़िम्मेदारी है. क्रिस गेल और ग्लेन मैक्सवेल के साथ इस टीम के पास सबसे खतरनाक जोड़ी मौजूद है. ये दोनों ही गेम को कुछ ओवरों में इधर का उधर करने का माद्दा रखते हैं. अपने पहले खिताब के लिए जंग कर रही इस टीम ने जेम्स नीशाम, क्रिस जॉर्डन, शेल्डन कोटरेल को साथ जोड़ा है. मोहम्मद शमी तेज गेंदबाजी की अगुवाई करेंगे. मयंक अग्रवाल, सरफ़राज़ ख़ान और मंदीप सिंह भी मज़बूत सपोर्ट दे सकते हैं. रवि विश्नोई, ईशान पोरेल जैसे यू19 स्टार भी अपना प्रदर्शन दिखाने के लिए बेकरार होंगे. मुजीब उर रहमान यूएई की स्पिनरों को सपोर्ट करने वाली पिचों पर धारदार साबित हो सकते हैं. अनिल कुंबले इस टीम के नए कोच हैं और वे टीम को खिताब जिताने में लकी साबित हो सकते हैं.
दिल्ली कैपिटल्स
नए नाम और नए थिंकटैंक के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले एक साल में तेज बढ़ोतरी की है. वे प्ले ऑफ तक पहुंचे हैं. इस बार दिल्ली के सामने मुसीबत दूसरी तरह की है. उनके पास शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत जैसे दिग्गज मौजूद थे. अब उनके पास अजिंक्य रहाणे, शिमरोन हतमायर और जॉनसन रॉय भी आ गए हैं. ऐसे में किसे रखना है और किसे छोड़ना है यह बड़ा मसला होगा. कागिसो रबाड़ा एक अहम फैक्टर होंगे. रविचंद्रन अश्विन और अमित मिश्रा पूरे मैच का रुख बदलने की काबिलियत रखते हैं. मार्कस स्टोइनिस, एलेक्स कैरे को अपने चांस के लिए इंतजार करना होगा. इशांत शर्मा, मोहित शर्मा और आकार पटेल भी इस टीम में हैं.
कोलकाता नाइट राइडर्स (2012, 2014)
शाहरुख खान की टीम में इस बार ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस भी होंगे जो कि इस नीलामी की सबसे ऊंची बोली थे. कोरोना ब्रेक के बाद यह महंगा तेज़ गेंदबाज विकेटों की भूख मिटाने के लिए बेकरार होगा. दिनेश कार्तिक इस टीम की अगुवाई करेंगे. एंड्रे रसेल केकेआर का ट्रंप कार्ड हैं. भारत के यू19 कप्तान शुभम गिल पर सबकी नज़रें होंगी. सुनील नारायण और कुलदीप यादव यूएई की पिचों पर कमाल दिखाने की कोशिश करेंगे. केकेआर ने वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इओइन मॉर्गन और युवा टॉम बैंटन को साथ लिया है. कमलेश नगरकोटी, शिवम मावी और प्रसिधा कृष्णा भी अच्छे तेज गेंदबाज हैं. लोकी फर्गुसन भी मारक साबित हो सकते हैं.
सनराइज़र्स हैदराबाद (2016)
ओरेंज आर्मी इस प्रतिस्पर्धा की सबसे संतुलित टीमों में से एक है. डेविड वार्नर और जॉनी बेयरस्टो ज़बरदस्त ओपनिंग कॉम्बो है. केन विलियम्सन टीम को गहराई देते हैं. मनीष पांडे गंभीर वक्त में जिताऊ साबित हो सकते हैं. अफ़ग़ानिस्तान के मोहम्मद नबी और राशिद खान भी विपक्षी टीमों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं. इनके पास यूएई में पहले से खेलने का अनुभव है. भुवनेश्वर कुमार, संदीप शर्मा, खलील अहमद और सिद्धार्थ कौल तेज गेंदबाजी को धार देंगे. ऑलराउंडर विजय शंकर अपने परफॉर्मेंस से टीम इंडिया के सेलेक्टर्स को इंप्रेस कर सकते हैं. नीलामी में सनराइजर्स ने यू19 में अच्छा प्रदर्शन कर चुके कुछ युवा खिलाड़ियों को भी चुना है.
मुंबई इंडियंस (2013, 2015, 2017, 2019)
यह आईपीएल के सबसे ज्यादा खिताब जीत चुकी टीम है. रोहित शर्मा चोटिल होने के बाद एक बार फिर से अपनी दमखम दिखाएंगे. हाल में ही पिता बने हार्दिक पंड्या अपने भाई कृनाण पंड्या के साथ मिलकर इस टीम के लिए काफी अहम साबित होंगे. केरन पोलार्ड मुंबई इंडियंस के एक मजबूत साथी हैं.
साथ ही लसिथ मलिंगा, ट्रेंट बोल्ट, मिशेल मैकलैंघन और जसप्रीत बुमराह मुंबई इंडियंस के अटैक को धार देंगे. मुंबई ने ऑस्ट्रेलियाई घातक बैट्समैन क्रिस लिन और ऑलराउंडर नैटन कूल्टर नील को चुना है. राहुल चाहर ने पिछले साल अपना कमाल दिखाया था. दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक टीम में अपनी मौजूदगी को पुख्ता करेंगे. सूर्य कुमार यादव ने घरेलू क्रिकेट में काफी रन बटोरे हैं. सूर्या के लिए यह सीजन बेहद खास साबित हो सकता है.
राजस्थान रॉयल्स (2008)
प्रयोगों के लिए जानी जाने वाली इस टीम का प्रबंधन लो प्रोफाइल खिलाड़ियों का सहारा लेने से हिचकता नहीं है. दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर बेन स्टोक्स इस टीम का सबसे बड़ा हथियार हैं. बेहतरीन बैटिंग, विकेट चटखाने की काबिलियत और जबरदस्त फील्डिंग के साथ वे विरोधी टीम के लिए एक बड़ा खतरा साबित होते हैं. स्टीवन स्मिथ और जोस बटलर किसी भी बोलिंग अटैक को झेल जाने की क्षमता रखते हैं. संजू सैमसन इस सीजन का फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे. यू19 वर्ल्ड कप के मैन ऑफ द सीरीज यशस्वी जायसवाल भी राडार पर होंगे. रियान पराग भी अहम साबित हो सकते हैं. डेविड मिलर से भी मदद मिलेगी. जोफ्रा आर्चर, जयदेव उनादकट के साथ राजस्थान के पास एक शानदार तेज गेंदबाजी भी मौजूद है.
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