#Tokyo2020: भावना जाट ने टोक्यो ओलंपिक के लिए किया क्वालिफ़ाई

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राजस्थान की भावना जाट ने इस साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया है.
उन्होंने झारखण्ड की राजधानी रांची में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 20 किलोमीटर पैदल चाल में नया राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया. राजस्थान की इस खिलाड़ी ने एक घंटा 29 मिनट और 54 सेकेंड में यह दूरी तय की.
आपको बता दें कि ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने का निर्धारित समय एक घंटा 31 मिनट है.
जापान के टोक्यो मे इस साल ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है. 24 जुलाई से शुरू हो रहा खेलों का ये महाकुंभ 9 अगस्त तक चलेगा.

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ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने के बाद न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में 24 साल की भावना ने कहा, "मेरा आज का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा. मैंने आज ये रेस एक घंटे 29 मिनट और 54 सेकंड में पूरी कर ली. मुझे लगता है कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया और अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा."
"मेरे पास तैयारी के लिए सिर्फ़ तीन महीने का समय था. उस लिहाज़ से मैंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. हालांकि मैंने अपने लिए तो एक घंटे 28 मिनट का ही समय रखा था लेकिन फिर भी मैं खुश हूं कि मैंने ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई किया."
भावना ने इससे पहले राष्ट्रीय खेलों में प्रदर्शन करते हुए यही दूरी एक घंटे 38 मिनट और 30 सेकंड में पूरी की थी.
भावना का अगला लक्ष्य ओलंपिक खेलों में देश के लिए मेडल लाना है.
वो कहती हैं, "मैं ओलंपिक के लिए जाऊंगी जहां मेरा पूरा ध्यान इस बात पर होगा कि मैं देश के लिए पदक लाऊं. साल 2019 से ही मैं अपने खेल को बेहतर बनाने में लगी हुई हूं. मेरा लक्ष्य है कि मैं ओलंपिक खेलों तक फ़िट रहूं और अपना पूरा प्रदर्शन करूं."
भावना की बचपन से ही खेल में रुचि रही है. हालांकि, वो बचपन में किसी एक ही खेल के प्रति समर्पित नहीं थीं. हर तरह के खेल में उनकी रुचि थी.
उनकी इस सफलता पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने बधाई दी है.
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इस पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने ट्वीट किया है, "भावना जाट ने #Tokyo2020 के लिए महिलाओं के वर्ग में 20 किलोमीटर पैदल चाल के लिए क्वालिफ़ाई किया है. क्वालिफ़ाई करने का समय एक घंटे 31 मिनट होता है."
एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने भी भावना की सफलता को लेकर ट्वीट किया है.
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इस साल हो रहे ओलंपिक खेल क्यों हैं ख़ास
चार साल पहले रियो में हुए ओलंपिक में 117 भारतीय खिलाड़ियों ने 15 खेलों में हिस्सा लिया था. ओलंपिक में यह भारत का सबसे बड़ा खेल दल था. लेकिन भारत को मायूसी मिली और महज़ दो मेडल से ही संतोष करना पड़ा.
अंक तालिका में भारत 67वें स्थान पर था. पीवी सिंधु ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा. बॉक्सर साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीता. जिमनास्ट दीपा कर्मकार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया लेकिन मेडल से चूक गईं.
भारतीय खिलाड़ियों के लिए टोक्यो एक नई चुनौती होगा. 24 जुलाई से शुरू होने वाला ओलंपिक 9 अगस्त तक चलेगा.

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अब तक तीरंदाज़ी, एथलेटिक्स, घुड़सवारी, हॉकी, निशानेबाज़ी और कुश्ती में भारतीय खिलाड़ी क्वालिफाई कर चुके हैं. ओलंपिक जैसे-जैसे क़रीब आएगा खिलाड़ियों की संख्या और बढ़ेगी.
भारत सरकार टारगेट ओलंपिक स्कीम (TOPS) चला रही है. यह युवा मामले और खेल मंत्रालय का फ़्लैगशिप प्रोग्राम है, जिसमें देश के शीर्ष एथलीट को सहायता दी जाती है.
इसके तहत वर्ल्ड क्लास सुविधाओं वाले इंस्टिट्यूट्स में नामी कोच से ट्रेनिंग दिलाई जाती है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना कि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शामिल हों. इससे खिलाड़ियों को उपकरण ख़रीदने में भी मदद मिलती है.

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साथ ही खिलाड़ियों को सपोर्ट स्टाफ़ जैसे ट्रेनर, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट, मेंटल ट्रेनर और फिजियोथेरपिस्ट ढूंढने में भी मदद मिलती है. इस स्कीम के तहत 87 खिलाड़ियों को चुना गया है.
निशानेबाज़ी में इस साल भारत को काफ़ी उम्मीदें हैं. ओलंपिक में मनु भाकर और सौरभ चौधरी पर सबकी नज़रें होंगी.
16 साल की मनु भाकर ने निशानेबाज़ी में वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल के साथ शानदार आग़ाज़ किया. उन्होंने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीते.
मनु 10 मीटर एयर पिस्टल में उपकरण में ख़राबी के बावजूद टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने में कामयाब रहीं. यह उनका पहला ओलंपिक होगा.
17 साल के सौरभ चौधरी ने 10 मीटर एयर पिस्टल में साल 2019 में आईएसएसएफ़ विश्व कप में दो व्यक्तिगत स्वर्ण, एक रजत और चार मिश्रित टीम स्वर्ण पदक जीते. इनके अलावा कई निशानेबाज़ ओलंपिक में अपना भाग्य आज़माएँगे.
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