Under 19 World Cup: भारत के लिए बांग्लादेश कितनी बड़ी चुनौती

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
साल 1988 में पहली बार आईसीसी ने अंडर-19 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में किया.
मेज़बान ऑस्ट्रेलिया फ़ाइनल में पाकिस्तान के हराकर पहला चैंपियन भी बना.
कौन जानता था कि उसी विश्व कप में पाकिस्तान के लिए खेलने वाले इंज़मामुल हक़, मुश्ताक़ अहमद और बासित अली बाद में पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी भी साबित होंगे.
लेकिन इससे यह तो साबित हो गया कि अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट सुनने में भले ही जूनियर क्रिकेट जैसा लगे लेकिन इसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है.
अब अंडर-19 विश्व कप का 13वां संस्करण इन दिनों दक्षिण अफ्ऱीका में चल रहा है और इसका फ़ाइनल रविवार को चार बार के चैंपियन भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा. भारत सांतवी बार इसके फाइनल में पहुंचा है. दूसरी तरफ़ बांग्लादेश तमाम उलटफेर कर पहली बार फ़ाइनल खेलेगा.
कब किसकी कप्तानी में जीता भारत
इससे पहले भारत ने साल 2000 में मोहम्मद कैफ़ की कप्तानी में पहली बार इसे जीता. उसी टीम में युवराज सिंह भी शामिल थे.
इससे बाद साल 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में भारत चैंपियन बना.

इमेज स्रोत, Getty Images
तीसरी बार भारत साल 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में और चौथी बार साल 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में चैंपियन बना.
आज पृथ्वी शॉ भारत की एकदिवसीय टीम में सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभा रहे है.
दमदार दिखी यह नई तिकड़ी
अब जब भारत पांचवी बार चैंपियन बनने के लिए बांग्लादेश का सामना करेगा तो फ़ाइनल से पहले ही भारत के यशस्वी जायसवाल घर-घर में अपनी पहचान भी बना चुके हैं, ख़ासकर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में नाबाद शतक बनाने के बाद.
वह अब तक पांच मैच खेलकर 312 रन बना चुके हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
उनके अलावा गेंदबाज़ी में रवि बिश्नोई ने पांच मैचों में 13 और कार्तिक त्यागी ने 10 विकेट झटके हैं.
ऐसा लगता है कि जैसे इस तिकड़ी के दम पर ही भारत फ़ाइनल में पहुंच गया लेकिन ऐसा भी नही है. जिस खिलाड़ी को भी मौक़ा मिला उसने अपना अहम योगदान मैच दर मैच दिया.
देखा जाए तो अभी तक पूरे टूर्नामेंट में कोई भी टीम भारत को टक्कर नही दे सकी है और किसी भी मैच में भारत के 10 विकेट नही ले सकी है.
प्रियम गर्ग की कप्तानी में भारत ने फ़ाइनल तक के सफर में न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और पाकिस्तान को मात दी.
फ़ाइनल तक का सफर
भारत ने अपने पहले ही ग्रुप मैच में श्रीलंका को 90 रन से हराकर शानदार शुरूआत की. इस मैच में भारत के चार विकेट पर 297 रन के जवाब में श्रीलंकाई टीम 207 रन बना सकी.
सलामी बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल 59, कप्तान प्रियम गर्ग 56, ध्रुव जुरैल 52, तिलक वर्मा 46 और सिद्धेष वीर नाबाद 44 रन बनाने में कामयाब रहे.
भारत के आकाश सिंह, सिद्धेष वीर और रवि बिश्नोई ने समान रूप में 2-2 विकेट अपने नाम किए.
इस मैच से यह भी साबित हो गया कि भारत के बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ पूरी फॉर्म में हैं.
अगले मैच में तो भारत ने जापान को महज़ 40 रन पर समेटा और 10 विकेट से जीत हासिल की.
अपने तीसरे और आख़िरी ग्रुप मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को डकवर्थ-लूइस नियम के आधार पर 44 रन से हराया.
क्वार्टर फ़ाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 74 रन से हार का स्वाद चखाया.
इसके बाद भारत ने सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान को हैरतअंगेज़ अंदाज़ में 10 विकेट से हराया. पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान 43.1 ओवर में 172 रन बना सका.
जवाब में जीत के लिए 173 रन का लक्ष्य भारत ने सलामी बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल के नाबाद 105 और दिव्यांश सक्सेना के नाबाद 59 रन की बदौलत बिना किसी
नुक़सान के 35.2 ओवर में ही हासिल कर लिया.

इमेज स्रोत, Getty Images
फ़ाइनल में पहुंचने के बाद भारत के कप्तान प्रियम गर्ग ने कहा कि उनकी टीम की गेंदबाज़ी सबसे अच्छी है.
उनके तीनो तेज़ गेंदबाज़ आकाश सिंह, कार्तिक त्यागी और सुशांत मिश्रा 140 किलोमीटर की रफ्तार से गेंद फेंक रहे हैं.
दोनो स्पिनर रवि बिश्नोई और अर्थव बहुत अच्छा कर रहे हैं. इनका गेंदबाज़ी पर पूरा नियंत्रण है.
वहीं यशस्वी जायसवाल का मानना है कि विश्व कप में शतक लगाना उनके लिए एक सपने के पूरे होने जैसा है.
वह तो यहां तक कहते हैं कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ लगाए गए शतक को वह पूरी ज़िंदगी नही भूलेंगे.
बांग्लादेश की ताक़त
दूसरी तरफ़ बांग्लादेश भी इस टूर्नामेंट में अभी तक भारत की तरह अजेय है.
उसने ग्रुप मैचों में स्कॉटलैंड और ज़िम्बॉब्वे को हराया जबकि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ उसका मुक़ाबला बारिश की भेंट चढ़ा.
क्वार्टर फ़ाइनल में बांग्लादेश ने दक्षिण अफ्ऱीका और सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराया.
भारत को बांग्लादेश के कुछ खिलाड़ियो से बचकर रहना होगा. इनमें सबसे पहला नाम बल्लेबाज़ महमुदूल हसन का है. उन्होंने सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 100 रन की शतकीय पारी के अलावा स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ नाबाद 35 और ज़िम्बॉब्वे के ख़िलाफ़ नाबाद 38 रन बनाए हैं.
इनके अलावा तनज़ीद हसन भी दक्षिण अफ्ऱीका के ख़िलाफ़ 80, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बारिश से रद्द हुए मैच में 34 और ज़िम्बॉब्वे के ख़िलाफ़ 32 रन बना चुके हैं.
गेंदबाज़ी में ख़ब्बू लैग स्पिनर रकिबुल हसन अभी तक 11 और ख़ब्बू तेज़ गेंदबाज़ शौरीफुल इस्लाम सात विकेट झटक चुके हैं.
अंडर-19 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों के लिए कामयाबी की पहली सीढ़ी साबित हुआ है.
शायद ही किसी देश को अंडर-19 विश्व कप ने इतने अधिक खिलाड़ी दिए हों.

इमेज स्रोत, FACEBOOK.COM/CRICKETWORLDCUP
कैफ, युवराज, विराट ही नही ढ़ेरों खिलाड़ी मिले
भारत को अभी तक इससे शुरू में बताए गए खिलाड़ियों के अलावा विराट आमरे, नयन मोंगिया, वैंकटपति राजू, पार्थिव पटेल, इरफ़ान पठान, स्टुअर्ट बिन्नी, रोबिन उथप्पा, शिखर धवन, अंबाती रायडू, सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक, मनीष पांडेय, रविंद्र जाडेजा, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत, वॉशिंगटन सुंदर, खलील अहमद, और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी मिले है. हैरान करते हैं ना इतने नाम?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














