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दक्षिण अफ़्रीका के सामने कोहली-शास्त्री के लिए क्या है सिरदर्द?
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
पिछले दिनों वेस्ट इंडीज़ को उसी की ज़मीन पर टी-20, एकदिवसीय और टेस्ट सिरीज़ में मात देकर अपनी कामयाबी का जश्न मना रही भारतीय क्रिकेट टीम अब दक्षिण अफ्रीका का सामना करेगी और वह भी अपनी ही ज़मीन पर.
दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत में तीन टी-20 और तीन टेस्ट मैच खेलेगी.
दोनों टीमों के बीच पहले टी-20 सिरीज़ खेली जाएगी जिसका पहला मैच रविवार को धर्मशाला में खेला जाएगा.
इससे पहले भारत ने अपने ही घर में इसी साल ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ दो टी-20 मैच खेले थे और दोनो में ही उसे हार का सामना करना पड़ा था.
वैसे काग़ज़ पर विराट कोहली की कप्तानी में खेलने वाली भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ बेहद मज़बूत नज़र आती है.
मज़बूत टीम इंडिया
टीम में सलामी जोड़ी शिखर धवन और रोहित शर्मा के अलावा ख़ुद कप्तान विराट कोहली, ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे और हार्दिक पांड्या जैसे धुरंधर बल्लेबाज़ शामिल हैं.
इनके अलावा गेंदबाज़ी में युवा तेज़ गेंदबाज़ नवदीप सैनी, ख़लील अहमद और दीपक चाहर क्या कुछ कर सकते हैं इसकी हल्की सी झलक इन्होंने वेस्ट इंडीज़ दौरे पर दिखा दी थी.
हार्दिक पांड्या के टीम में होने से तेज़ गेंदबाज़ी को अतिरिक्त धार मिल जाती है.
स्पिनर के तौर पर अनुभवी रविंद्र जडेजा और क्रुणाल पांड्या के अलावा वाशिंगटन सुंदर पर भरोसा किया जा सकता है.
अब टीम में इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं कि कप्तान विराट कोहली और चयनकर्ताओं को इस बात को लेकर माथापच्ची करनी पड़ती है कि टीम में किसे खिलाएं और किसे नहीं.
हालात यह है कि कुलदीप यादव और युज़वेंद्र चहल को टीम में जगह नहीं मिल पा रही.
पिछली बार भारत पड़ा था भारी
भारत ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ आखिरी बार टी-20 सिरीज़ के तीन मैच साल 2018 में उसी की ज़मीन पर खेली थी. तब भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 2-1 से हराया था.
तब भारत ने पहले मैच में पहले 203 रन बनाते हुए 28 रन से जीत हासिल की लेकिन दूसरे मैच में वह छह विकेट से हार गया. तीसरा मैच भारत मे सात रन से जीता था.
दक्षिण अफ्रीकी टीम का मुख्य दारोमदार कप्तान क्विंटन डी कॉक पर रहेगा. उनके अलावा वान डार डुसैन और बेहद अनुभवी डेविड मिलर के बल्ले से भारतीय गेंदबाज़ो को बचकर रहना होगा.
वैसे दक्षिण अफ्रीका की तेज़ गेंदबाज़ी में भी काफी धार है. कगीसो रबाडा, फ्लेक्वायो और प्रिटोरियस पर उनके कप्तान भरोसा कर सकते हैं.
रोहित को टेस्ट में मौक़ा?
इस सिरीज़ में सबकी नज़र सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा पर रहेगी, क्योंकि एकदिवसीय और टी-20 में उनकी शानदार फॉर्म को देखते हुए उन्हे दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ होने वाली टेस्ट सिरीज़ में सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभाने का अवसर मिल सकता है.
रोहित शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में चार शतक सहित 2422 रन बनाए है. उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ पिछले दिनों खेली गई टी-20 सिरीज़ के दूसरे मैच में 67 रन बनाए थे.
मैच से पहले दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर ने कहा कि उनकी टीम भारत में जीतने और अपनी छाप छोड़ने आई है.
टी20 विश्व कप पर नज़र
दूसरी तरफ भारत के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि अगले साल होने वाले विश्व टी-20 से पहले उनकी टीम के पास क़रीब 30 मैच है. अब शुरूआती दो-तीन टी-20 सिरीज़ ही इसका पैमाना है कि किस तरह भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ट संयोजन बन सकता है.
उन्होंने कहा कि नए खिलाड़ियों के लिए यह दिखाने का भी बेहतरीन अवसर है कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर उनमें कितनी क्षमता और दक्षता है.
इसे लेकर कप्तान और टीम मैनेजमैट के सामने भी यह चुनौती होती है कि वह अलग-अलग तरह की क्षमताओं वाले खिलाड़ियों के साथ कैसे टीम का संयोजन करे. विराट ने यह भी माना कि वह नए खिलाड़ियों से खुश है ख़ासकर जिस तरह से वे अपने प्रदर्शन से प्रभावित कर रहे हैं.
घरेलू और बाहरी सिरीज़ को लेकर विराट कोहली का मानना है कि अगर आप मानसिक रूप से अपने आप को सहज महसूस करते है तो हर परिस्थिति घरेलू है.
विराट कोहली ने यह भी कहा कि उनकी टीम अब हर मैच जीतना चाहती है. वह चाहे किसी भी प्रारूप की क्रिकेट हो. टी-20, एकदिवसीय या टेस्ट मैच. यही कारण है कि पिछले कुछ समय से भारतीय टीम ने देश और विदेश में शानदार प्रदर्शन किया है.
धोनी पर क्या होगा फ़ैसला?
जब तक भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ख़ुद अंतराष्ट्रीय टी-20 और एकदिवसीय क्रिकेट को अलविदा नहीं कहते तब तक विराट कोहली को प्रेस कांफ्रेंस में धोनी से जुड़े सवालों के जवाब देने ही पडेंगे.
और ऐसी ही शनिवार को भी हुआ. विराट कोहली ने अपने ही अंदाज़ में जवाब देते हुए कहा कि धोनी ने दो महीने के लिए क्रिकेट से ब्रेक लिया है. वह दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन धोनी जब तक चाहेंगे तब तक खेलते रहेंगे. वह हमेशा भारतीय क्रिकेट के लिए सोचते रहते हैं. उनका अनुभव हमेशा टीम के लिए विशेष मायने रखता है.
अब देखना है कि धोनी की जगह लेने के लिए बेताब युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ में कैसा प्रदर्शन करते है क्योंकि टेस्ट सिरीज़ में उनकी जगह ख़तरे में है.
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