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आईपीएल 2019: धोनी को उनके घर में हराकर मुंबई ने कटाया फ़ाइनल का टिकट
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आईपीएल-12 में मंगलवार को खेले गए पहले क्वालिफ़ायर में मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में छह विकेट से हरा दिया. इस जीत के साथ ही मुंबई फ़ाइनल में पहुंच गई है.
मुंबई के सामने जीत के लिए केवल 132 रनों का लक्ष्य था जो उसने सूर्यकुमार यादव के नाबाद 71 और हार्दिक पांड्या के नाबाद 13 रन की मदद से 18.3 ओवर में केवल चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.
इनके अलावा ईशान किशन ने भी 28 रनों की छोटी मगर बेहद उपयोगी पारी खेली.
बेनाम बल्लेबाज़ चमके
दूसरी तरफ चेन्नई सुपर किंग्स टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट खोकर केवल 131 रन ही बना सकी.
ज़ाहिर सी बात है जब कोई टीम अपने घरेलू मैदान पर इतना कम स्कोर बनाएगी तो उसका जीतना मुश्किल होगा ही.
मुंबई के लिए इस जीत में ख़ास बात यह रही कि उसके वे खिलाड़ी चमके जिन पर शायद ही किसी की नज़र पड़ी हो.
सूर्यकुमार यादव ने ऐसे समय विकेट पर कदम रखे जब मुंबई ने अपना पहला विकेट कप्तान रोहित शर्मा के रूप में केवल चार रन पर खो दिया था. रोहित शर्मा चार रन बनाकर दीपक चाहर का शिकार बने.
इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज़ क्विंटन डी कॉक भी 21 रन के कुल स्कोर पर आउट हो गए. उन्होंने 12 गेंदों पर केवल आठ रन बनाए और वे हरभजन सिंह का शिकार बने.
इसके बाद सूर्यकुमार यादव ने क्रीज़ पर अंगद की तरह पांव जमाया और टीम को जीत दिला कर ही वापस लौटे.
सूर्यकुमार यादव ने स्पिन के लिए मुफ़ीद समझी जा रही पिच पर हरभजन सिंह, इमरान ताहिर और रविंद्र जडेजा जैसे ख़तरनाक़ और अनुभवी स्पिनरों का बाखूबी सामना किया.
सूर्यकुमार यादव को ईशान किशन के रूप में एक समझदार साथी का साथ मिला. ईशान किशन ने 31 गेंदों पर 28 रन बनाए, इस दौरान वह लगातार सूर्यकुमार यादव को स्ट्राइक देते रहे.
इन दोनों बल्लेबाज़ों के बीच तीसरे विकेट के लिए 80 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई. जब ईशान किशन इमरान ताहिर की गेंद पर बोल्ड हुए तब मुंबई का स्कोर तीन विकेट खोकर 101 रन था.
इसके बाद कृणाल पांड्या भी इसी स्कोर पर बिना कोई रन बनाए इमरान ताहिर की गेंद पर उन्ही के हाथों लपके गए. लगातार दो विकेट लेने के बाद लगा कि चेन्नई की मैच में वापसी हो रही है हालांकि ऐसा हो ना सका.
नए बल्लेबाज़ हार्दिक पांड्या ने नाबाद 13 रन बनाकर मैच को अंजाम तक पहुंचा दिया, सूर्यकुमार यादव 54 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 71 रन बनाकर नाबाद रहे.
मैच समाप्त होने के बाद सूर्यकुमार यादव ने कहा कि नम्बर तीन और नम्बर चार के बल्लेबाज़ का तब तक विकेट पर बने रहना ज़रूरूी है जब तक मैच समाप्त ना हो जाए.
धोनी ने हार के बाद क्या कहा?
दूसरी तरफ हार के बाद धोनी ने कहा कि जो टीम अपने ही घर में छह-सात मैच खेलती है वह विकेट के बारे में बेहतर जानती है और उसे पता होता है कि कितना स्कोर ठीक है लेकिन इस मैच में ऐसा नहीं हुआ.
धोनी अपने ऊपरीक्रम के बल्लेबाज़ों की नाकामी के बारे में कहा कि अगले मैच में शायद यह सिलसिला टूट जाए.
जो भी हो मुंबई ने रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलते हुए भले ही आईपीएल की शुरुआत में कुछ हार का सामना ज़रूर किया लेकिन अंत में वे अंक तालिका में शीर्ष पर रहे और अब वे फ़ाइनल में भी पहुंच चुके हैं.
चेन्नई की ख़राब बल्लेबाज़ी
इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने जाने-पहचाने विकेट पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया.
उनका यह फ़ैसला कितना ग़लत साबित हुआ इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि मुंबई इंडियंस के गेंदबाज़ो ने उसके शुरूआती तीन विकट छह ओवर में ही केवल 32 रन पर निकाल दिए.
शुरुआती विकेट गिरने के बाद मुरली विजय पर विकट बचाने ज़िम्मेदारी आ गई जिसके चलते उनके बल्ले से निकलने वाले रनों की रफ़्तार सुस्त हो गई. मुरली विजय ने 26 गेंदों पर 26 रन बनाए.
जब मुरली विजय का विकेट गिरा तब चेन्नई का स्कोर 12.1 ओवर के बाद चार विकेट खोकर केवल 65 रन था.
मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा की हर चाल अब तक सही पड़ रही थी. उन्होंने अपने गेंदबाज़ो का बेहद शानदार इस्तेमाल किया.
यही कारण था कि मुरली विजय के बाद अंबाती रायडू और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कोई और विकेट तो गिरने नहीं दिया लेकिन यह तेज़ी से रन भी नहीं बना सके.
चेन्नई की पारी के अंत में कप्तान धोनी 29 गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर नाबाद रहे. अंबाती रायडू भी 37 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 42 रन बनाकर नाबाद रहे.
धोनी और रायडू के बीच पांचवे विकेट के लिए नाबाद 66 रनों की साझेदारी हुई. वैसे पारी के 19वें ओवर में धोनी ने लसिथ मलिंगा की दो लगातार गेंदों पर अपने ही अंदाज़ में छक्के लगाकर जैसे सोये हुए स्टेडियम को जगाया.
हालांकि आखिरी ओवर में जसप्रीत बुमराह ने अपनी यार्कर के दम पर धोनी और रायडू को शॉट्स लगाने के अधिक मौक़े नही दिए, और केवल नौ रन दिए.
इस ओवर की पहली गेंद में धोनी ने शॉट खेलने के लिए बल्ला घुमाया लेकिन बल्ला उनके हाथ से छूट गया और प्वाइंट पर खड़े इशान किशन ने उन्हें कैच आउट कर दिया. लेकिन अंपायर ने गेंद को जांचने के बाद उसे नो-बॉल करार दिया.
मुंबई के लिए राहुल चाहर ने चार ओवर में केवल 14 रन देकर दो और कृणाल पांड्या ने 21 रन देकर एक विकेट हासिल किया.
इस जीत के साथ ही मुंबई इंडियंस तो सीधे फाइनल में पहुंच गई है लेकिन चेन्नई के लिए रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. वह अभी भी आईपीएल में फाइनल को दौड़ में बनी हुई है.
उसे शुक्रवार को होने वाले दूसरे क्वालिफायर में बुधवार के होने वाले एलिमिनेटर मुक़ाबले की विजेता से खेलने का मौक़ा मिलेगा.
बुधवार को एलिमिनेटर मुक़ाबले में दिल्ली कैपिटल्स का सामना सनराइज़र्स हैदराबाद से होगा. इस मैच में हारने वाली टीम आईपीएल से बाहर हो जाएगी.
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