शाहिद अफ़रीदी को ख़ुद मनोचिकित्सक के पास ले जाऊंगा: गौतम गंभीर

पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी की आत्मकथा 'गेम चेंजर' सामने आने के बाद वह चर्चाओं में लगातार बनी हुई है. इस बार ख़ासी चर्चा अफ़रीदी की भारत के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर पर की गई टिप्पणी को लेकर हो रही है जिस पर गंभीर ने उन्हें जवाब दिया है.

मैदान पर अफ़रीदी और गंभीर के बीच ख़ासी नोंकझोंक देखने को मिली है. अब अफ़रीदी ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि भारत के इस पूर्व ओपनर खिलाड़ी के साथ उनके रवैये को लेकर समस्याएं हैं.

अफ़रीदी ने इसके अलावा लिखा है कि गंभीर का कोई व्यक्तित्व नहीं है और न ही कोई ख़ास रिकॉर्ड उनके नाम है.

इस टिप्पणी के सामने आने के बाद चुनाव प्रचार में लगे पूर्वी दिल्ली से बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर ने ट्वीट करके अफ़रीदी पर तंज़ कसा है.

उन्होंने अफ़रीदी को टैग करते हुए लिखा है कि भारत अभी भी मेडिकल टूरिज़्म के लिए पाकिस्तानियों को वीज़ा दे रहा है और वह ख़ुद उनको मनोचिकित्सक के पास लेकर जाएंगे.

अफ़रीदी ने क्या दिया जवाब?

गंभीर ने अफ़रीदी को तो जवाब दे दिया लेकिन अफ़रीदी ने थोड़ा ओर विस्तार से गंभीर के बारे में लिखा है.

उन्होंने लिखा है, "कुछ प्रतिद्वंद्विता व्यक्तिगत थीं और कुछ पेशेवर. गंभीर का अनोखा मामला है. ओह बेचारा गौतम. वह और उसका एटिट्यूड प्रॉब्लम."

अफ़रीदी ने लिखा है कि वह सकारात्मक लोगों को देखकर ख़ुश होते हैं और इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप कितने आक्रामक या प्रतिस्पर्धी हों, लेकिन आपको सकारात्मक रहना होता है और गंभीर में यह नहीं था.

भारतीय कोच ने भी उठाए सवाल

गंभीर की नकारात्मकता पर हाल में भारतीय टीम के पूर्व मेंटल कंडीशनिंग कोच पैडी अप्टन ने भी सवाल उठाए थे.

उन्होंने कहा था कि गंभीर 'मानसिक रूप से सबसे असुरक्षित, नकारात्मक और निराशावादी' थे लेकिन इसने उन्हें अपनी पीढ़ी का सबसे कामयाब बल्लेबाज़ बनने से नहीं रोका.

हालांकि, गंभीर ने इस पर भी अपना जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि वह ख़ुद को और भारतीय टीम को विश्व में बेस्ट बनाना चाहते थे इसलिए 100 रन बनाकर भी संतुष्ट नहीं होते थे और उन्होंने अप्टन को अच्छा इंसान बताया था.

जब अफ़रीदी और गंभीर की हुई थी भिड़ंत

खेल के मैदान पर गंभीर और अफ़रीदी एक-दूसरे से नज़रें नहीं मिलाते थे. 2007 में कानपुर में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एकदिवसीय मैच में दोनों खिलाड़ियों को आईसीसी की आचार संहिता तोड़ने का दोषी पाया गया था.

उस घटना पर बोलते हुए अफ़रीदी ने कहा था कि 2007 एशिया कप के दौरान गंभीर रन लेते हुए उनसे टकरा गए थे जिसके बाद अंपायर को यह मामला सुलझाना पड़ा.

अफ़रीदी ने कहा था कि उस दौरान दोनों में ज़ोरदार बहस हुए थी और दोनों ने एक-दूसरे की महिला रिश्तेदारों पर बोला था.

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