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हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का निलंबन बीसीसीआई ने क्यों हटाया
बीसीसीआई ने हार्दिक पंड्या और केएल राहुल पर लगा निलंबन तुरंत प्रभाव से हटा दिया है.
चर्चित टीवी शो 'कॉफ़ी विद करन' में महिलाओं पर कई विवादित टिप्पणियों से आलोचनाओं में घिरे टीम इंडिया के इन दोनों खिलाड़ियों को 11 जनवरी को निलंबित कर दिया गया था.
हार्दिक पंड्या और केएल राहुल के ख़िलाफ़ कदाचार के आरोपों को देखते हुए बीसीसीआई की प्रशासनिक समिति (सीओए) ने 11 जनवरी 2019 के एक इमेल के जरिए बोर्ड की संविधान के नियम 46 के तहत आरोपों की सुनवाई होने तक नियम 41 (6) के तहत उन्हें निलंबित कर दिया था.
बीसीसीआई ने कहा, "किसी भी क्रिकेटर के ख़िलाफ़ दुर्व्यवहार के जो मामले दर्ज किए जाते हैं, अंतरिम रूप से, बीसीसीआई को इसकी सुनवाई के लिए जांच अधिकारी की नियुक्ति करनी होती है, और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इस मामले में अभी यह नियुक्ति लंबित है, इसलिए प्रशासनिक समिति (सीओए) का यह मत है कि 11.01.2019 के निलंबन के आदेश को तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाना चाहिए. यह फ़ैसला एमिकस क्यूरी पीएस नरसिम्हा की सहमति से लिया गया है."
हालांकि पंड्या ने इस मामले के तूल पकड़ने पर माफ़ी भी मांग ली थी. उन्होंने अपना माफ़ीनामा ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वो शो के फॉर्मेट की वजह से भावनाओं में बह गए थे.
महिलाओं पर की गई उनकी विवादित टिप्पणियों को लेकर पंड्या को सोशल मीडिया पर नारी-विरोधी भी कहा गया था.
इस शो में पहली बार किसी क्रिकेटर ने हिस्सा लिया था. हार्दिक पंड्या के अलावा केएल राहुल भी इस शो का हिस्सा बने थे.
शो में पंड्या की कही गई बातों की महिलाविरोधी और सेक्सिस्ट बता कर बहुत आलोचना की गई. इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने पंड्या और राहुल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
दोनों खिलाड़ियों ने जवाब में बोर्ड और प्रशासनिक समिति से माफ़ी मांगी.
पंड्या ने शो में महिलाओं के साथ संबंध बनाने के बारे में दावा किया और यह भी बताया कि वो अपने माता-पिता से इस बारे में कितना खुल कर बातें करते रहे हैं.
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