..तो टी20 में ऋषभ पंत बन गए विलेन

जमैका में टी-20 मुक़ाबले में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टीम इंडिया की करारी हार की सबसे बड़ी वजह मेजबान टीम के सलामी बल्लेबाज़ इविन लुइस का शानदार शतक रहा.

हालांकि इस मुक़ाबले में भारतीय बल्लेबाज़ बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे. इसके लिए सोशल मीडिया में ऋषभ पंत को भी काफ़ी ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है.

दिल्ली के बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत जमैका में अपने करियर का दूसरा टी20 मुक़ाबला खेल रहे थे. कप्तान विराट कोहली ने उन पर भरोसा जताते हुए दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव की मौजूदगी के बीच उन्हें नंबर तीन बल्लेबाज़ के तौर पर उतारा.

धीमी रफ़्तार

इस लिहाज से ऋषभ पंत के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का सुनहरा मौका था. उन्होंने 35 गेंदों पर 38 रन बनाए भी. लेकिन उनकी इस पारी ने टीम इंडिया की रफ्तार को धीमा कर दिया.

ऋषभ पंत की इस पारी के बारे में दिल्ली के ही क्रिकेट आकाश चोपड़ा ने ट्वीट किया, "स्कोरबोर्ड पर ऋषभ पंत के 35 गेंदों पर 38 रन हैं. लेकिन ये मत कहना कि ये आईपीएल की बाद उसकी पहली पारी है, जिसमें उसे काफ़ी संघर्ष करना पड़ा."

जडेजा की झलक?

वैसे ऋषभ पंत की पारी की शुरुआत ही निराशाजनक अंदाज़ रही. उन्होंने पहली ही गेंद पर जमे हुए बल्लेबाज़ शिखर धवन को रन आउट करा दिया. पंत ने लेग साइड पर गेंद को धकलेने के बाद रन के लिए दौड़े और शिखर धवन दौड़ पड़े तो पंत ने अपना मन बदल लिया. धवन वापस अपनी क्रीज़ तक नहीं पहुंच पाए.

इस रन आउट ने चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल में हार्दिक पांड्या के रन आउट होने की याद दिला दी. टीवी प्रजेंटर मैंयती लैंगर ने ट्वीट किया है, "उस मुर्खतापूर्ण रन आउट के बाद ऋषभ पंत को रवींद्र जडेजा फ़्रेंड रिक्वेस्ट भेज सकते हैं."

एक अन्य यूजर ने लिखा है कि ऋषभ पंत टी-20 में पहली ही गेंद पर विकेट लेने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, और ये विकेट शिखर धवन का ही था.

भारतीय पारी पर अंकुश

बहरहाल, इसके बाद ऋषभ पंत अपनी पूरी पारी में संघर्ष करते नज़र आए. तेज़ और स्पिन दोनों गेंदबाज़ों के सामने पंत की ना तो टाइमिंग सही बैठ पा रही थी और ना ही शाट्स में पंच नज़र आ रहा था. इस दौरान कुछ गेंदों पर उन्हें चोट भी लगी और दो बार तो बल्ला भी शाट खेलने के क्रम में छूटा.

उनको दबाव में देखकर दूसरे छोर पर दिनेश कार्तिक ने पारी को तेज़ रफ़्तार देनी की कोशिश की और इसी कोशिश में वे भी आउट हुए. लिहाजा अच्छी शुरुआत के बाद टीम इंडिया जिस विशाल स्कोर तक पहुंच सकती थी, उस राह में ऋषभ पंत ने रोड़े अटका दिए.

वैसे 19 साल के ऋषभ पंत को भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है. आईपीएल 2017 में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम की ओर से उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था. 14 मैचों में 165 से ज़्यादा की स्ट्राइक रेट के साथ ऋषभ ने 366 रन ठोके थे.

आईपीएल के बाद वे पहली बार इंटरनेशनल पारी खेल रहे थे. माना जा रहा था कि वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ में उन्हें मौका मिलेगा, लेकिन वे बेंच पर ही बैठे रहे, जिसके बाद टीम प्रबंधन की आलोचना भी हो रही थी.

उन्होंने भारत की ओर से टी-20 मैचों में अपना डेब्यू फरवरी में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ किया था, हालांकि उस पारी में उन्होंने तीन गेंदें खेलने का मौका मिला था.

लेकिन दूसरे मौके का वो पूरा फ़ायदा नहीं उठा पाए. लेकिन ऋषभ प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं और उन्हें महेंद्र सिंह धोनी की जगह लेने के लिए उपयुक्त दावेदार माना जा रहा है.

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