पीएम मोदी से 'दोस्ती' और राहुल के आरोपों पर ऐसा क्या कहा अदानी ने, जिस पर हो रही चर्चा

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- "राहुल गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, कारोबारी के तौर पर मेरा उनपर टिप्पणी करना अच्छा नहीं है."
- "कर्ज़ किसी के कहने पर नहीं बल्कि कंपनी की रेटिंग के आधार पर मिलता है."
- "हम आज 22 राज्यों में काम कर रहे हैं और हर जगह बीजेपी की सरकार नहीं है. हमें कहीं दिक़्क़त नहीं है."
- "राहुल गांधी ने हमारे निवेश की सराहना भी की थी. मैं मानता हूं कि राहुल गांधी की नीति विकास के ख़िलाफ़ नहीं है."
- "मोदी जी से आप कोई निजी मदद नहीं ले सकते हैं. आप नीति से जुड़ी बातें कर सकते हैं."

अदानी समूह के प्रमुख गौतम अदानी ने एक इंटरव्यू में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों और नरेंद्र मोदी से 'दोस्ती' को लेकर जो कहा सोशल मीडिया पर उसकी चर्चा हो रही है.
अदानी ने कहा, "उन्हीं (राहुल गांधी) की वजह से लोग अदानी नाम जानने लगे हैं."
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर उन्होंने कहा, 'मोदी जी से आप कोई निजी मदद नहीं ले सकते हैं.' लेकिन मोदी के साथ 'उनका अनुभव अच्छा रहा है.'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी बीते काफ़ी समय से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए 'अदानी समूह' के साथ प्रधानमंत्री की 'दोस्ती' का ज़िक्र करते हैं और उन्हें 'कठघरे' में खड़ा करने की कोशिश करते हैं.
इन आरोपों पर गौतम अदानी ने कहा कि वो राहुल गांधी का 'सम्मान करते हैं' और उनके बयान को 'राजनीतिक बयानबाज़ी' मानते हैं.
निजी समाचार चैनल 'इंडिया टीवी' से बातचीत में गौतम अदानी ने कहा, "2014 के चुनाव के बाद में जो लगातार राहुल जी हमारे पर हमले किए हैं, उससे आप लोगों को भी अदानी कौन है, ये जानने का मौका मिला और उसकी वजह से आज मैं यहां (इंटरव्यू देने के लिए स्टूडियो में) हूं."
राहुल गांधी पर गौतम अदानी के बयान को लेकर कई लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर कुछ लोग अदानी के जवाब की तारीफ़ कर रहे हैं तो कुछ का कहना है कि राहुल गांधी के उठाए सवालों की वजह से अदानी को सफ़ाई देनी पड़ रही है.
इसी इंटरव्यू में अदानी ने ये भी बताया कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई के ताज होटल पर हुए चरमपंथी हमले के समय वे उसी होटल में मौजूद थे और सुरक्षा बलों ने उन्हें बचाया था.
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एशिया के सबसे अमीर और दुनिया के तीसरे सबसे अधिक अमीर गौतम अदानी ने एक साधारण हीरा कारोबारी के तौर पर बिज़नेस शुरू किया था.
हालांकि, आज उनकी कंपनी बंदरगाह, हवाइअड्डों, ऊर्जा, सौर ऊर्जा, कोयला खदानों, सीमेंट, हाउज़िंग से लेकर पेट्रो केमिकल्स जैसे क्षेत्रों में कारोबार कर रही है.
राहुल गांधी कई बार ये आरोप लगा चुके हैं कि केंद्र सरकार ने 'देश के ग़रीबों का पैसा देश के दो सबसे बड़े कारोबारी (अदानी और अंबानी) समूहों को दे दिया है.'

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राहुल गांधी के आरोप पर क्या बोले अदानी
कई राज्यों से होते हुए 'भारत जोड़ो यात्रा' जब दिल्ली पहुंची तो लाल किले पर राहुल गांधी ने एक बार फिर ये दोहराया, 'केंद्र में मोदी नहीं बल्कि अंबानी-अदानी की सरकार' है.
इन आरोपों पर जब गौतम अदानी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. मुझे लगता है कि एक कारोबारी के तौर पर मैं उनके बारे में कोई टिप्पणी करूं वो अच्छा नहीं है. वो एक सम्मानीय नेता हैं और मैं देखता हूं कि वो भी देश की प्रगति चाहते हैं."
अदानी ने कहा, "राजनीतिक आवेश में उनका एक बयान आ जाता है लेकिन मैं उसको पॉलिटकल बयानबाज़ी से ऊपर नहीं लेता हूं."
राहुल गांधी ने बीते साल फ़रवरी में ये कहा था, "मोदी सरकार ने हिंदुस्तान के सारे पोर्ट्स, सारे एयरपोर्ट्स, सारी गैस, सारी माइनिंग, सारी ग्रीन एनर्जी सब गौतम अडानी को दे दिया."
सरकारी बैंकों के कर्ज़ों पर सफ़ाई
राहुल गांधी ये भी आरोप लगाते रहे हैं कि अदानी समूह इन्फ़्रास्ट्रक्चर के अलग-अलग प्रोजेक्ट में जो पैसा लगा रहा है, वो सब सरकारी बैंकों से लिया गया कर्ज़ है.
गौतम अदानी से ये भी पूछा गया कि उनपर दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ है और वो जनता के पैसों से अपने कारोबार को बढ़ा रहे हैं. उन्होंने इस पर भी अपना पक्ष रखा और ऐसे दावों को 'ग़लत' बताया.
मोदी जी से आप कोई निजी मदद नहीं ले सकते. जो नीति बनती है उसका जो फ़ायदा सबको मिलता है वही अदानी समूह के लिए भी है. मुझे ज़िंदगी में पहला मौका राजीव गांधी की सरकार में मिला.

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कांग्रेस और मोदी के साथ रिश्ते पर क्या बोले
कांग्रेस शासित राजस्थान में 68 हज़ार करोड़ रुपये निवेश से जुड़े सवाल पर गौतम अदानी ने कहा कि निवेश के मामले में 'राहुल गांधी ने तारीफ़ की थी.'
उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि राहुल गांधी की नीति विकास के ख़िलाफ़ नहीं है. एक होती है राजनीतिक बयानबाज़ी और एक होता है सच्चा आरोप. जनता को तय करने दीजिए की सच्चाई क्या है."
अदानी समूह की क़ामयाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ होने के सवाल पर अदानी का कहना था कि ऐसे बयान सिर्फ़ वो लोग देते हैं जिन्हें 'मोदी से परेशानी है.'
उन्होंने कहा, "मोदी जी से आप कोई निजी मदद नहीं ले सकते हैं. मोदी जी करीब 12 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि उनके साथ बहुत अच्छा अनुभव रहा है."

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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इस साक्षात्कार को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोग अडानी की आलोचना कर रहे हैं तो कई लोगों ने अडानी के 'सेंस ऑफ़ ह्यूमर' की तारीफ़ की है.
एक ट्विटर यूज़र भारत पांडे ने ट्वीट किया है, "अडानी ने किसी चीज़ का आविष्कार नहीं किया, बैंकों के पैसे और राजनीतिक ताक़त का इस्तेमाल कंपनियां ख़रीदने में किया और जनता के पैसे से लोन वापस किया है."
आशीष पारीक ने लिखा है, "राहुल गांधी पर अदानी के जवाब को पसंद किया. इस इंटरव्यू में अलग स्तर की एनर्जी दीखी."
पत्रकार रजत शर्मा को रिप्लाई करते हुए एक ट्विटर यूज़र राजू के गोगोई ने पूछा है, "आप ऐसा क्यों कहते हैं कि राहुल गांधी अप्रसांगिक हैं."
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ट्विटर यूज़र अंजना ने लिखा है, 'जब मोदी उनके पास हैं तो उन्हें राहुल गांधी की क्या ज़रूरत है. मोदी उनके लिए 18 घंटे काम करते हैं, इतनी भी ज़्यादती न कीजिए.'
एक अन्य ट्विटर यूज़र ने टिप्पणी की है, 'राहुल गांधी के गौतम अदानी को निशाने पर लिए जाने के सवाल पर गौतम अदानी का जवाब कितना माज़ाकिया और दिलचस्प है.'
ट्विटर यूज़र सुजाता ने कहा है, 'राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि उनकी वजह से ही यहां मौजूद हैं. ऐसा सकारात्मक रुख़ देख कर अच्छा लगा.'
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