अक्षय कुमार को एक विज्ञापन के लिए क्यों मांगनी पड़ी माफी?

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अभिनेता अक्षय कुमार ने 'विमल इलाइची' विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद माफी मांग ली.
वो इस विज्ञापन में शाहरुख ख़ान और अजय देवगन के साथ नज़र आए थे.
बुधवार देर रात उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट में अपने प्रशंसकों से कहा कि वो इस विज्ञापन से पीछे हट रहे हैं और इससे मिलने वाले पैसों को वे किसी नेक काम के लिए दान देंगे.
अक्षय कुमार ने कहा है कि जब तक कॉन्ट्रैक्ट रहेगा तब तक ब्रैंड विज्ञापन का प्रचार करता रहेगा लेकिन वो ख़ुद को इस विज्ञापन से अलग कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि वो भविष्य में किसी भी विज्ञापन का चुनाव करते समय सतर्कता बरतेंगे.

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क्या है पूरा मामला
फिल्म इंडस्ट्री में अक्षय कुमार ऐसे कलाकारों में से एक हैं, जो अपनी फिटनेस का ख़ास ख्याल रखते हैं और समय-समय पर स्वस्थ जीवन जीने के टिप्स भी देते हैं.
जब विमल इलाइची का विज्ञापन सामने आया तो लोगों ने इसे गुटखा और तम्बाकू से जोड़ा.
लोग ट्विटर पर उनके पुराने बयान साझा करने लगे, जिसमें वह यह कहते दिख रहे हैं, "मुझे कई बड़ी-बड़ी गुटखा कंपनियों की तरफ से ऑफर मिलते हैं कि ऐड फ़िल्म करो, इसके लिए बड़ी राशि की पेशकश भी होती है लेकिन वह स्वस्थ भारत की बात में विश्वास रखते हैं."
अजय देवगन और शाहरुख ख़ान 'विमल इलाइची' की ऐड फ़िल्म में पहले दिख चुके हैं. इस बार 'मिस्टर खिलाड़ी' अक्षय कुमार की एंट्री हुई. लेकिन लोगों को ये बात रास नहीं आई और सोशल मीडिया पर उनका विरोध होने लगा, जिसके बाद अब उन्होंने माफी मांग ली.
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सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
प्रयाग नाम के एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "विमल खाने से भी स्वस्थ भारत बनता है क्या अक्षय कुमार सर?"
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एच चतुर्वेदी नाम के एक यूजर ने कुमार को लेकर अपनी निराशा जाहिर करते हुए लिखा, "भले अभिनेता ने माफी मांग ली हो लेकिन एक प्रशंसक के तौर पर उन्हें यह अच्छा नहीं लगा. उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वह तम्बाकू उत्पाद का प्रचार करेंगे जबकि हर फिल्म से पहले सैनिटरी पैड के ऐड में वह यह कहते आते हैं कि फूफू (सिगरेट पीना) न करें. पता नहीं, उन्होंने ऐसा क्यों किया."
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गोविंद शर्मा नाम के एक यूजर ने इस ऐड में कई स्टार के एक साथ होने को लेकर ट्वीट किया और इसे विज्ञापन से होने वाली कमाई से जोड़ा.
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अक्षय कुमार ने इस ऐड के लिए माफी मांगते हुए लिखा था कि उन्होंने तम्बाकू का प्रचार नहीं किया है और न ही वह ऐसा करेंगे.
सोशल मीडिया पर ऐड के लिए आलोचना करने वाले लोग इस विज्ञापन को 'सरोगेट विज्ञापन' यानी छद्म श्रेणी में भी रख रहे हैं.
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क्या होता है सरोगेट विज्ञापन?
सरोगेट विज्ञापन उस तरह के विज्ञापन को कहा जाता है, जिसके प्रचार के अंदर एक ऐसा संदेश होता है जो किसी अन्य उत्पाद के लिए होता है.
कुछ देशों में कई तरह के उत्पादों (शराब, सिगरेट) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होता है और कंपनियां इससे बचने का रास्ता निकालती हैं.
प्रतिबंधित उत्पादों को सीधे न दिखाकर किसी अन्य ब्रांड नाम के उत्पाद के साथ आती हैं और जब कभी ऐसा होता है तो लोग इसे मुख्य उत्पाद से जोड़ते हैं.

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इससे पहले भी हुए हैं ऐसे विवाद
अक्षय कुमार पहले ऐसे अभिनेता नहीं हैं, जो इस तरह के विवाद में आए हैं. पिछले साल अमिताभ बच्चन 'कमला पसंद' के विज्ञापन के लिए ट्रोल हुए थे.
बाद में अभिनेता के कार्यालय ने एक बयान जारी कर बताया था कि 'कमला पसंद' के साथ क़रार ख़त्म कर लिया गया है.
बयान में कहा गया था कि उन्हें पता नहीं था कि ये एक किस्म के छद्म विज्ञापन की श्रेणी में आता है और प्रमोशन के एवज में लिए गए पैसे भी वापस कर दिये गए हैं.
जासूस जेम्स बांड की भूमिका निभा चुके पियर्स ब्रॉन्सन को भी पान मसाला ब्रांड 'पान बहार' का ऐड करने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और लोग उनसे पूछने लगे थे कि उन्होंने इस तरह के उत्पाद का विज्ञापन क्यों किया.
हालांकि, बाद में उनका बयान आया था कि उनके साथ धोखा हुआ है और उन्हें बताया गया था कि वह एक माउथ फ्रेशनर का ऐड कर रहे हैं.
दिल्ली सरकार ने 2016 में अजय देवगन, शाहरुख ख़ान, सैफ अली ख़ान समेत अन्य कलाकारों से अपील की थी कि वे पान मसाला उत्पादों वाला विज्ञापन न करें क्योंकि इसमें सुपारी होती है और सुपारी कैंसर का कारण हो सकता है.
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